जलवायु लक्ष्यों को बाध्यकारी बनाने की तीन याचिकाओं पर यूरोपीय अदालत का मिला जुला फैसला
एपी धीरज नरेश
- 09 Apr 2024, 05:36 PM
- Updated: 05:36 PM
स्ट्रासबर्ग (फ्रांस), नौ अप्रैल (एपी) यूरोप की शीर्ष मानवाधिकार अदालत ने मंगलवार को दिए एक फैसले में कहा कि उसके सदस्य देशों का दायित्व है कि वे अपने नागरिकों को जलवायु परिवर्तन के दुष्प्रभावों से बचाएं। अदालत ने यह व्यवस्था ‘सीनियर वुमेन फॉर क्लाइमेट प्रोटेक्शन’ की दो हजार स्विस महिला सदस्यों की याचिका पर दी।
हालांकि, अदालत ने छह पुर्तगाली युवाओं और फ्रांस के एक महापौर की दो अन्य याचिकाएं खारिज कर दी जिसमें सदस्य देशों को ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन को कम करने के अंतरराष्ट्रीय वादे को बाध्यकारी बनाने का अनुरोध किया गया था।
तीनों याचिकाओं में पक्ष रख रहे वकीलों को उम्मीद थी कि स्ट्रासबर्ग की अदालत व्यवस्था देगी कि पेरिस जलवायु समझौते के लक्ष्यों के अनुरूप, ग्लोबल वार्मिंग को पूर्व-औद्योगिक स्तरों से 1.5 डिग्री सेल्सियस (2.7 डिग्री फ़ारेनहाइट) तक सुनिश्चित करना राष्ट्रीय सरकारों का कानूनी कर्तव्य है। लेकिन यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय अध्यक्ष, न्यायाधीश सियोफ्रा ओलेरी ने मिला-जुला फैसला दिया।
पुर्तगाली वादियों में से एक सोफिया ओलिवेरा (19) ने कहा,‘‘मुझे वास्तव में उम्मीद थी कि हम सभी देशों के खिलाफ जीतेंगे, इसलिए जाहिर तौर पर मैं निराश हूं कि ऐसा नहीं हुआ।’’
उन्होंने कहा, ‘‘लेकिन सबसे महत्वपूर्ण बात यह है कि स्विस महिलाओं के मामले में अदालत ने कहा है कि मानवाधिकारों की रक्षा के लिए सरकारों को अपने उत्सर्जन में और अधिक कटौती करनी चाहिए। तो, उनकी जीत हमारी भी जीत है, और सभी की जीत है!’’
मानवाधिकारों से संबंधित मौलिक संधि के संदर्भ में, ‘‘अदालत ने पाया कि संधि की आठवीं अनुसूची में व्यक्तियों को देश की सरकार से उनके जीवन, स्वास्थ्य, कल्याण और जीवन की गुणवत्ता पर जलवायु परिवर्तन के गंभीर प्रतिकूल प्रभाव से सुरक्षा देने की मांग करने का अधिकार है।’’
यूरोपीय मानवाधिकार न्यायालय के फैसले यूरोपीय परिषद के सभी 46 सदस्य देशों के लिए कानूनी रूप से बाध्यकारी नहीं हैं, लेकिन वे एक कानूनी मिसाल कायम करते हैं जिसके आधार पर भविष्य के मुकदमों का फैसला किया जा सकता है।
यूरोपीय संघ का वर्तमान में 2050 तक जलवायु-तटस्थ (एक ऐसी अर्थव्यवस्था जिसमें शुद्ध-शून्य ग्रीनहाउस गैस उत्सर्जन हो) होने का लक्ष्य है। संघ के कई सदस्यों ने कहा है कि 2030 के लक्ष्य को पूरा करना आर्थिक रूप से संभव नहीं होगा। यूरोपीय संघ में स्विट्जरलैंड शामिल नहीं है।
जलवायु समूहों को भरोसा था कि 17 न्यायाधीश उनके पक्ष में फैसला सुनाएंगे, लेकिन मिश्रित निर्णय नीदरलैंड की शीर्ष अदालत द्वारा पहले दिए गए फैसले को कमजोर कर सकता है। नीदरलैंड के उच्चतम न्यायालय ने 2019 में सरकार को 1990 के मानक स्तर से 2020 के अंत तक उत्सर्जन में कम से कम 25 प्रतिशत कटौती करने का आदेश दिया था।
एपी धीरज