प्रधानमंत्री के बाद अब अमित शाह ने चीन को क्लीन चिट दी: कांग्रेस
हक दिलीप
- 09 Apr 2024, 08:17 PM
- Updated: 08:17 PM
नयी दिल्ली, नौ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस ने गृह मंत्री अमित शाह के एक बयान को लेकर मंगलवार को आरोप लगाया कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के बाद अब शाह ने भी चीन को क्लीन चिट दे दी है।
गृह मंत्री अमित शाह ने मंगलवार को असम के लखीमपुर में कहा कि प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी की सरकार में चीन ‘एक इंच’ जमीन पर भी कब्जा नहीं कर सकता है।
उन्होंने दावा किया कि जनता कभी नहीं भूल सकती कि पूर्व प्रधानमंत्री जवाहरलाल नेहरू ने 1962 में चीन के हमले के दौरान असम और अरुणाचल प्रदेश को ‘बाय-बाय’ कह दिया था।
कांग्रेस महासचिव जयराम रमेश ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘19 जून, 2020 को चीन पर बुलाई गई सर्वदलीय बैठक में प्रधानमंत्री ने कहा था कि एक भी चीनी सैनिक भारतीय क्षेत्र में नहीं घुसा है। प्रधानमंत्री के झूठ का इस्तेमाल चीनियों ने पूरी दुनिया में भारतीय क्षेत्र पर अपने अतिक्रमण से इनकार करने के लिए किया।’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘एकमात्र व्यक्ति जो झूठ बोलने और तथ्यों को गलत साबित करने में प्रधानमंत्री को टक्कर दे सकते हैं, वो गृह मंत्री (अमित शाह) हैं। अब उन्होंने भी चीन को क्लीन चिट दे दी है। उन्होंने दावा किया है कि मोदी सरकार के तहत चीन एक इंच भी ज़मीन का अतिक्रमण नहीं कर सका।’’
रमेश ने कहा, ‘‘मोदी सरकार कुछ तथ्यों से इनकार कर रही है। मसलन, चीन ने भारत की 2,000 वर्ग किलोमीटर जमीन पर कब्जा कर लिया है, चीन ने लद्दाख के 65 पेट्रोलिंग प्वाइंट में से 26 पर कब्जा कर लिया है और चीन ने अरुणाचल प्रदेश के अंदर 50-60 किमी अंदर पूरे गांव बना लिए हैं।’’
रमेश ने दावा किया कि अरुणाचल प्रदेश के भीतर चीन के गांव बसाने वाले तथ्य की पुष्टि उपग्रह से ली गई तस्वीरों द्वारा की गई है और इसे भाजपा सांसद तापिर गाओ ने लोकसभा के पटल पर उठाया है।
रमेश ने कहा, ‘‘ये है प्रधानमंत्री के ‘लाल आंख’ की हकीकत और चीन को क्लीन चिट देकर हमारे सैनिकों और शहीदों का अपमान करने वाले कायरतापूर्ण बयान। हर बार जब भाजपा चीन को क्लीन चिट देती है, तो वे भारत के लिए चीन के अवैध अतिक्रमण से निपटना कठिन बना देते हैं। ’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे न्याय पत्र (घोषणापत्र) में कांग्रेस पार्टी ने भूमि पर कब्जे और चीन द्वारा उत्पन्न खतरे को स्पष्ट रूप से स्वीकार किया है और हमारी रक्षा को मजबूत करने के लिए एक स्पष्ट योजना व्यक्त की है। 4 जून से भारत की धरती पर चीनी अतिक्रमण को निर्णायक रूप से रोका जाएगा।’’
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