तृकां शिक्षाविदों के संगठन ने जेयू परिसर में वामपंथी छात्रों की हिंसा को बताया पूर्व नियोजित
राजकुमार रंजन
- 02 Mar 2025, 09:10 PM
- Updated: 09:10 PM
कोलकाता, दो मार्च (भाषा) पश्चिम बंगाल में तृणमूल के समर्थक शिक्षाविदों के एक मंच ने रविवार को जादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर में हुई हिंसा को प्रतिष्ठित संस्थान को बदनाम करने की एक ‘पूर्व नियोजित साजिश’ बताया तथा वामपंथी तथा वाम चरपंथी छात्र प्रदर्शनकारियों द्वारा शिक्षा मंत्री ब्रात्य बसु के साथ की गयी ‘हाथापाई’ तथा विश्वविद्यालय के शिक्षकों पर किये गये हमले की निंदा की।
‘एजूकेशनिस्ट फोरम’ के प्रवक्ता तथा इस विश्वविद्यालय में अंतरराष्ट्रीय संबंध विभाग के पूर्व प्रमुख ओमप्रकाश मिश्रा ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘वामपंथी और वाम चरमपंथी छात्र कार्यकर्ताओं के एक वर्ग ने शनिवार को ‘पश्चिम बंगाल कॉलेज और विश्वविद्यालय प्रोफेसर्स एसोसिएशन (डब्ल्यूबीसीयूपीए)’ की वार्षिक आम बैठक (एजीएम) में अराजकता पैदा कर दी, जबकि आयोजकों और बसु ने बैठक समाप्त होने के बाद कुलपति के सामने अपनी मांगों पर चर्चा करने का अनुरोध किया था।’’
मिश्रा ने कहा, ‘‘छात्र प्रदर्शनकारियों ने वार्षिक आम बैठक की कार्यवाही को बार-बार बाधित किया और यहां तक कि आयोजन स्थल पर तोड़फोड़ भी की, लेकिन डब्ल्यूबीसीयूपीए सदस्यों ने धैर्य दिखाया एवं कोई प्रतिक्रिया नहीं की। हम उनके उकसावे में नहीं आए।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘अच्छे मेजबान होने के बजाय, उन्होंने उस संस्थान को बदनाम करने की कोशिश की, जिसने डब्ल्यूबीसीयूपीए की बैठक आयोजित करने के लिए सभी आवश्यक मंजूरी दी थी। उन्होंने पूरी दुनिया के सामने शिक्षा मंत्री के साथ हाथापाई की। उन्होंने कार्यवाहक कुलपति भास्कर गुप्ता को भी नहीं बख्शा और जब वह एक घायल छात्र से मिलने निजी मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल गए तो उन्होंने उनकी कमीज फाड़ दी।’’
मिश्रा ने दावा किया कि उनके अलावा, अंग्रेजी विभाग के प्रमुख मनोजीत मंडल और डब्ल्यूबीसीयूपीए से जुड़े कई अन्य वरिष्ठ शिक्षकों को प्रदर्शनकारी छात्रों ने बुरी तरह पीटा।
उन्होंने कहा, ‘‘उनके व्यवहार से यह स्पष्ट था कि वे छात्र संघ चुनाव या किसी अन्य मुद्दे पर कोई चर्चा नहीं करना चाहते थे, बल्कि केवल अराजकता, गड़बड़ी पैदा करना चाहते थे और हमें डराना चाहते थे।’’
उन्होंने कहा कि मंच ने सोमवार को महाविद्यालयों और विश्वविद्यालयों में एसएफआई द्वारा की आहूत की गयी हड़ताल का विरोध किया तथा सभी से ‘संस्थानों को सुचारू रूप से चलाने में सहायता करने’ की अपील की।
इससे पहले, डब्ल्यूबीसीयूपीए ने विश्वविद्यालय परिसर में वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं द्वारा की गई हिंसा की निंदा की।
भाषा
राजकुमार