तदर्थ समिति ने विनेश को दो वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने की अनुमति दी: बाजवा
आनन्द सुधीर
- 11 Mar 2024, 09:20 PM
- Updated: 09:20 PM
... प्रेम सेन ...
नयी दिल्ली, 11 मार्च (भाषा) कुश्ती की तदर्थ समिति के अध्यक्ष भूपेंद्र सिंह बाजवा ने सोमवार को कहा कि भारतीय ओलंपिक समिति द्वारा गठित इस समिति के सभी तीन सदस्य 50 किग्रा और 53 किग्रा दोनों वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने के विनेश फोगाट के अनुरोध पर सहमत थे।
‘यूनाइटेड वर्ल्ड रेसलिंग (यूडब्ल्यूडब्ल्यू)’ के नियमों के मुताबिक हालांकि एक खिलाड़ी एक दिन में केवल एक ही भार वर्ग में चुनौती पेश कर सकता है। यूडब्ल्यूडब्ल्यू के अनुच्छेद सात के अनुसार एक प्रतियोगी को एक दिन में एक भार वर्ग में भाग लेने की अनुमति दी जा सकती है। इसके बावजूद पटियाला में राष्ट्रीय ट्रायल में विनेश को दो भार वर्ग में भाग लेने की छूट दी गयी।
तदर्थ समिति से छूट मिलने के बाद जकार्ता एशियाई खेलों की स्वर्ण पदक विजेता विनेश ने 50 किग्रा भार वर्ग में शिवानी को 11-6 से हराकर अगले महीने किर्गिस्तान के बिश्केक में होने वाले पेरिस ओलंपिक क्वालीफिकेशन टूर्नामेंट में जगह पक्की कर ली। वह हालांकि 53 किग्रा का मुकाबला तकनीकी श्रेष्ठता के आधार पर अंजू से 0-10 से हार गईं।
इससे पहले पेरिस ओलंपिक की दौड़ में बने रहने की कवायद में विनेश ने महिलाओं के 50 किलो और 53 किलो वर्ग में चयन ट्रायल ढाई घंटे तक शुरू नहीं होने दिये और अधिकारियों से लिखित आश्वासन मांगा कि 53 किलो भार वर्ग के आखिरी ट्रायल ओलंपिक से पहले होंगे ।
बाजवा ने चयन ट्रायल पूरा होने के बाद ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘ हमने दोनों दोनों वर्गों में प्रतिस्पर्धा करने के विनेश के अनुरोध का समाधान किया। पूरी समिति उसके अनुरोध को स्वीकार करने पर सहमत हुई और उसे दोनों में भाग लेने की अनुमति दी।’’
बाजवा ने कहा कि पटियाला ट्रायल के विजेता किर्गिस्तान में एशिया ओलंपिक क्वालीफायर के लिए जाएंगे, जिसके बाद मई में विश्व ओलंपिक क्वालीफायर होगा।
उन्होंने कहा, ‘‘ इसके उपविजेता एशिया चैंपियनशिप (किर्गिस्तान में ही) में भाग लेंगे और इसमें जीत दर्ज करने वाले पहलवानों को मई के अंत में होने वाले ट्रायल (ओलंपिक कोटा विजेता के खिलाफ) में भाग लेने का मौका मिलेगा।’’
भारत के लिए अब तक केवल अंतिम पंघाल (53 किग्रा) ने पेरिस ओलंपिक कोटा स्थान हासिल किया है।
विनेश ने इस जीत के बाद कहा कि उनका लक्ष्य ओलंपिक में देश के लिए पदक जीतना है।
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘ यह मेरे लिए एक छोटी सी जीत है। मेरा मुख्य ध्यान ओलंपिक पर है। एक महीने में क्वालिफायर मुकाबले होंगे। मेरा एकमात्र लक्ष्य ओलंपिक है। मेरा मानना है कि यदि भाग्य मेरे साथ रहा तो मैं वह हासिल कर सकती हूं जो मैं पिछले दो ओलंपिक में नहीं कर सकी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘ छह साल पहले, मैंने 50 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा की थी। इसमें कई चुनौतियों का सामना करना पड़ा था, जिसमें वजन कम करने और ऑपरेशन से उबरने की चुनौती थी। इन बाधाओं के बावजूद, मैं ओलंपिक क्वालीफायर पर ध्यान केंद्रित करने के लिए दृढ़ हूं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘आदर्श रूप से, मेरा लक्ष्य 53 किग्रा वर्ग में प्रतिस्पर्धा करना था। उस वर्ग में अंतिम पंघाल पहले ही कोटा हासिल कर चुकी है। इस मामले में दिशानिर्देशों स्पष्ट नहीं है इसलिए मैंने 50 किग्रा वर्ग में भी भाग लिया। भारत के लिए 50 किग्रा वर्ग में कोटा जीतना भी मेरे लिए अपार सम्मान की बात है।’’
भाषा आनन्द