तटरक्षक बल के लिए 1,220 करोड़ रुपये में खरीदे जाएंगे 149 अत्याधुनिक रेडियो
पारुल नरेश
- 20 Feb 2025, 05:46 PM
- Updated: 05:46 PM
नयी दिल्ली, 20 फरवरी (भाषा) केंद्र सरकार ने भारतीय तटरक्षक बल के लिए 149 अत्याधुनिक रेडियो की खरीद के वास्ते भारत इलेक्ट्रॉनिक्स लिमिटेड (बीईएल) के साथ 1220.12 करोड़ रुपये के अनुबंध पर बृहस्पतिवार को हस्ताक्षर किए। रक्षा मंत्रालय ने यह जानकारी दी।
मंत्रालय ने बताया कि अत्याधुनिक रेडियो तटरक्षक बल को हाई-स्पीड डेटा के जरिये सूचनाओं को सुरक्षित एवं विश्वसनीय ढंग से साझा करने और किसी स्थिति को भांपने, समझने और उस पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएंगे।
उसने कहा कि ये रेडियो भारतीय नौसेना के साथ संयुक्त अभियानों के संचालन के लिए “बेहतर संचार एवं समन्वय स्थापित करने में भी मदद करेंगे।”
एक बयान के मुताबिक, रक्षा मंत्रालय ने “खरीद (भारतीय-आईडीडीएम) श्रेणी के तहत भारतीय तटरक्षक बल के लिए 1220.12 करोड़ रुपये की कुल लागत से 149 सॉफ्टवेयर आधारित रेडियो की खरीद” के वास्ते बेंगलुरु स्थित बीईएल के साथ अनुबंध पर दस्तखत किए हैं।
आईडीडीएम का मतलब “स्वदेशी रूप से डिजाइन, विकसित और निर्मित” प्रौद्योगिकियों से है।
मंत्रालय ने कहा, “ये अत्याधुनिक रेडियो हाई-स्पीड डेटा और सुरक्षित ध्वनि संचार के जरिये सूचनाओं को सुरक्षित एवं विश्वसनीय तरीके से साझा करने, बेहतर ढंग से समन्वय करने और किसी स्थिति को भांपने, समझने तथा उस पर प्रभावी ढंग से प्रतिक्रिया देने में सक्षम बनाएंगे।”
उसने कहा कि इससे तटरक्षक बल “अपनी विभिन्न जिम्मेदारियों, मसलन-समुद्र में कानून प्रवर्तन, खोज एवं बचाव अभियान का संचालन, मत्स्य संरक्षण और समुद्री पर्यावरण का संरक्षण को बेहतर ढंग से निभा पाएगा।”
मंत्रालय ने कहा कि यह परियोजना तटरक्षक बल की अभियानगत क्षमताओं में सुधार करने और समुद्री सुरक्षा को मजबूत करके भारत की नीली अर्थव्यवस्था का समर्थन करने की दिशा में एक “रणनीतिक कदम” है।
उसने कहा, “आत्मनिर्भर भारत पहल के अनुरूप, यह अनुबंध उन्नत सैन्य-ग्रेड संचार प्रणालियों के लिए देश की विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ाएगा, रोजगार के अवसर पैदा करेगा और विशेषज्ञता विकास को बढ़ावा देगा।”
एक अन्य बयान में रक्षा मंत्रालय ने कहा कि उसने भारतीय सेना, भारतीय वायु सेना और भारतीय नौसेना के लिए 697.35 करोड़ रुपये की कुल लागत से 1,868 ‘रफ टेरेन फोर्क लिफ्ट ट्रक’ (आरटीएफएलटी) की खरीद के लिए रक्षा सचिव आरके सिंह की मौजूदगी में एसीई लिमिटेड और जेसीबी इंडिया लिमिटेड के साथ अनुबंध पर दस्तखत किए।
बयान के अनुसार, आरटीएफएलटी एक “महत्वपूर्ण उपकरण है, जो भारी मात्रा में सामान की हाथ से ढुलाई करने के बजाय विभिन्न युद्ध और रसद सहायता कार्यों में मदद प्रदान करेगा” और इस तरह सेना, वायु सेना और नौसेना की अभियानगत क्षमताओं को बढ़ाएगा।
बयान में कहा गया है, “आरटीएफएलटी की खरीद के लिए समझौता खरीद (भारतीय-आईडीडीएम) श्रेणी के तहत किया गया है, जिससे देश की रक्षा उपकरण विनिर्माण क्षमताओं को बढ़ावा मिलेगा। इस परियोजना में एमएसएमई (सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्योग) क्षेत्र को घटकों के विनिर्माण के लिए प्रोत्साहित करके प्रत्यक्ष और अप्रत्यक्ष रोजगार सृजन की अपार संभावनाएं हैं।”
इसमें कहा गया है, “यह खरीद भारत के रक्षा बुनियादी ढांचे के आधुनिकीकरण और स्वदेशी उद्योगों को सशक्त बनाने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।”
भाषा पारुल