ओडिशा : चुनाव ने परिवारों में डाली ‘दरार’, पिता-पुत्र ने पकड़ी अलग राह
प्रशांत
- 10 Apr 2024, 07:33 PM
- Updated: 07:33 PM
भुवनेश्वर 10 अप्रैल (भाषा) ओडिशा में राजनीति के कम से कम तीन मंझे हुए नेता हैं जो इन चुनावों में घर से ही एक अलग तरह की चुनौती का सामना कर रहे हैं क्योंकि उनके बेटों ने प्रतिद्वंद्वी दलों के टिकट पर चुनावी मैदान में ताल ठोक दी है।
कांग्रेस नेता सुरेश राउत्रे और चिंतामणि ज्ञान समांतराय और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बिजय महापात्र के बेटे इस बार उन पार्टियों से चुनावी मैदान में किस्मत आजमा रहे हैं जिनका उनके पिता से संबंध नहीं है।
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता और निवर्तमान विधानसभा में जतानी से विधायक सुरेश राउत्रे को प्रतिद्वंद्वी बीजू जनता दल (बीजद)के टिकट से भुवनेश्वर लोकसभा सीट से लड़ रहे बेटे मनमथ राउत्रे के लिए कथित तौर पर चुनाव प्रचार करने पर ओडिशा कांग्रेस प्रदेश कमेटी (ओपीसीसी) ने कारण बताओ नोटिस जारी किया है।
कांग्रेस से छह बार के विधायक राउत्रे (80) ने इस बार चुनाव नहीं लड़ने की घोषणा की है। उन्हें राज्य की राजधानी के विभिन्न उद्यानों में अपने बेटे मनमथ के लिए प्रचार करते हुए देखा गया है।
सुरेश राउत्रे ने कहा, ‘‘मैंने किसी से अपने बेटे के पक्ष में मतदान करने करने के लिए नहीं कहा है, लेकिन जब लोग मुझसे पूछ रहे हैं कि क्या उन्हें मेरे बेटे के पक्ष में मतदान करना चाहिए, तो मैं उन्हें ‘हां’ कह रहा हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हां, मैंने लोगों से कहा है कि वे मेरे बेटे को वोट दें क्योंकि वे मुझसे पूछते हैं कि क्या करना है। अगर एआईसीसी (अखिल भारतीय कांग्रेस कमेटी) या पीसीसी मुझे सजा देना चाहती है तो मैं इसे स्वीकार करूंगा। लेकिन मैं मरते दम तक कांग्रेसी ही रहूंगा।’’
राउत्रे ने कहा कि वह हमेशा सिद्धांतवादी रहे हैं।
ओडिशा के पूर्व विधानसभा अध्यक्ष और गंजम जिले से वयोवृद्ध कांग्रेसी नेता चिंतामणि ज्ञान सामंतराय के लिए स्थिति थोड़ी और मुश्किल है। उनके दोनों बेटे चुनावी मैदान में है जिनमें से एक कांग्रेस से जबकि दूसरा भारतीय जनता पार्टी का उम्मीदवार है। वह असमंजस में हैं क्योंकि उन्हें नहीं पता कि किसे वोट दें क्योंकि उनके बेटे मुख्य प्रतिद्वंद्वी हैं।
विपक्षी भाजपा ने चिकिटी विधानसभा क्षेत्र से चिंतामणि के छोटे बेटे मनोरंजन ज्ञान सामंतराय को प्रत्याशी बनाया है जबकि कांग्रेस ने उनके बड़े बेटे रविंद्रनाथ ज्ञान सामंतराय को इसी सीट से मैदान में उतारा है।
चिंतामणि ज्ञान सामंतराय कांग्रेस के वरिष्ठ नेता हैं और चिकिटी विधानसभा सीट से तीन बार चुने जा चुके हैं। वह दो बार निर्दलीय (1980 और 1995) और एक बार कांग्रेस के टिकट पर (1985) विधानसभा चुनाव जीते।
मनोरंजन सामंतराय ने दो बार विधानसभा चुनाव लड़ा। उन्होंने पहली बार 2014 में कांग्रेस के टिकट पर जबकि दूसरी बार 2019 में भाजपा के टिकट पर चुनाव लड़ा। उनके बड़े भाई इस साल पहली बार चुनाव लड़ रहे हैं।
रविंद्रनाथ ने कहा, ‘‘ मैं अपने पिता के दौर से ही कांग्रेस में सक्रिय रहा हूं। इसका नतीजा है कि मुझे पार्टी से चुनाव लड़ने के लिए टिकट मिला है। यह लड़ाई दो विचारधाराओं की है न कि दो भाइयों की।’’
मनोरंजन ने दावा किया कि वह कई साल से राजनीति में सक्रिय हैं और भाजपा की ओर से चुनाव लड़ने का टिकट मिला है। उन्होंने कहा, ‘‘कुछ निहित स्वार्थों ने परिवार में अशांति पैदा करने के लिए मेरे भाई को कांग्रेस के टिकट पर चुनाव लड़ने के लिए उकसाया होगा। हालांकि, इसका मेरी चुनावी संभावनाओं पर कोई असर नहीं पड़ेगा।’’
चिंतामणि ज्ञान सामंतराय ने कहा कि वह खराब स्वास्थ्य के कारण किसी भी बेटे के लिए प्रचार नहीं करेंगे। हालांकि, 84 वर्षीय नेता ने कहा कि वह कांग्रेसी हैं और भाजपा की नीतियों का विरोध करेंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘मेरे छोटे बेटे का भाजपा उम्मीदवार के तौर पर चुनाव लड़ने का फैसला उसका अपना फैसला है। एक पिता के रूप में, मैं उस पर अपना फैसला नहीं थोप सकता।’’
केंद्रपाड़ा में भाजपा के वयोवृद्ध नेता और पूर्व मंत्री बिजय महापात्र भी मुश्किल में हैं। वह लंबे समय से मुख्यमंत्री नवीन पटनायक के राजनीतिक विरोधी रहे हैं।
महापात्र के बेटे अरविंद महापात्र ने बीजद के टिकट पर पत्कुरा विधानसभा क्षेत्र से नामांकन दाखिल किया है।
बिजय भाजपा में सक्रिय नहीं हैं लेकिन केंद्र में सत्तारूढ़ और राज्य में मुख्य विपक्षी पार्टी के अब भी प्राथमिक सदस्य हैं और पिछला विधानसभा चुनाव पत्कुरा से ही लड़ा था। इस बार उनका बेटा बीजद से इस सीट पर उम्मीदवार है।
बिजय ने हालांकि बेटे को बीजद में शामिल होने पर आशीर्वाद दिया था।
महापात्र गत दो दशक से बीजद का विरोध कर रहे हैं और इस बार उनका अपना बेटा उसी पार्टी से उम्मीदवार है और ऐसा प्रतीत होता है कि उन्होंने राज्य में सत्तारूढ़ दल के प्रति अपना रुख नरम किया है। कालापाड़ा में बैठक के दौरान महापात्र ने अपने बेटे का समर्थन किया।
भाजपा की केंद्रपाड़ा जिला इकाई के अध्यक्ष किशोर पांडा ने कहा, ‘‘मैंने बिजय की गतिविधियों से प्रदेश भाजपा अध्यक्ष मनमोहन सामल को अवगत करा दिया है। पार्टी जल्द ही उनके खिलाफ उचित कार्रवाई करेगी।’’
वरिष्ठ नेता बैद्यनाथ चटर्जी ने कहा कि बीजद उम्मीदवार के लिए प्रचार करना “अवैध” है भले ही वह उनका बेटा क्यों न हो क्योंकि वह अब भी भाजपा के सदस्य हैं।
भाषा धीरज