बांसवाड़ा में कांग्रेस के गठबंधन के बावजूद पार्टी उम्मीदवार ने कहा, 'पूरी' ताकत से चुनाव लड़ेंगे
रंजन
- 09 Apr 2024, 05:36 PM
- Updated: 05:36 PM
जयपुर, नौ अप्रैल (भाषा) पार्टी की आधिकारिक घोषणा के अनुरूप नामांकन वापस न लेकर कांग्रेस को शर्मिंदगी का सामना कराने के बाद अब अरविंद डामोर ने मंगलवार को कहा कि वह "पूरी ताकत" के साथ चुनाव लड़ेंगे।
कांग्रेस ने बांसवाड़ा लोकसभा सीट और बागीदौरा विधानसभा सीट पर उपचुनाव के लिए भारत आदिवासी पार्टी (बीएपी) के उम्मीदवारों को समर्थन देने की घोषणा की है। हालांकि इन सीटों पर उसके उम्मीदवार डामोर और कपूर सिंह ने अपना नामांकन पत्र वापस नहीं लिया।
डामोर ने मंगलवार को कहा कि अगर उन्हें बताया गया होता कि उन्हें अपना नामांकन वापस लेना होगा, तो वे पहले ही चुनाव लड़ने से इनकार कर देते।
उन्होंने कहा, 'मैं कांग्रेस विचारधारा के उन सभी लोगों के आत्मसम्मान के लिए लड़ रहा हूं जो सोचते हैं कि राष्ट्रीय पार्टी कांग्रेस को स्थानीय पार्टी-बीएपी के साथ गठबंधन नहीं करना चाहिए।'
उन्होंने कहा कि वह ''कांग्रेस उम्मीदवार के रूप में पूरी ताकत'' से चुनाव लड़ेंगे।
डामोर ने कहा कि चार अप्रैल को नामांकन दाखिल करने की समय सीमा समाप्त होने से कुछ घंटे पहले ही कांग्रेस के स्थानीय नेतृत्व ने उन्हें अचानक अपना पर्चा दाखिल करने के लिए कहा।
कांग्रेस के प्रदेश प्रभारी सुखजिंदर सिंह रंधावा रविवार शाम को 'एक्स' पर लिखा, 'कांग्रेस आगामी चुनाव में भारतीय आदिवासी पार्टी के प्रत्याशी का समर्थन बांसवाड़ा संसदीय क्षेत्र और बागीदौरा विधानसभा के उपचुनाव में करेगी। भारत के संविधान और लोकतंत्र को बचाना हमारा प्राथमिक उद्देश्य है।'
पार्टी के इस फैसले के अनुसार डामोर को बांसवाड़ा सीट से लोकसभा उम्मीदवार और कपूर सिंह को बागीदौरा सीट पर उपचुनाव के लिये दाखिल किए गए नामांकन सोमवार को वापस लेना था।
हालांकि, दोनों ने आखिरी समय तक नामांकन वापस नहीं लिया और पार्टी उनसे संपर्क नहीं कर पाई और अब वे चुनावी मैदान में हैं।
डामोर ने पीटीआई-भाषा से कहा, 'मैं कल मंगलवार को अपने निर्वाचन क्षेत्र के उस इलाके में था जहां मोबाइल नेटवर्क की दिक्कत है। अगर कल किसी नेता ने मुझसे संपर्क करने की कोशिश की होगी तो संभवत: नेटवर्क की समस्या के कारण संपर्क नहीं पाया होगा।'
कांग्रेस प्रदेश अध्यक्ष गोविंद सिंह डोटासरा ने सोमवार को कहा कि डामोर और सिंह के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इन दोनों को पार्टी से निष्कासित किए जाने की भी खबरें आईं लेकिन प्रदेश कांग्रेस के प्रवक्ता ने इसकी पुष्टि नहीं की।
कांग्रेस नेताओं का एक वर्ग बांसवाड़ा सीट पर बीएपी के साथ गठबंधन के लिए उत्सुक था, जहां पूर्व कांग्रेस मंत्री महेंद्रजीत सिंह मालवीया भाजपा उम्मीदवार के रूप में चुनाव लड़ रहे हैं।
बागीदौरा से कांग्रेस विधायक रहे मालवीया फरवरी में भाजपा में शामिल हुए थे।
बागीदौरा सीट पर उपचुनाव के लिए मतदान भी 26 अप्रैल को बांसवाड़ा में लोकसभा चुनाव के साथ होगा। राजस्थान में कुल 25 लोकसभा सीटें हैं जहां 19 और 26 अप्रैल को दो चरणों में चुनाव होंगे।
कांग्रेस ने गठबंधन के तहत दो सीटें नागौर और सीकर छोड़ी हैं। इन सीटों पर क्रमश: माकपा के अमराराम और राष्ट्रीय लोकतांत्रिक पार्टी (आरएलपी) के हनुमान बेनीवाल कांग्रेस के साथ गठबंधन के तहत लोकसभा चुनाव लड़ रहे हैं। भाजपा ने सभी 25 सीटों पर उम्मीदवार खड़े किए हैं।
भाषा पृथ्वी कुंज