मप्र के मुख्यमंत्री ने वित्त आयोग से कहा, केंद्रीय कर पूल में राज्यों का हिस्सेदारी बढ़ाई जाए
जितेंद्र अजय
- 06 Mar 2025, 07:53 PM
- Updated: 07:53 PM
भोपाल, छह मार्च (भाषा) मध्यप्रदेश के मुख्यमंत्री मोहन यादव ने बृहस्पतिवार को 16वें वित्त आयोग से कहा कि देश के विकास को सुनिश्चित करने के लिए केंद्रीय कर पूल में राज्यों की हिस्सेदारी मौजूदा 44 प्रतिशत से बढ़ाकर 48 प्रतिशत की जाए।
यादव ने यहां कुशाभाऊ ठाकरे अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन केंद्र में 16वें केंद्रीय वित्त आयोग के अध्यक्ष और सदस्यों के साथ बैठक को संबोधित करते हुए कहा कि विकसित मध्यप्रदेश के बिना विकसित भारत का निर्माण नहीं किया जा सकता।
मुख्यमंत्री ने कहा, ‘‘राष्ट्र की ताकत राज्यों की ताकत में निहित है। इसलिए, केंद्रीय करों और राजस्व प्राप्तियों यानी अनुदानों में राज्यों की हिस्सेदारी बढ़ाई जानी चाहिए। केंद्र सरकार से अधिक वित्तीय अनुदान प्राप्त करके, राज्य अल्पावधि में अपने दीर्घकालिक लक्ष्यों को प्राप्त करने में सक्षम होंगे।’’
उन्होंने कहा कि मध्यप्रदेश कृषि, बुनियादी ढांचे, शिक्षा, स्वास्थ्य, वन, पर्यटन, शहरी विकास और औद्योगिक विकास के क्षेत्र में तेजी से प्रगति कर रहा है। उन्होंने कहा कि इन क्षेत्रों में आगे विकास के लिए केंद्र सरकार से मजबूत वित्तीय सहायता/अनुदान की आवश्यकता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हम विकसित मध्यप्रदेश के संकल्प को पूरा करेंगे। अभी राज्य का बजट लगभग 3.5 लाख करोड़ रुपये है। हमारा लक्ष्य अगले पांच वर्षों में इसे दोगुना करने का है।’’
उन्होंने पार्वती-कालीसिंध-चंबल नदी जोड़ो परियोजना में राजस्थान के साथ राज्य सरकार और ताप्ती नदी परियोजना पर महाराष्ट्र सरकार के काम पर प्रकाश डाला।
यादव ने कहा, ‘‘केंद्र सरकार ने पार्वती-कालीसिंध-चंबल राष्ट्रीय नदी जोड़ो परियोजना के लिए 90 हजार करोड़ रुपये आवंटित किए हैं। इसी तरह, हम केन-बेतवा लिंक राष्ट्रीय परियोजना के लिए उत्तर प्रदेश सरकार के साथ आगे बढ़े हैं। प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने दोनों परियोजनाओं का भूमिपूजन किया। बीस साल पहले, मध्यप्रदेश में केवल सात लाख हेक्टेयर कृषि भूमि सिंचित थी। यह आंकड़ा अब 48 लाख हेक्टेयर है।’’
वित्त आयोग के साथ बैठक में उन्होंने कहा कि राज्य सरकार की नीतियों के कारण किसान बड़े पैमाने पर संगठित खेती कर रहे हैं। हाल ही में हुए वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन (जीआईएस) और क्षेत्रीय उद्योग सम्मेलन (आरआईसी) का जिक्र करते हुए यादव ने कहा कि सरकार की 18 नई औद्योगिक नीतियों के कारण निवेशक मध्यप्रदेश आ रहे हैं।
यादव ने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश को आरआईसी और जीआईएस के माध्यम से 30.77 लाख करोड़ रुपये के निवेश प्रस्ताव मिले हैं। यह हमारे प्रति बढ़ते विश्वास का प्रतीक है। हम हर कलेक्ट्रेट में उद्योग प्रकोष्ठ बना रहे हैं, जिससे निवेशकों को जिला स्तर पर भी कोई परेशानी नहीं होगी। हम राज्य में व्यापार और कारोबार को आसान बना रहे हैं।’’
उन्होंने कहा कि यह सुनिश्चित करने के प्रयास किए जा रहे हैं कि मध्यप्रदेश देश का 20 प्रतिशत से अधिक दूध उत्पादित करे, जिससे किसानों और पशुपालकों को समृद्धि मिलेगी।
उन्होंने कहा, ‘‘मध्यप्रदेश सरकार अगले तीन वर्षों में सभी 30 लाख किसानों को सोलर पंप देगी। इससे हमारे किसान अन्नदाता के साथ-साथ ऊर्जादाता भी बनेंगे। हमारी सरकार किसानों को मात्र पांच रुपये में बिजली कनेक्शन देने जा रही है।’’
मुख्यमंत्री ने नई पहल पर भी प्रकाश डाला, जिसमें एयर एंबुलेंस सेवा भी शामिल है, जिससे गंभीर रोगियों को बड़े अस्पतालों में पहुंचाने में मदद मिली है। बैठक के दौरान यादव ने अपनी सरकार की ओर से वित्त आयोग को ज्ञापन सौंपा।
भाषा सं दिमो
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