जजपा नेता कमलेश सैनी, निशान सिंह ने पार्टी छोड़ी
वैभव धीरज
- 08 Apr 2024, 10:29 PM
- Updated: 10:29 PM
चंडीगढ़, आठ अप्रैल (भाषा) लोकसभा चुनाव से पहले जननायक जनता पार्टी (जजपा)को झटका देते हुए पार्टी की महासचिव कमलेश सैनी और हरियाणा इकाई के अध्यक्ष निशान सिंह ने सोमवार को पार्टी छोड़ दी।
जजपा की एक और नेता तथा राज्य की महिला इकाई की पूर्व सचिव ममता कटारिया ने भी बताया कि उन्होंने भी पार्टी छोड़ दी है।
यह घटनाक्रम साढ़े पांच साल पुरानी पार्टी के लिए एक बड़ा झटका है, जो हाल ही में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) से अलग हुई थी और जिसने हरियाणा में 25 मई को होने वाले लोकसभा चुनाव में अपने उम्मीदवार उतारने की घोषणा की है।
निशान सिंह ने मीडिया से कहा कि उन्होंने पार्टी के शीर्ष नेतृत्व को मौखिक रूप से बता दिया है कि उन्होंने पार्टी की सदस्यता के साथ अपने पद से इस्तीफा दे दिया है।
उन्होंने अपने इस कदम का कारण नहीं बताया। वह जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष अजय सिंह चौटाला से एक दो दिन में मिलकर इस्तीफा सौंपेंगे।
चौटाला ने चरखी दादरी में संवाददाताओं से कहा कि उन्हें मीडिया से निशान सिंह के इस फैसले के बारे में जानकारी मिली।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने उनसे फोन पर बात करने की कोशिश की लेकिन वह बंद था।’’
हालांकि उन्होंने कहा कि सिंह जजपा के संस्थापक सदस्यों में शामिल हैं और उन्हें इस तरह पार्टी को नहीं छोड़ना चाहिए।
जब सिंह से पूछा गया कि क्या वह किसी दूसरी पार्टी में शामिल होंगे तो उन्होंने कहा कि वह अपने समर्थकों से परामर्श कर फैसला करेंगे।
वह पहले इंडियन नेशनल लोकदल से जुड़े थे और पार्टी के विभाजन के बाद वह जजपा का हिस्सा बन गए जो दिसंबर 2018 में अस्तित्व में आयी थी।
इस बीच जजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष चौटाला को लिखे अपने इस्तीफे में सैनी ने कहा, “मैं जजपा की प्राथमिक सदस्यता और अपने सभी पदों से इस्तीफा दे रही हूं।”
सैनी ने कहा कि उन्होंने यह फैसला अपने समर्थकों की भावनाओं और उनसे मिले सुझावों को ध्यान में रखते हुए लिया है।
उनके अगले कदम और क्या वह किसी अन्य राजनीतिक दल में शामिल होंगी, के बारे में पूछे जाने पर सैनी ने कहा, “यह फैसला भी अपने समर्थकों और लोगों से सलाह-मशविरा करने के बाद लिया जाएगा।”
सैनी नारनौल नगर पालिका परिषद की अध्यक्ष भी हैं।
हरियाणा की दस लोकसभा सीटों के लिए आम चुनाव के छठे चरण में 25 मई को मतदान होगा।
जजपा के शीर्ष नेतृत्व ने हाल ही में कहा था कि वह इन चुनावों में अपने उम्मीदवार उतारेगी। जजपा पहले हरियाणा में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की गठबंधन सहयोगी थी।
भाजपा ने पिछले महीने मनोहर लाल खट्टर की जगह नायब सिंह सैनी को हरियाणा का मुख्यमंत्री बनाया था, जिसके बाद जजपा ने स्पष्ट कर दिया था कि वह नयी सरकार का हिस्सा नहीं होगी।
भाषा वैभव