जयशंकर ने अपने ऑस्ट्रेलियाई, फ्रांसीसी समकक्षों के साथ बैठक की
देवेंद्र माधव
- 21 Feb 2025, 09:40 PM
- Updated: 09:40 PM
(तस्वीरों के साथ)
जोहानिसबर्ग, 21 फरवरी (भाषा) विदेश मंत्री एस जयशंकर ने शुक्रवार को यहां जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के इतर आयोजित त्रिपक्षीय बैठक के दौरान अपने ऑस्ट्रेलियाई और फ्रांसीसी समकक्षों पेनी वोंग और जीन-नोएल बैरोट के साथ हिंद-प्रशांत क्षेत्र से संबंधित मुद्दों पर चर्चा की।
जयशंकर जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक में भाग लेने के लिए दक्षिण अफ्रीका की दो दिवसीय यात्रा पर जोहानिसबर्ग में हैं।
बैठक के बारे में उन्होंने कहा, ‘‘जोहानिसबर्ग में भारत-ऑस्ट्रेलिया-फ्रांस त्रिपक्षीय बैठक में विदेश मंत्रियों -- सीनेटर वोंग और जीन बैरोट से मिलकर बहुत अच्छा लगा। तीनों देशों के हिंद-प्रशांत क्षेत्र में साझा हित हैं और एक-दूसरे की स्थिति को मजबूत करने की क्षमता है। त्रिपक्षीय बैठक में रखे गए विचारों की सराहना करता हूं और उन्हें व्यावहारिक तरीकों से साकार करने के लिए तत्पर हूं।’’
जयशंकर ने जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान यूरोपीय संघ की उपाध्यक्ष और विदेश मामलों तथा सुरक्षा नीति की उच्च प्रतिनिधि काजा कालास के साथ भी अपनी पहली बैठक की। बैठक में व्यापार, सुरक्षा और भू-राजनीतिक घटनाक्रमों सहित भारत-यूरोपीय संघ सहयोग के प्रमुख क्षेत्रों पर चर्चा की गई। यूक्रेन संघर्ष भी एक प्रमुख विषय था।
विदेश मंत्री ने ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘आज जोहानिसबर्ग में काजा कलास के साथ पहली बैठक सार्थक रही। हमने भारत-यूरोपीय संघ संबंधों, यूरोप में विकास, यूक्रेन संघर्ष और अन्य वैश्विक मुद्दों पर चर्चा की।’’
इससे पहले दिन में, जयशंकर और उनके चीनी समकक्ष वांग यी ने जी-20 विदेश मंत्रियों की बैठक के दौरान अपनी वार्ता के दौरान चीन-भारत संबंधों में प्रगति, सीमावर्ती क्षेत्रों में शांति और सौहार्द के प्रबंधन तथा कैलाश मानसरोवर यात्रा फिर से शुरू किये जाने पर चर्चा की।
जयशंकर ने अंगोला के विदेश मंत्री एम्ब टेटे एंटोनियो के साथ द्विपक्षीय सहयोग और भारत-अफ्रीका संबंधों पर चर्चा की। उन्होंने ‘एक्स’ पर पोस्ट में कहा, ‘‘भारत में उनकी मेजबानी करने के लिए उत्सुक हू।’’
उन्होंने अल्जीरिया के अपने समकक्ष अहमद अत्ताफ के साथ द्विपक्षीय साझेदारी और बहुपक्षीय क्षेत्र में सहयोग पर ‘‘अच्छी बातचीत’’ की। उन्होंने पश्चिम एशिया के घटनाक्रम पर भी चर्चा की।
जयशंकर ने जी-20 देशों के विदेश मंत्रियों की बैठक के मौके पर आयरलैंड के विदेश मंत्री एवं उपप्रधानमंत्री साइमन हैरिस के साथ भी वार्ता की।
उन्होंने ‘एक्स’ पर लिखा, ‘‘हम अपनी बातचीत जारी रखने के लिए उत्सुक हैं।’’
बृहस्पतिवार को ‘वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति पर चर्चा’ शीर्षक वाले जी-20 सत्र को संबोधित करते हुए जयशंकर ने कहा कि जी-20 विश्व की बढ़ती बहुध्रुवीयता की एक महत्वपूर्ण अभिव्यक्ति है।
उन्होंने कहा, ‘‘वैश्विक भू-राजनीतिक स्थिति किसी भी परिभाषा से कठिन बनी हुई है। इसमें कोविड महामारी, संघर्ष की स्थिति, वित्तीय दबाव, खाद्य सुरक्षा और जलवायु परिवर्तन जैसी चुनौतियां शामिल हैं।’’
अंतरराष्ट्रीय आर्थिक सहयोग के प्रमुख मंच के रूप में, जी-20 वैश्विक अर्थव्यवस्था को उसके सामने आने वाली महत्वपूर्ण चुनौतियों से उबारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाता है।
जी-20 के सदस्य देशों में अर्जेंटीना, ऑस्ट्रेलिया, ब्राजील, कनाडा, चीन, फ्रांस, जर्मनी, भारत, इंडोनेशिया, इटली, जापान, कोरिया गणराज्य, मैक्सिको, रूस, सऊदी अरब, दक्षिण अफ्रीका, तुर्की, ब्रिटेन, अमेरिका, अफ्रीकी संघ और यूरोपीय संघ शामिल हैं।
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