राजस्थान विधानसभा में गतिरोध समाप्त, कांग्रेस के छह विधायकों का निलंबन रद्द
कुंज पारुल
- 27 Feb 2025, 10:11 PM
- Updated: 10:11 PM
जयपुर, 27 फरवरी (भाषा) पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी पर कैबिनेट मंत्री अविनाश गहलोत की टिप्पणी को लेकर राजस्थान विधानसभा में सप्ताह भर से जारी गतिरोध बृहस्पतिवार को मुख्यमंत्री भजनलाल शर्मा के हस्तक्षेप के बाद समाप्त हो गया।
नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष वासुदेव देवनानी के प्रति उनके (डोटासरा के) आचरण और उनके द्वारा इस्तेमाल किए गए शब्दों के लिए माफी मांगने के बाद डोटासरा सहित छह कांग्रेस विधायकों का निलंबन भी रद्द कर दिया गया।
शर्मा ने विधानसभा अध्यक्ष के कक्ष में नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली के साथ बैठक की और मामले को सुलझाया। गतिरोध समाप्त होने के बाद कांग्रेस विधायक सदन में पहुंचे और कार्यवाही में हिस्सा लिया।
जूली ने गतिरोध खत्म करने की पहल के लिए मुख्यमंत्री का आभार जताया।
उन्होंने डोटासरा की तरफ से विधानसभा अध्यक्ष के प्रति उनके आचरण और उनके लिए इस्तेमाल किए गए शब्दों को लेकर माफी भी मांगी।
मुख्यमंत्री ने कहा कि अगर इस तरह का गतिरोध पैदा होता है, तो इसे लंबा नहीं खींचना चाहिए।
वहीं, विधानसभा अध्यक्ष ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा का आचरण माफी लायक नहीं था, लेकिन उन्होंने नेता प्रतिपक्ष टीकाराम जूली द्वारा उनकी तरफ से मांगी गई माफी स्वीकार कर ली है।
देवनानी ने कहा कि डोटासरा ने उनके लिए जो शब्द इस्तेमाल किए थे, वे दुर्भाग्यपूर्ण हैं और देश की किसी भी विधानसभा में ऐसी बातें नहीं हुई हैं। उन्होंने कहा कि विपक्ष के नेता को यह सुनिश्चित करना चाहिए कि वह (डोटासरा) भविष्य में ऐसा आचरण न दोहराएं।
देवनानी ने यह व्यवस्था भी दी कि अगली बार से अगर कोई विधायक हंगामे के दौरान अध्यक्ष के आसन के पास पहुंचता है, तो बिना प्रस्ताव लाए विधायक का निलंबन मान लिया जाएगा।
देवनानी के निर्देश पर सरकारी मुख्य सचेतक जोगेश्वर गर्ग ने छह कांग्रेस विधायकों-गोविंद सिंह डोटासरा, रामकेश मीणा, अमीन कागजी, जाकिर हुसैन, हाकम अली और संजय कुमार का निलंबन रद्द करने का प्रस्ताव रखा।
सदन ने प्रस्ताव को ध्वनिमत से पारित कर दिया, जिसके बाद निलंबन रद्द कर दिया गया।
इसके बाद विपक्षी सदस्यों ने अध्यक्ष से अनुरोध किया कि जिन विधायकों का निलंबन रद्द किया गया है, उन्हें सदन के अंदर बुलाया जाए, लेकिन अध्यक्ष ने कहा कि यह काम कल किया जाएगा।
मामला सुलझने के बाद विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने बजट पर अपना भाषण शुरू किया।
राज्य सरकार में मंत्री अविनाश गहलोत द्वारा पिछले शुक्रवार को विधानसभा में पूर्व प्रधानमंत्री पर की गई टिप्पणी को लेकर गतिरोध तब और बढ़ गया, जब प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने विधानसभा अध्यक्ष के खिलाफ कथित तौर पर अभद्र टिप्पणी की।
इससे पहले, आज विपक्षी विधायक हाथों में तख्तियां लेकर अपने आवासों से विधानसभा परिसर की ओर मार्च करते हुए पहुंचे और सदन के बाहर बैठ गए। विधायकों ने नारेबाजी की और मंत्री से उनकी टिप्पणी के लिए माफी मांगने की मांग की।
कांग्रेस विधायकों ने सदन के बाहर समानांतर 'प्रश्नकाल' भी आयोजित किया, जिसके दौरान विधायक घनश्याम को 'अध्यक्ष' बनाया गया, जबकि अन्य सदस्य उनसे सत्तारूढ़ भाजपा नेताओं के व्यवहार से संबंधित प्रश्न पूछते रहे।
सदन के अंदर सत्तारूढ़ पार्टी के विधायकों ने कांग्रेस विधायकों पर सदन की कार्यवाही बाधित करने का आरोप लगाया और कहा कि गतिरोध समाप्त होना चाहिए।
गतिरोध जारी रहने पर पूर्व मुख्यमंत्री और वरिष्ठ कांग्रेस नेता अशोक गहलोत ने विधानसभा के बाहर संवाददाताओं से बातचीत में कहा, "यह समाप्त होना चाहिए, ताकि विधानसभा में बहस हो सके। सत्ता पक्ष और विपक्ष को सहयोग करना चाहिए तथा दोनों पक्षों में से किसी में अहंकार नहीं होना चाहिए। यह तनाव अनावश्यक है।"
विपक्ष के नेता टीकाराम जूली ने कहा, "सत्ता पक्ष के मंत्री ने टिप्पणी की थी। हम तीन दिन तक विधानसभा के अंदर सोए। गतिरोध समाप्त करने के लिए वार्ता हुई। विपक्ष के तीन नेताओं ने खेद व्यक्त किया। इसके बावजूद सरकार के मंत्री जवाब नहीं दे रहे हैं।"
उन्होंने कहा, "मैंने मुख्यमंत्री और संसदीय कार्य मंत्री को बताया है कि वार्ता के लिए हमारे दरवाजे खुले हैं।
जूली ने कहा कि प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा है कि वह विधानसभा अध्यक्ष के आवास पर जाकर मामले को स्पष्ट कर सकते हैं। उन्होंने आरोप लगाया कि सरकार अपने मंत्रियों के प्रदर्शन से डरी हुई है और वे जवाब नहीं दे पा रहे हैं, इसलिए वे सदन नहीं चलाना चाहते।
सरकार की ओर से गृह राज्य मंत्री जवाहर सिंह बेढम ने पत्रकारों से बातचीत में कहा, "प्रदेश कांग्रेस अध्यक्ष द्वारा सदन में अभद्र शब्दों का प्रयोग किया गया तथा उसे अखबारों में प्रमुखता से प्रकाशित किया गया। वे उस पर सवाल उठा रहे हैं।"
बेढम ने कहा कि जनता ने कांग्रेस विधायकों को चुना और वे सदन से भाग गए। उन्होंने कहा कि पूर्व मुख्यमंत्री अशोक गहलोत सोशल मीडिया पर संदेश पोस्ट करने में व्यस्त हैं और मुद्दे उठाने के लिए विधानसभा नहीं आते।
उल्लेखनीय है कि सामाजिक न्याय एवं अधिकारिता मंत्री अविनाश गहलोत ने शुक्रवार को प्रश्नकाल के दौरान कामकाजी महिलाओं के लिए छात्रावास संबंधी प्रश्न का उत्तर देते समय विपक्ष की ओर इशारा करते हुए कहा था, ‘‘2023-24 के बजट में भी आपने हर बार की तरह अपनी ‘दादी’ इंदिरा गांधी के नाम पर इस योजना का नाम रखा था।’’
भाषा
कुंज