पश्चिम बंगाल: शिक्षा मंत्री के इस्तीफे की मांग को लेकर एसएफआई ने किया हड़ताल का आह्वान
आशीष नरेश
- 02 Mar 2025, 08:55 PM
- Updated: 08:55 PM
कोलकाता, दो मार्च (भाषा) मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा स्टूडेंट फेडरेशन ऑफ इंडिया (एसएफआई) ने शिक्षा मंत्री ब्रत्य बसु के इस्तीफे की मांग को लेकर तीन मार्च को हड़ताल का आह्वान किया।
छात्रों ने मंत्री के यादवपुर विश्वविद्यालय (जेयू) परिसर से निकलते समय उनका घेराव करके विश्वविद्यालय में चुनाव कराने की तत्काल घोषणा करने की मांग की थी। इस दौरान दो छात्रों को चोट लगने के लिए मंत्री को जिम्मेदार ठहराया जा रहा है।
एसएफआई की राज्य समिति के सदस्य शुभजीत सरकार ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा कि विश्वविद्यालय और कॉलेज परिसरों में हड़ताल का आह्वान तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) का संरक्षण प्राप्त बाहरी लोगों के प्रवेश के विरोध में किया गया है, जिन्होंने एक मार्च को विश्वविद्यालय परिसर में हिंसा और तोड़फोड़ की थी।
माकपा की पश्चिम बंगाल इकाई के सचिव मोहम्मद सलीम ने कहा, ‘‘हड़ताल का आह्वान विश्वविद्यालय परिसर तक ही सीमित रहेगा और बाहर वाहनों की आवाजाही को लेकर आशंकित होने की कोई जरूरत नहीं है।’’
एक मार्च को यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में घटी घटनाओं पर शुभजीत सरकार ने कहा, ‘‘चूंकि छात्र केवल कुलपति की मौजूदगी में शिक्षा मंत्री से चर्चा करना चाहते थे, इसलिए उन्होंने छात्रों के साथ बहुत ही बुरा व्यवहार किया और शनिवार को गुस्से में परिसर से बाहर निकलने की कोशिश की।’’
उन्होंने कहा, ‘‘छात्र उनसे मिलना चाहते थे, इसलिए बसु टीएमसी के गुंडों और बाहरी लोगों के साथ कार में सवार हुए और उनके ड्राइवर ने छात्रों की सुरक्षा व जान की परवाह किए बिना वाहन की गति बढ़ा दी। उनकी कार से दो छात्र घायल हो गए, जिनमें से एक की हालत गंभीर है। उन्होंने पीछे मुड़कर देखने की जहमत नहीं उठाई, बल्कि गाड़ी तेजी से भगा दी।’’
उन्होंने कहा, ‘‘बसु दो छात्रों के घायल होने के लिए जिम्मेदार हैं और हम राज्य मंत्रिमंडल से उनके इस्तीफे तथा यादवपुर विश्वविद्यालय परिसर में माहौल खराब करने के लिए उनके खिलाफ पुलिस कार्रवाई की मांग करते हैं।’’
शुभजीत सरकार ने कहा कि हालांकि, एसएफआई तीन मार्च से शुरू होने वाली उच्चतर माध्यमिक परीक्षा के सुचारू संचालन में सहायता करेगी और परीक्षार्थियों की मदद के लिए परीक्षा केंद्रों के पास शिविर आयोजित करेगी।
एसएफआई ने रविवार को शहर और राज्य के अन्य स्थानों पर रैलियां निकालीं।
वामपंथी छात्र कार्यकर्ताओं ने शहर में 8बी बस स्टैंड, यादवपुर से गोलपार्क तक रैली निकाली और अपना विरोध जारी रखने का संकल्प जताया। कूचबिहार जिले के बर्द्धमान शहर, दिनहाटा में एसएफआई कार्यकर्ताओं की पुलिस के साथ तीखी बहस हुई।
शनिवार को जब बसु डब्ल्यूबीसीयूपीए (वेस्ट बंगाल कॉलेज एंड यूनिवर्सिटी प्रोफेसर) की वार्षिक आम बैठक में भाग लेने के लिए जेयू परिसर गए थे, तब यह विवाद शुरू हुआ।
प्रथम वर्ष के छात्र इंद्रानुज रॉय, जिन्हें रिवोल्यूशनरी स्टूडेंट फ्रंट (आरएसएफ) का सदस्य बताया जाता है और एसएफआई कोलकाता जिला समिति के सदस्य अभिनब बसु, मंत्री के काफिले के परिसर से निकलने की कोशिश करते समय जमीन पर गिर गए।
प्रदर्शनकारियों को कारों के किनारे लटके हुए देखा गया, जो बसु को जाने से रोकने की कोशिश कर रहे थे।
बसु ने संवाददाताओं से कहा, ‘‘चारों ओर बहुत अराजकता थी। छात्रों ने मेरी कार के शीशे तोड़ दिए और टूटे हुए शीशों की वजह से मैं घायल हो गया। मैं करीब 100 छात्रों से कैसे बात कर सकता हूं? मैं उनके पांच प्रतिनिधियों में से कुछ से बात करने के लिए तैयार था। लेकिन वे बातचीत नहीं करना चाहते थे, वे केवल अराजकता पैदा करना चाहते थे।’’
बसु ने कहा कि इस अफरातफरी में उन्हें यह पता नहीं चल पाया कि उनकी कार के जाते समय पीछे से कोई जमीन पर गिरा या नहीं।
भाषा आशीष