क्या होगा यदि हम चीन के कुछ हिस्सों का नाम बदल दें: राजनाथ
प्रशांत माधव
- 09 Apr 2024, 08:15 PM
- Updated: 08:15 PM
नमसाई (अरुणाचल प्रदेश), नौ अप्रैल (भाषा) रक्षा मंत्री राजनाथ सिंह ने मंगलवार को अरुणाचल प्रदेश में कई स्थानों का नाम बदलने के लिए चीन की आलोचना की और हैरानी जताते हुए पूछा कि भारत के भी ऐसा ही करने से क्या पड़ोसी देश के वे इलाके “हमारे क्षेत्र का हिस्सा” बन जाएंगे।
अरुणाचल प्रदेश ईस्ट निर्वाचन क्षेत्र के नमसाई में एक चुनावी रैली को संबोधित करते हुए सिंह ने कहा कि पूर्वोत्तर राज्य में 30 स्थानों के नाम बदलने के चीन के कदम से जमीनी हकीकत नहीं बदलेगी।
उन्होंने जोर देकर कहा कि अरुणाचल प्रदेश भारत का अभिन्न हिस्सा है।
सिंह ने कहा, “मैं चीन से पूछना चाहता हूं कि यदि हम पड़ोसी देश के विभिन्न राज्यों के नाम बदल दें तो क्या वे हमारे क्षेत्र का हिस्से होंगे? ऐसी हरकतों से भारत और चीन के रिश्ते खराब होंगे।”
रक्षा मंत्री ने कहा, “हम अपने सभी पड़ोसियों के साथ अच्छे संबंध बनाए रखना चाहते हैं। लेकिन अगर कोई हमारे स्वाभिमान को नुकसान पहुंचाने की कोशिश करेगा तो भारत मुंहतोड़ जवाब देने की क्षमता रखता है।”
भारत ने इस महीने की शुरुआत में चीन द्वारा अरुणाचल प्रदेश में कुछ स्थानों का नाम बदलने को “मूर्खतापूर्ण” बताते हुए सिरे से खारिज कर दिया था और कहा था कि “खोजे गये” नाम देने से इस वास्तविकता में कोई बदलाव नहीं आएगा कि राज्य भारत का अभिन्न अंग है, और सदैव रहेगा।
पिछले महीने के अंत में, बीजिंग ने अरुणाचल प्रदेश में 30 और स्थानों के लिए चीनी नामों की घोषणा की थी। पड़ोसी देश अरुणाचल प्रदेश पर तिब्बत के दक्षिणी भाग के रूप में दावा करता है।
सिंह ने आरोप लगाया कि कांग्रेस को सीमावर्ती क्षेत्रों को विकसित करने में कभी दिलचस्पी नहीं थी और परिणामस्वरूप, देश ने अपने क्षेत्र का लगभग 1000 वर्ग किलोमीटर हिस्सा पड़ोसी देश के हाथों खो दिया।
सिंह ने रैली में कहा, “मैं आपको विश्वास दिलाता हूं कि भारत अब अपने पड़ोसी को एक इंच भी जमीन पर कब्जा नहीं करने देगा।”
कांग्रेस पर अपने 60 साल के शासन के दौरान अरुणाचल प्रदेश के साथ-साथ पूरे पूर्वोत्तर की उपेक्षा करने का आरोप लगाते हुए उन्होंने कहा कि कांग्रेस हर सीमावर्ती गांव को देश का आखिरी गांव मानती थी जबकि मोदी सरकार इसे पहला गांव मानती है।
उन्होंने कहा, “हमारी पार्टी के सत्ता में आने के बाद 2014 से हमने कांग्रेस की गलतियों को सुधारा है और सीमावर्ती क्षेत्रों में बुनियादी ढांचा परियोजनाएं शुरू की हैं ताकि हमारी सीमाएं सुरक्षित रहें। राजग सरकार के लिए सीमावर्ती गांव देश की रणनीतिक संपत्ति हैं।”
सिंह ने कहा कि 1962 में चीन के साथ युद्ध के दौरान सीमावर्ती गांवों के निवासियों ने देश की काफी मदद की।
मंत्री ने कहा, “उनके योगदान को देश सदैव याद रखेगा और हम सदैव उनके आभारी रहेंगे।”
भाजपा के नेतृत्व वाली राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन सरकार के 10 वर्षों में पूर्वोत्तर में किए गए निवेश की मात्रा का उल्लेख करते हुए, सिंह ने दावा किया कि क्षेत्र में निवेशित धनराशि कांग्रेस शासन के दौरान स्वीकृत राशि से कहीं अधिक थी।
उन्होंने कहा, “हमने पूर्वोत्तर के लिए 10,000 करोड़ रुपये के कुल निवेश के साथ उन्नति योजना शुरू की है। इससे क्षेत्र के युवाओं को रोजगार मिलेगा।”
उन्होंने कहा कि पहले भारत को दुनिया में पहचान नहीं मिल पाती थी, लेकिन आज देश जो कहता है, दुनिया सुनती है और यह केवल मोदी के कारण है।
उन्होंने कहा, “मोदी सरकार के सत्ता में आने के बाद देश के करीब 25 करोड़ गरीबों की स्थिति में सुधार हुआ। यह हमारा दावा नहीं है बल्कि नीति आयोग समेत प्रतिष्ठित संस्थाओं द्वारा कराए गए सर्वेक्षण में यह बात सामने आई है।” उन्होंने दावा किया कि 21वीं सदी भारत की होने जा रही है।
भाषा
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