राजनीति में साफ-सुथरी छवि मायने रखती है, उम्र नहीं : कांग्रेस के वरिष्ठ नेता प्रदीप भट्टाचार्य
सुभाष मनीषा
- 09 Apr 2024, 04:39 PM
- Updated: 04:39 PM
(सुदीप्तो चौधरी)
कोलकाता, नौ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के 79 वर्षीय नेता एवं दो दशक बाद फिर से लोकसभा चुनाव लड़ रहे प्रदीप भट्टाचार्य ने कहा है कि राजनीति में उम्र नहीं, बल्कि साफ-सुथरी छवि मायने रखती है।
कोलकाता उत्तर सीट से चुनाव लड़ रहे भट्टाचार्य ने ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में दावा किया कि तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) प्रमुख ममता बनर्जी आगामी चुनाव में निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
राजनीति में करीब 50 साल का अनुभव रखने वाले भट्टाचार्य ने कहा कि उत्तर कोलकाता क्षेत्र में 19वीं सदी में सांस्कृतिक और सामाजिक आंदोलन हुआ था। अब वहां की जमीन एक और नवजागरण के लिए तैयार है।
पश्चिम बंगाल में कुल 42 लोकसभा सीटें हैं। परिसीमन के बाद कलकत्ता उत्तर-पश्चिम और कलकत्ता-पूर्व को मिलाकर कोलकाता उत्तर सीट का गठन किया गया। इस लोकसभा सीट के तहत सात विधानसभा सीटें आती हैं। इनमें चौरंगी, एन्टाली, बेलेघाटा, जोरासांको, श्यामपुकुर, मानिकतला और काशीपुर बेलगछिया विधानसभा सीटें शामिल हैं। साल 2009 में पहली बार इस सीट पर मतदान हुआ, जिसमें टीएमसी को जीत मिली और तब से अभी तक इस सीट पर टीएमसी का ही कब्जा है।
पूर्व प्रदेश कांग्रेस प्रमुख भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘यह सच है कि मैं काफी वृद्ध व्यक्ति हूं। इस उम्र में घूमना-फिरना और विभिन्न जगहों पर जाना मुश्किल होता है। लेकिन राजनीतिक तौर पर मेरी छवि बहुत साफ-सुथरी है, मैं बेदाग हूं। मैं कभी भी किसी भी कारण जेल नहीं गया, सीबीआई या ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) द्वारा कभी गिरफ्तार नहीं किया गया।’’
कांग्रेस के वरिष्ठ नेता ने अपने प्रतिद्वंद्वी उम्मीदवारों--तृणमूल कांग्रेस नेता एवं मौजूदा सांसद सुदीप बंदोपाध्याय और भाजपा के तापस राय के नाम का उल्लेख नहीं किया।
बंदोपाध्याय को एक पोंजी घोटाला मामले के सिलसिले में 2017 में केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) ने गिफ्तार किया था, जबकि प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) ने नगरपालिका भर्ती में कथित अनियमितता से जुड़े एक मामले में इस साल जनवरी में राय के आवास पर छापा मारा था।
राय पांच बार के विधायक हैं। वह तृणमूल कांग्रेस को छोड़कर मार्च में भाजपा में शामिल हो गए थे।
भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘मेरा मानना है कि आम लोग अपना प्रतिनिधित्व करने के लिए साफ-सुथरी छवि वाले व्यक्ति की तलाश में हैं।’’
अपनी उम्र का उल्लेख करते हुए उन्होंने कहा कि सुदीप बंदोपाध्याय भी 75 वर्ष के हैं।
भट्टाचार्य ने दावा किया, ‘‘वह (बंदोपाध्याय) मुझसे उम्र में ज्यादा छोटे नहीं हैं। लेकिन हां, तापस (राय) बेशक बहुत छोटे हैं। मेरा मानना है कि कोलकाता उत्तर के लोगों को अपना सांसद चुनने के बारे में बहुत स्पष्ट रूप से सोचना होगा... हम सभी जानते हैं कि टीएमसी का भाजपा के साथ संबंध है।’’
भट्टाचार्य ने एक सवाल के जवाब में कहा कि कोलकाता के उत्तरी हिस्से से उनका एक विशेष लगाव रहा है।
भट्टाचार्य ने कहा कि स्नातकोत्तर की पढ़ाई के दौरान, उन्होंने बंगाल में नवजागरण का विस्तार से अध्ययन किया था, जो उत्तरी कोलकाता में शुरू हुआ था। उन्होंने कहा कि इसलिए इस क्षेत्र से उनकी कुछ पुरानी यादें जुड़ी हुई हैं।
वह 1996 में लोकसभा के लिए चुने गए थे।
भट्टाचार्य ने कहा कि संदेशखालि की घटनाओं ने उन्हें 19वीं सदी के समाज सुधारक राजा राममोहन राय की याद दिला दी।
उन्होंने कहा, ‘‘संदेशखालि में प्रदर्शित हुआ कि यहां महिलाओं पर किस तरह अत्याचार किया जाता है। बंगाल के लिए एक और नवजागरण का समय आ गया है और इसकी शुरुआत उत्तर कोलकाता से होगी।’’
यह उल्लेख किये जाने पर कि कोलकाता उत्तर सीट तृणमूल कांग्रेस का गढ़ है, कांग्रेस नेता ने कहा कि लोग जानते हैं कि टीएमसी और भाजपा के बीच संबंध है।
कांग्रेस नेता ने कहा कि नागरिकता (संशोधन) अधिनियम और राष्ट्रीय नागरिक पंजी (एनआरसी) चुनाव में निर्णायक कारक नहीं होगा।
भट्टाचार्य ने मुख्यमंत्री ममता बनर्जी को ‘काफी अप्रत्याशित’ करार देते हुए कहा कि लोकसभा चुनाव में वह निश्चित रूप से महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगी।
कांग्रेस से राज्यसभा के पूर्व सदस्य ने उम्मीद जताई कि यदि मतदान ‘‘सामान्य रूप से’’ होता है कांग्रेस और विपक्ष के पास भाजपा के खिलाफ एक अच्छा मौका होगा।
भाषा
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