महिला को परेशान करने के आरोप को लेकर मंत्री जयकुमार गोरे से विपक्षी दलों ने मांगा इस्तीफा
प्रशांत सुभाष
- 05 Mar 2025, 09:55 PM
- Updated: 09:55 PM
मुंबई, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र में विपक्षी दलों ने एक महिला को परेशान करने और उसे आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने के आरोपी मंत्री जयकुमार गोरे के इस्तीफे की बुधवार को मांग की। वहीं, गोरे ने आरोपों को खारिज करते हुए कहा कि उन्हें पहले ही अदालत ने बरी कर दिया है।
पश्चिमी महाराष्ट्र के सतारा जिले के मान विधानसभा क्षेत्र का प्रतिनिधित्व करने वाले भाजपा नेता गोरे ग्रामीण विकास और पंचायती राज मंत्री हैं। गोरे पहले कांग्रेस में थे और 2019 में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
जनवरी 2017 में उन्हें सतारा में एक महिला को अश्लील संदेश और अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने के आरोप में गिरफ्तार किया गया था।
आरोपों के बीच गोरे ने इस मुद्दे को फिर से उठाने वालों के खिलाफ विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाने की चेतावनी दी और कहा कि वह उनके खिलाफ मानहानि का मामला भी दर्ज कराएंगे।
गोरे के इस्तीफे की मांग ऐसे समय में की गई है जब एक दिन पहले ही राकांपा नेता धनंजय मुंडे ने पिछले वर्ष दिसंबर में बीड में सरपंच संतोष देशमुख की हत्या से जुड़े जबरन वसूली के एक मामले में अपने करीबी सहयोगी वाल्मिक कराड की गिरफ्तारी के बाद मंत्री पद से इस्तीफा दे दिया था।
विपक्षी दलों ने आरोपों को लेकर गोरे पर निशाना साधा और उनका इस्तीफा मांगा।
शिवसेना (उबाठा) नेता संजय राउत ने दावा किया, “जयकुमार गोरे का बहुत गंभीर मामला सामने आया है। स्वारगेट में जो हुआ (पुणे में बस के अंदर बलात्कार की घटना), वैसा ही मामला देवेंद्र फडणवीस के प्रिय मंत्री जयकुमार गोरे के बारे में सामने आया है।”
उन्होंने कहा, “मराठा सेनापति हंबीरराव मोहिते के परिवार की एक महिला ने आरोप लगाया कि उन्होंने (मंत्री ने) उनका यौन उत्पीड़न किया है। महिला विधान भवन परिसर के बाहर अनशन पर बैठेगी।”
हंबीरराव मोहिते, छत्रपति शिवाजी महाराज की सेना के मुख्य सेनापति थे।
उन्होंने कहा, “गोरे के बारे में विवरण चौंकाने वाले हैं और इससे राज्य की छवि धूमिल हो रही है...मुख्यमंत्री देवेंद्र फडणवीस को अपने मंत्रियों के कार्यों की जांच करनी चाहिए।”
उद्धव ठाकरे के नेतृत्व वाली पार्टी के मुखपत्र ‘सामना’ ने भी एक समाचार प्रकाशित किया जिसमें दावा किया गया कि गोरे ने महिला को आपत्तिजनक तस्वीरें भेजी थीं।
कांग्रेस नेता विजय वडेट्टीवार ने गोरे का नाम लिए बिना कहा, “विपक्ष पश्चिमी महाराष्ट्र के एक मंत्री का इस्तीफा मांगेगा, जिन पर एक महिला को अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने का आरोप है।”
सामाजिक कार्यकर्ता अंजलि दमानिया ने आरोपों के मद्देनजर गोरे को मंत्रिमंडल से हटाने की मांग की।
पत्रकारों से बात करते हुए उन्होंने कहा, “मुझे पता चला है कि गोरे हंबीरराव मोहिते के परिवार से आने वाली महिला को परेशान कर रहे हैं...।” गोरे पर महिला को 2017 में अश्लील संदेश और अपनी आपत्तिजनक तस्वीरें भेजने का आरोप लगाया गया था।
दमानिया ने कहा, “मंत्री बनने के बाद गोरे ने एक बार फिर महिला को परेशान करना शुरू कर दिया है। ऐसे लोगों को मंत्रिमंडल से हटा दिया जाना चाहिए। उक्त महिला, राज्य के राज्यपाल को पत्र लिखने जा रही है। मैं उनके साथ जाऊंगी और आग्रह करूंगी कि ऐसे लोगों को मंत्रिमंडल से हटा दिया जाए।”
पत्रकारों से बात करते हुए गोरे ने कहा कि उनके खिलाफ 2017 में भारतीय दंड संहिता की धारा 354 (छेड़छाड़) के तहत मामला दर्ज किया गया था, लेकिन निचली अदालत ने उन्हें 2019 में बरी कर दिया था।
उन्होंने कहा कि अदालत ने यह भी आदेश दिया था कि जब्त सामग्री को नष्ट कर दिया जाए।
गोरे ने कहा, “मामला छह साल पुराना है और नेताओं को यह ध्यान रखना चाहिए कि वे क्या कहते हैं। जो लोग मेरे खिलाफ आरोप लगा रहे हैं, उनके खिलाफ मैं विशेषाधिकार हनन का प्रस्ताव लाऊंगा और उनके खिलाफ मानहानि का मुकदमा भी दर्ज कराऊंगा।”
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