असम विधानसभा का बजट सत्र: राज्यपाल ने अभिभाषण में सरकार की उपलब्धियां गिनाईं
नेत्रपाल शफीक
- 17 Feb 2025, 03:35 PM
- Updated: 03:35 PM
कोकराझार, 17 फरवरी (भाषा) असम के राज्यपाल लक्ष्मण प्रसाद आचार्य ने सोमवार को विधानसभा के बजट सत्र को संबोधित करते हुए राज्य के सर्वांगीण विकास के लिए सरकार की उपलब्धियां गिनाईं और विभिन्न पहलों को रेखांकित किया।
असम विधानसभा का बजट सत्र कोकराझार में आयोजित किया जा रहा है। यह पहली बार है जब असम विधानसभा की बैठक राज्य की राजधानी के बाहर आयोजित की गई है।
आचार्य ने राजधानी के बाहर बैठक आयोजित किए जाने पर प्रसन्नता व्यक्त करते हुए कहा कि ऐसे उपायों से लोगों को एक साथ लाने में मदद मिलती है।
उन्होंने कहा, ‘‘यह सत्र हमारी यात्रा पर चिंतन करने, चुनौतियों पर विचार-विमर्श करने तथा हमारे प्रिय राज्य के भविष्य के लिए एक दूरदर्शी रोडमैप तैयार करने का एक महत्वपूर्ण अवसर है।’’
राज्यपाल ने इस बात पर जोर दिया कि सरकार राज्य के खोए हुए गौरव को पुनर्जीवित करने, अतीत का सम्मान करने वाले भविष्य का निर्माण करने, इतिहास को प्रगति के साथ जोड़ने तथा सभी के लिए सम्मान और समृद्धि सुनिश्चित करने के वास्ते काम कर रही है।
असम की आर्थिक वृद्धि के बारे में राज्यपाल ने दावा किया कि राज्य 12.6 प्रतिशत की चक्रवृद्धि वार्षिक वृद्धि दर के साथ लगातार प्रगति कर रहा है।
उन्होंने कहा कि 2022-23 के दौरान कर राजस्व संग्रह में 25 प्रतिशत और 2023-24 में 15 प्रतिशत की वृद्धि हुई है।
राज्यपाल ने कहा कि असम की बढ़ती आय का राज्य के आर्थिक परिदृश्य पर सकारात्मक प्रभाव पड़ा है और सभी विभाग न केवल विकास की गति को बनाए रखने, बल्कि इसे बढ़ाने के लिए मिलकर काम कर रहे हैं।
आचार्य ने कहा कि जगीरोड में आगामी सेमीकंडक्टर उद्योग, ब्रह्मपुत्र वैली फर्टिलाइजर कॉरपोरेशन लिमिटेड के तहत आधुनिक उर्वरक संयंत्र और इस महीने के अंत में होने वाला ‘एडवांटेज इन्वेस्टमेंट 2.0’ निवेश तथा बुनियादी ढांचा शिखर सम्मेलन कुछ ऐसी पहल हैं जो विकास को आगे बढ़ाएंगे।
उन्होंने कहा, ‘‘प्रगतिशील नीतियों, रणनीतिक स्थान और निवेश-अनुकूल पारिस्थितिकी तंत्र के साथ, असम भारत में औद्योगिक परिवर्तन की अगली लहर को आगे बढ़ाने और खुद को वैश्विक आर्थिक महाशक्ति के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार है।’’
आचार्य ने असमिया को शास्त्रीय भाषा के रूप में मान्यता देने, चराइदेव मोइदम को यूनेस्को विश्व धरोहर स्थल का दर्जा देने और ‘द न्यूयॉर्क टाइम्स’ द्वारा असम को शीर्ष वैश्विक स्थलों में स्थान दिए जाने को भी राज्य के लिए सकारात्मक घटनाक्रम बताया।
राज्यपाल ने महिला एवं युवा सशक्तीकरण, कृषि एवं संबद्ध क्षेत्र, खाद्य सुरक्षा एवं सार्वजनिक सेवा वितरण, ग्रामीण विकास, स्वच्छता, शहरी विकास, स्वास्थ्य, शिक्षा, सड़क, बिजली और वन क्षेत्र आदि के लिए विभिन्न पहलों और योजनाओं पर भी बात की।
उन्होंने बोडोलैंड प्रादेशिक क्षेत्र, कार्बी आंगलोंग स्वायत्त परिषद और उत्तरी कछार हिल्स स्वायत्त परिषद के कल्याण के लिए उठाए गए कदमों पर भी प्रकाश डाला।
आचार्य ने कहा, ‘‘शासन के हमारे पारदर्शी तरीकों ने हमें अपने समय की लगातार बदलती जरूरतों के प्रति जिम्मेदार और उत्तरदायी बनाया है। मैं स्पष्ट शब्दों में दोहराना चाहूंगा कि मेरी सरकार राज्य के सभी क्षेत्रों के विकास और सभी वर्गों को सशक्त बनाने के लिए दृढ़ता से प्रतिबद्ध है।’’
भाषा नेत्रपाल