न्यायालय ने ‘लॉटरी किंग’ सेंटियागो मार्टिन के खिलाफ धनशोधन मामले की सुनवाई पर लगाई रोक
सुरेश माधव
- 10 Apr 2024, 06:00 PM
- Updated: 06:00 PM
नयी दिल्ली,10 अप्रैल (भाषा) उच्चतम न्यायालय ने ‘लॉटरी किंग’ सेंटियागो मार्टिन के खिलाफ एक विशेष अदालत में जारी धनशोधन के एक मामले की कार्यवाही पर बुधवार को रोक लगा दी।
न्यायमूर्ति अभय एस ओका और न्यायमूर्ति उज्ज्वल भुइयां की पीठ ने मार्टिन की याचिका पर नोटिस जारी किया, जिसमें केरल के एर्नाकुलम में एक विशेष पीएमएलए अदालत के 16 मार्च के आदेश को चुनौती दी गई थी। इस आदेश में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा दर्ज धनशोधन के एक मामले में सुनवाई के स्थगन संबंधी उनकी याचिका को खारिज कर दिया गया था।
मार्टिन की ओर से पेश वरिष्ठ वकील आदित्य सोंढी और वकील रोहिणी मूसा ने दलील दी कि विशेष अदालत को इस पर विचार करना चाहिए था कि धनशोधन निवारण अधिनियम (पीएमएलए) मामले में सुनवाई मूल मामले में मुकदमे के समाप्त होने के बाद ही शुरू हो सकती है।
विशेष अदालत ने 16 मार्च को मार्टिन की उस अर्जी को खारिज कर दिया था जिसमें ईडी के मामले की सुनवाई के स्थगन का अनुरोध किया गया था।
मार्टिन ने शीर्ष अदालत में अपनी याचिका में कहा कि केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) की ओर से दाखिल आरोपपत्र विधेय (मूल) मामला है जिसके आधार पर ईडी ने उसके और अन्य के खिलाफ धनशोधन का मामला दर्ज किया है।
ईडी आमतौर पर सीबीआई और आयकर विभाग जैसी संबंधित केंद्रीय एजेंसियों द्वारा भ्रष्टाचार या कर चोरी के मामलों में की गई प्राथमिकी या जांच के आधार पर धनशोधन का मामला दर्ज करता है, जो विधेय (मूल) या अधिसूचित अपराध का गठन करता है।
विशेष अदालत ने 16 मार्च को ईडी मामले में मुकदमे को तब तक स्थगित रखने के मार्टिन के आवेदन को खारिज कर दिया था, जब तक कि कथित लॉटरी घोटाला मामले में सीबीआई द्वारा दर्ज किए गए अपराध से जुड़े मामले में मुकदमा समाप्त नहीं हो जाता।
उन्होंने पीएमएलए अदालत के आदेश के खिलाफ शीर्ष अदालत का रुख किया है।
उन्होंने ‘‘विजय मदनलाल चौधरी’’ मामले में 2022 के फैसले का जिक्र करते हुए कहा कि एक बार मूल मामले में बरी या आरोप मुक्त हो जाने के बाद पीएमएलए के तहत कार्यवाही जारी नहीं रह सकती है।
मार्टिन ने अपनी याचिका में कहा है, ‘‘संबंधित मामले के निपटारे तक आगे की कार्यवाही को स्थगित रखने से शिकायतकर्ता पर पूर्वाग्रह का कोई असर नहीं पड़ेगा। यदि इस मामले में आगे की कार्यवाही को स्थगित नहीं किया गया, तो इससे याचिकाकर्ता के खिलाफ गंभीर पूर्वाग्रह होगा और अपूरणीय क्षति होगी।’’
सीबीआई ने 2014 में कथित लॉटरी घोटाले में मामला दर्ज किया था और मार्टिन एवं अन्य के खिलाफ आरोप पत्र दायर किया था। आरोप पत्र के आधार पर, प्रवर्तन निदेशालय ने 11 जून, 2018 को मार्टिन सहित सात लोगों के खिलाफ धनशोधन के लिए शिकायत दर्ज की थी।
मार्टिन ने 30 सितंबर, 2019 को सीबीआई मामले में आरोपमुक्त किये जाने संबंधी याचिका दायर की थी, जो फिलहाल विचाराधीन है।
भाषा सुरेश