लड़ाई के लिये अबू फरहान आजमी ने ही उकसाया : कैंडोलिम निवासी का आरोप
प्रशांत नरेश
- 05 Mar 2025, 05:20 PM
- Updated: 05:20 PM
पणजी, पांच मार्च (भाषा) महाराष्ट्र के समाजवादी पार्टी के विधायक अबू आजमी के बेटे अबू फरहान आजमी से जुड़े मामले में चार आरोपियों में से एक, गोवा के कैंडोलिम निवासी व्यक्ति ने आरोप लगाया है कि झगड़े को भड़काने का काम आजमी ने ही किया था।
कलंगुट पुलिस ने आजमी, उनके साथ आए शाम नामक व्यक्ति तथा स्थानीय निवासी फ्रांसिस फर्नांडीस और उसके बेटे जियोन फर्नांडीस के खिलाफ सोमवार और मंगलवार की दरमियानी रात उत्तरी गोवा के कैंडोलिम में हुए विवाद के बाद सार्वजनिक स्थान पर हाथापाई और शांति भंग करने के आरोप में मामला दर्ज किया है।
पुलिस के समक्ष अपना बयान दर्ज कराने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से बात करते हुए फ्रांसिस फर्नांडीस ने कहा कि यह घटना उस समय हुई जब उनका बेटा मापुसा शहर में कार्निवल समारोह में भाग लेने के बाद अपने दोपहिया वाहन से घर लौट रहा था।
उन्होंने बताया कि आजमी, जो आगे अपनी कार चला रहे थे, उन्होंने अचानक बिना इंडिकेटर दिये कार को बायीं ओर मोड़ दिया।
फ्रांसिस ने कहा, “जियोन ने आजमी से इस हरकत पर सवाल किया और उनके बीच मामूली बहस के बाद वह वहां से चला गया। इसके बाद जियोन कैंडोलिम में परिवार के साथ जन्मदिन मनाने के लिए आ गया और हमें घटना के बारे में बताया। जब जियोन पार्टी से बाहर निकला तो उसने देखा कि आजमी अपनी कार के साथ बाइक के पास खड़ा था और फिर से बहस शुरू करने के लिए इंतजार कर रहा था। आजमी ने उस समय तक पुलिस को सूचित कर दिया था।”
उन्होंने बताया कि जब उन्होंने देखा कि आजमी उनके बेटे के साथ बहस कर रहे हैं तो पूरा परिवार जियोन की मदद के लिए आगे आया।
फ्रांसिस ने कहा, “आजमी ने हमें बताया कि उनकी कार में लाइसेंसी बंदूक है।” उन्होंने बताया कि स्थानीय निवासी होने के कारण और लोग भी उनके साथ आ गए।
उन्होंने कहा, “हमने कोई भीड़ नहीं बुलाई। चूंकि हम स्थानीय हैं, तो लोग हमें जानते थे और बहस जारी रहने के दौरान हमारे समर्थन में खड़े थे।”
फ्रांसिस ने बताया कि जब पुलिस मौके पर पहुंची तो एक पुलिसकर्मी आजमी की कार में बैठ गया जबकि जियोन को पुलिस वैन में डाल दिया गया।
उन्होंने कहा, “हमने इस बात पर जोर दिया कि न्याय सभी के लिए समान होना चाहिए। इसीलिए हमने पुलिस को उनकी गाड़ी आगे बढ़ाने से रोक दिया और इस बात पर जोर दिया कि आजमी को भी उनकी (पुलिस की) गाड़ी में बैठाया जाए।”
फ्रांसिस ने कहा कि मामला पुलिस स्टेशन में ही सुलझ गया क्योंकि दोनों पक्ष एक-दूसरे के खिलाफ शिकायत दर्ज नहीं कराना चाहते थे।
उन्होंने कहा, “इस मुद्दे ने तब ध्यान खींचा जब सोशल मीडिया पर वीडियो पोस्ट होने लगे। उसके बाद ही पुलिस ने शिकायत दर्ज की।”
इन चारों के खिलाफ भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 194 के तहत मामला दर्ज किया गया।
भाषा प्रशांत