गाजा में स्थित गलियारे से सैनिकों को हटाने से इजराइल का इनकार
एपी सुभाष पवनेश
- 27 Feb 2025, 08:46 PM
- Updated: 08:46 PM
खान यूनिस(गाजा पट्टी), 27 फरवरी (एपी) इजराइल संघर्ष विराम के तहत गाजा में एक रणनीतिक गलियारे से पीछे नहीं हटेगा। एक अधिकारी ने बृहस्पतिवार को यह जानकारी दी।
इजराइल के इस फैसले से संघर्ष विराम को लेकर हमास और प्रमुख मध्यस्थ मिस्र से संकट उत्पन्न हो सकता है।
कुछ घंटे पहले, हमास ने 600 से अधिक फलस्तीनी कैदियों की रिहाई के बदले में चार इजराइली बंधकों के शव सौंपे, जो संघर्ष विराम के पहले चरण की अंतिम नियोजित अदला-बदली है। संघर्ष विराम इस सप्ताहांत समाप्त हो रहा है। दूसरे चरण पर बातचीत अभी शुरू होनी बाकी है।
बहुत कुछ अमेरिका के राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रंप के पश्चिम एशिया मामलों के दूत स्टीव विटकॉफ की यात्रा पर निर्भर करेगा। आगामी दिनों में विटकॉफ के इस क्षेत्र का दौरा करने की उम्मीद है।
अधिकारी ने नाम सार्वजनिक नहीं करने की शर्त पर कहा कि इजराइली सेना को मिस्र से लगी गाजा की सीमा पर स्थित तथाकथित फिलाडेल्फी गलियारे में बने रहने की जरूरत है। उन्होंने कहा कि हथियारों की तस्करी को रोकने के लिए इजराइली सेना तथाकथित फिलाडेल्फी गलियारे में बनी रहेगी।
इस बीच, इजराइल के रक्षा मंत्री इजराइल कैट्ज ने स्थानीय नेताओं के साथ एक बैठक में कहा कि हाल ही में गलियारे के दौरे के दौरान उन्होंने सीमा पार सुरंगें देखी थीं। हालांकि उन्होंने इसके बारे में कोई सबूत नहीं दिया और न ही इजराइल की योजनाओं के बारे में विस्तार से बताया।
हमास ने कहा कि गलियारे में ‘बफर जोन’ बनाए रखने का कोई भी इजराइली प्रयास संघर्ष विराम समझौते का ‘‘घोर उल्लंघन’’ होगा। चरमपंथी समूह का कहना है कि समझौते पर कायम रहना ही इजराइल के लिए गाजा में अभी भी बंधक रखे गए दर्जनों लोगों की रिहाई सुनिश्चित करने का एकमात्र तरीका है।
चार बंधकों के शवों की पहचान हुई।
‘होस्टेज्स एंड मिसिंग फेमिलिज फोरम’ के अनुसार, बृहस्पतिवार को सौंपे गए शवों की पहचान ओहद याहलोमी, इत्ज़ाक एल्गराट, श्लोमो मंत्ज़ुर और त्साची इदान के रूप में हुई।
इजराइल के राष्ट्रपति इसहाक हर्ज़ोग ने कहा, ‘‘इस दुखद क्षण में, यह जानकर कुछ सांत्वना मिलती है कि उन्हें इजराइल में गरिमापूर्ण तरीके से दफनाया जाएगा।’’
फ्रांस के राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों ने कहा कि वह याहलोमी के परिवार और प्रियजनों की पीड़ा को साझा करते हैं। याहलोमी के पास फ्रांसीसी नागरिकता थी।
हमास ने पुष्टि की है कि 600 से अधिक (फलस्तीनी) कैदियों को रातों-रात रिहा कर दिया गया है। इनमें से अधिकतर बंदी गाजा वापस आए हैं। उन्हें 7 अक्टूबर 2023 को इजराइल पर हुए हमले के बाद हिरासत में लिया गया था और संदेह के आधार पर बिना किसी आरोप के हिरासत में रखा गया था।
फलस्तीनी अधिकारियों द्वारा साझा की गई सूचियों के अनुसार, बृहस्पतिवार को रिहा किए गए कैदियों में 445 पुरुष, 21 किशोर और एक महिला शामिल हैं, लेकिन उनकी उम्र का उल्लेख नहीं किया गया है। इस चरण में केवल 50 फलस्तीनियों को ही कब्जे वाले पश्चिमी तट और पूर्वी यरुशलम में छोड़ा गया, जबकि इजराइलियों के खिलाफ घातक हमलों के लिए आजीवन कारावास की सजा काट रहे दर्जनों लोगों को निर्वासित किया गया।
संघर्ष विराम संकट में:
हमास ने लगभग 2,000 फलस्तीनी कैदियों के बदले में आठ शवों सहित 33 बंधकों को सौंपा है।
विटकॉफ ने कहा है कि वह चाहते हैं कि दोनों पक्ष दूसरे चरण की बातचीत की ओर बढ़ें। यह बातचीत फरवरी के पहले सप्ताह में शुरू होनी थी।
इजराइल के प्रधानमंत्री बेंजामिन नेतन्याहू ने सभी बंधकों को वापस लौटाने और हमास की सैन्य ताकत को नष्ट करने का संकल्प लिया है। ट्रंप प्रशासन ने इसका समर्थन किया है।
यदि चारों शवों की पहचान की पुष्टि हो जाती है, तो गाजा में 59 बंधक ही शेष होंगे, जिनमें से 32 की मौत हो जाने की बात कही जा रही है।
संघर्ष विराम समझौतों या अन्य समझौतों के तहत लगभग 150 लोगों को रिहा कर दिया गया है, जबकि दर्जनों शवों को इजराइली सेना ने बरामद किया है और आठ बंधकों को जीवित बचाया गया है।
फलस्तीनी स्वास्थ्य अधिकारियों के अनुसार, इजराइल के सैन्य हमले में 48,000 से अधिक फलस्तीनी मारे गए हैं। मृतकों में आधे से अधिक महिलाएं और बच्चे हैं।
एपी सुभाष