आरएसएस की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 21 से 23 मार्च तक बेंगलुरु में
ब्रजेन्द्र वैभव
- 05 Mar 2025, 08:47 PM
- Updated: 08:47 PM
नयी दिल्ली, पांच मार्च (भाषा) राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) की अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की तीन दिवसीय बैठक 21 से 23 मार्च तक कर्नाटक की राजधानी बेंगलुरु में होगी, जिसके एजेंडे में 'हिंदू जागरण' का मुद्दा भी शामिल है।
संगठन ने एक बयान में कहा कि बैठक में इस साल चलाए जाने वाले विभिन्न कार्यक्रमों और अभियानों की रूपरेखा तैयार की जाएगी तथा राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) के शताब्दी वर्ष से पहले किए जाने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
संघ इस साल विजयादशमी (दशहरा) पर अपनी स्थापना के 100 साल पूरे करेगा।
आरएसएस के अखिल भारतीय प्रचार प्रमुख सुनील आंबेकर ने एक बयान में कहा कि अखिल भारतीय प्रतिनिधि सभा की बैठक 21 मार्च से 23 मार्च तक बेंगलुरु में होगी। यह बैठक चन्नेनहल्ली स्थित जनसेवा विद्या केंद्र के परिसर में होगी।
आंबेकर ने कहा कि बैठक में 2024-25 के लिए आरएसएस की वार्षिक रिपोर्ट पर चर्चा की जाएगी।
उन्होंने कहा, "हिंदू जागृति के मुद्दे के अलावा, देश के वर्तमान परिदृश्य का विश्लेषण, जिसमें आगामी गतिविधियों पर चर्चा भी शामिल है, बैठक के एजेंडे में शामिल है।"
आंबेकर ने कहा कि बैठक में विजयादशमी पर संघ के 100 साल पूरे होने से पहले किए जाने वाले कार्यों की प्रगति की समीक्षा की जाएगी।
उन्होंने कहा, ''बैठक में विभिन्न कार्यक्रमों, समारोहों और अभियानों की रूपरेखा तैयार की जाएगी।"
उन्होंने कहा, "राष्ट्रीय मुद्दों पर दो प्रस्तावों को स्वीकार करने के लिए (बैठक में) विचार विमर्श किया जाएगा। साथ ही संघ की शाखाओं से जैसी अपेक्षा रही है, सामाजिक परिवर्तन के कार्यों, विशेष रूप से 'पंच परिवर्तन' के प्रयासों पर भी बैठक में चर्चा होने की उम्मीद है।"
बयान के अनुसार आरएसएस के 'पंच परिवर्तन' का लक्ष्य है 'भारतीय' मूल्यों के साथ 'स्व' की भावना जागृत करना, पारिवारिक मूल्यों को आत्मसात करना, सामाजिक सौहार्द को बढ़ावा देना, लोगों में पर्यावरण अनुकूल जीवनशैली अपनाने और नागरिक कर्तव्यों का पालन करने के लिए प्रेरित करना है।
बैठक में सरसंघचालक मोहन भागवत, सरकार्यवाह दत्तात्रेय होसबाले तथा सभी सह सरकार्यवाह एवं अन्य पदाधिकारियों सहित कार्यकारिणी के सदस्य उपस्थित रहेंगे।
बैठक में मुख्य रूप से निर्वाचित प्रतिनिधि, प्रांत व क्षेत्र स्तर के 1480 कार्यकर्ताओं के शामिल होने की संभावना है। बैठक में संघ से संबद्ध विविध संगठनों के राष्ट्रीय अध्यक्ष, महामंत्री एवं संगठन मंत्री भी शामिल होंगे।
भाषा ब्रजेन्द्र