यादवपुर विश्वविद्यालय में विरोध प्रदर्शन चौथे दिन भी जारी, राज्यपाल ने कुलपतियों की बैठक बुलाई
शफीक वैभव
- 06 Mar 2025, 07:30 PM
- Updated: 07:30 PM
कोलकाता, छह मार्च (भाषा) यादवपुर विश्वविद्यालय में विरोध-प्रदर्शन बृहस्पतिवार को लगातार चौथे दिन भी जारी रहा और स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई), ऑल इंडिया डेमोक्रेटिक स्टूडेंट्स ऑर्गनाइजेशन (एआईडीएसओ) और वामपंथी संगठनों के प्रदर्शनकारियों ने परिसर के अंदर रैलियां कीं तथा प्रशासनिक भवन के सामने धरना दिया।
इस बीच, एक वरिष्ठ अधिकारी ने बताया कि पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी.वी. आनंद बोस ने यादवपुर विश्वविद्यालय गतिरोध पर चर्चा के लिए शुक्रवार को राजभवन में कुलपतियों की एक आपात बैठक बुलाई है।
उन्होंने बताया कि यादवपुर विश्वविद्यालय के कार्यवाहक कुलपति से परिसर में छात्रों की हिंसक गतिविधियों के बारे में रिपोर्ट मिलने के बाद बोस ने यह फैसला लिया।
अधिकारी ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘राज्यपाल ने यादवपुर विश्वविद्यालय के कुलपति से तत्काल रिपोर्ट मांगी थी। रिपोर्ट मिलने के बाद कुलाधिपति ने कल (शुक्रवार) सभी कुलपतियों की एक आपात बैठक बुलाई है।’’
उधर, प्रदर्शनकारियों ने अपने साथियों पर कथित हमले के खिलाफ कार्रवाई और एक मार्च की घटना के संबंध में पश्चिम बंगाल के शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के खिलाफ कानूनी कार्यवाही की मांग की, जिसमें मंत्री की कार से कथित तौर पर टकराने के कारण दो छात्र घायल हो गए थे।
माकपा की छात्र शाखा एसएफआई के सदस्यों ने प्रशासनिक भवन के बाहर नारे लगाते हुए ढोल और डफली बजाई।
एसएफआई की यादवपुर विश्वविद्यालय इकाई के नेता रसेल परवेज ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया, ‘‘जब तक पुलिस बसु और पश्चिम बंगाल कॉलेज एवं विश्वविद्यालय प्रोफेसर एसोसिएशन (डब्ल्यूबीसीयूपीए) के सदस्य ओम प्रकाश मिश्रा के खिलाफ कानूनी कार्रवाई शुरू नहीं करती, तब तक हम अपना आंदोलन जारी रखेंगे, जिनकी गाड़ी ने परिसर से बाहर निकलते समय एक अन्य छात्र अनुभव को भी टक्कर मार दी थी।’’
परवेज ने कहा, ‘‘हम सभी छात्रों के खिलाफ झूठे मामलों को वापस लेने और एक मार्च की घटना के दौरान परिसर में लाए गए बाहरी लोगों की पहचान करने की मांग करते हैं ताकि उनके खिलाफ कार्रवाई की जा सके।’’
कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता की अस्वस्थता के बारे में परवेज ने कहा, ‘‘हम उनके शीघ्र स्वस्थ होने की कामना करते हैं, लेकिन उनकी अनुपस्थिति में हमारी मांगों को पूरा करने की प्रक्रिया को अनिश्चितकाल तक विलंबित नहीं किया जाना चाहिए।’’
यहां एक सुपर-स्पेशलिटी अस्पताल में उपचार करा रहे गुप्ता की हालत स्थिर है, लेकिन उन्हें निगरानी में रखा गया है।
चिकित्सकों के अनुसार, गुप्ता का रक्तचाप अभी उच्च स्तर पर है।
एक मार्च को अस्पताल में घायल छात्र इंद्रानुज रॉय से मिलने के दौरान आंदोलनकारी छात्रों के एक वर्ग द्वारा कथित तौर पर मारपीट किए जाने के बाद गुप्ता ने अस्वस्थ महसूस किया और उन्हें अस्पताल में भर्ती कराया गया।
भाषा शफीक