कल्पना सोरेन ‘मुख्यमंत्री पद के लिए हर तरह से योग्य’, भाजपा को कीमत चुकानी होगी: कांग्रेस नेता मीर
आशीष वैभव
- 09 Apr 2024, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
(नमिता तिवारी)
रांची, नौ अप्रैल (भाषा) जेल में बंद झारखंड के पूर्व मुख्यमंत्री हेमंत सोरेन की पत्नी कल्पना सोरेन को ‘मुख्यमंत्री पद के लिए हर तरह से योग्य’ बताते हुए कांग्रेस महासचिव और राज्य के प्रभारी गुलाम अहमद मीर ने मंगलवार को कहा कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को नेताओं और लोगों के साथ ‘‘अन्याय’’ की भारी कीमत चुकानी पड़ेगी।
मीर ने दावा किया कि ‘‘सांप्रदायिक ताकतों’’ के सामने झुकने के बजाय जेल जाने को प्राथमिकता देने वाले सोरेन की गिरफ्तारी के बाद ‘इंडिया’ के पक्ष में बने माहौल का फायदा उठाते हुए विपक्षी गठबंधन झारखंड में अधिक से अधिक लोकसभा सीटों पर जीत हासिल करेगा।
उन्होंने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ एक साक्षात्कार में कहा, ‘‘भाजपा की सबसे बड़ी गलती यह है कि वह देश के आम लोगों के अलावा हेमंत सोरेन और (दिल्ली के मुख्यमंत्री) अरविंद केजरीवाल जैसे नेताओं के साथ अन्याय कर रही है। बिना किसी ठोस आधार के सोरेन जैसे नेता को गिरफ्तार करने की उन्हें भारी कीमत चुकानी पड़ेगी। इस कदम से ‘इंडिया’ गठबंधन की लोकप्रियता बढ़ी है और सहानुभूति लहर पैदा हुई है।’’
झारखंड मुक्ति मोर्चा (झामुमो) के कार्यकारी अध्यक्ष हेमंत सोरेन को 31 जनवरी को कथित भूमि घोटाले से जुड़े धन शोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने गिरफ्तार किया था।
मीर ने कहा कि भाजपा सोरेन को खतरे के रूप में देखती है और उनकी गिरफ्तारी उनकी आवाज को दबाने की रणनीति है।
एक सवाल पर मीर ने कहा, ‘‘कल्पना सोरेन के साथ मेरी जो अब तक बातचीत हुई है, वह बहुत समझदार हैं और उनकी दूरदृष्टि है। मुख्यमंत्री बनने के लिए उनमें सभी योग्यताएं हैं और अगर जरूरत पड़ी, तो स्वाभाविक सहयोगी के रूप में कांग्रेस उनका समर्थन करेगी।
अटकलें लगाई जा रही हैं कि झामुमो कल्पना सोरेन को गांडेय विधानसभा सीट से मैदान में उतार सकती है, जहां 20 मई को उपचुनाव होना है। गिरिडीह जिले की अंतर्गत आने वाली गांडेय सीट झामुमो विधायक सरफराज अहमद के इस्तीफे के बाद खाली हुई थी।
भाजपा पर हमला करते हुए मीर ने दावा किया, ‘‘हमने ऐसे उम्मीदवार उतारे हैं जो जमीन से जुड़े, ईमानदार और जनता के लिए उपलब्ध रहते हैं। भाजपा के विपरीत, हम नेताओं को आयात नहीं कर रहे।’’
उन्होंने दावा किया कि पिछले लोकसभा चुनावों में दबदबा बनाने के बावजूद, भाजपा इस बार सत्ता विरोधी लहर जैसे कारकों का सामना कर रही है।
भाजपा अपनी सहयोगी ऑल झारखंड स्टूडेंट यूनियन (आजसू) पार्टी के साथ सीट-बंटवारे समझौते के तहत 13 निर्वाचन क्षेत्रों से चुनाव लड़ रही है। आजसू पार्टी ने गिरिडीह लोकसभा सीट से अपना उम्मीदवार खड़ा किया है। राज्य में 14 लोकसभा सीटों के लिए 13 मई से चार चरण में मतदान होगा।
भाजपा ने ज्यादातर उन नेताओं को टिकट दिया है जो लोकसभा चुनाव से पहले या उससे पहले पार्टी में आए। मीर ने दावा किया कि ‘इंडिया’ गठबंधन इस बार कम से कम 8-9 सीटें जीतेगा और यह आंकड़ा और अधिक हो सकता है क्योंकि मतदाता इस बार भाजपा से निराश महसूस कर रहे हैं।
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘झारखंड राजनीतिक रूप से जागरूक रहा है। यहां के लोगों ने अलग राज्य हासिल करने के लिए बहुत बलिदान दिया, लेकिन कई मुद्दों का समाधान नहीं हुआ। केंद्र ने राज्य की उपेक्षा की और धन का उचित हिस्सा भी नहीं दिया।’’
कांग्रेस नेता ने आरोप लगाया कि भाजपा के नेतृत्व वाली केंद्र सरकार कई प्रमुख प्रस्तावों को दबाए बैठी है।
झारखंड विधानसभा ने ‘सरना’ को अलग धर्म के रूप में शामिल करने का प्रस्ताव पारित किया था। हालांकि, इस पर निर्णय केंद्र के पास लंबित है। इसके अलावा, एक विधेयक राज्यपाल के पास लंबित है जिसमें राज्य के लोगों की अधिवास स्थिति निर्धारित करने के लिए 1932 के भूमि रिकॉर्ड का इस्तेमाल करने की मांग की गई है। राज्य में आरक्षण बढ़ाने के प्रावधान वाला एक अन्य विधेयक भी राजभवन में लंबित है।
‘इंडिया’ गठबंधन के घटक दलों के बीच सीट बंटवारे पर किसी भी मतभेद को खारिज करते हुए मीर ने कहा कि कांग्रेस ने पहले ही तीन उम्मीदवारों की घोषणा कर दी है, झामुमो ने दो और वाम दल तथा राष्ट्रीय जनता दल (राजद) ने एक-एक उम्मीदवार की घोषणा कर दी है। उन्होंने कहा कि शेष सीटों के लिए उम्मीदवारों की घोषणा जल्द ही की जाएगी।
मीर ने दावा किया कि इस बार भाजपा के लिए कोई लहर नहीं है। उन्होंने कहा कि भाजपा के 11 सहित राज्य के राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) के सभी 12 सांसद कामकाज से अपनी छाप छोड़ने में नाकाम रहे।
उन्होंने यह भी दावा किया कि राष्ट्रीय स्तर पर भाजपा की सीटों की संख्या में गिरावट आएगी। मीर ने कहा, ‘‘भाजपा 303 सीटों में से कम से कम 125 सीटें हार रही है। यह उनका आंतरिक आकलन और सर्वेक्षण है। यही कारण है कि पार्टी इस बार हताश है। लोग रोजगार, सम्मान और न्याय चाहते हैं।’’
भाषा आशीष