केरल के नर्सिंग कॉलेज में रैगिंग: छात्र को निर्वस्त्र किया, शरीर में बार-बार कंपास चुभाया
संतोष रंजन
- 13 Feb 2025, 08:17 PM
- Updated: 08:17 PM
कोट्टायम (केरल), 13 फरवरी (भाषा) सरकारी नर्सिंग कॉलेज में कनिष्ठ छात्रों पर वरिष्ठ छात्रों द्वारा की गई क्रूर रैगिंग के विचलित करने वाले दृश्य बृहस्पतिवार को सामने आए।
गांधीनगर पुलिस को मिले फुटेज के अनुसार, पीड़ित छात्र को भयानक क्रूरता का सामना करना पड़ा जिसमें उसे अर्ध निर्वस्त्र किया जाना और उसके शरीर में बार-बार कंपास चुभाना शामिल है।
छात्र को जिस तरह की यातना का सामना करना पड़ा उनमें उसे एक खाट से बांधने के बाद उसके निजी अंगों पर डंबल रखा गया, उसके मुंह में फेशियल क्रीम डालना और उसके शरीर में बार-बार कंपास चुभाना शामिल है।
टीवी चैनलों की ओर से प्रसारित दृश्य के अनुसार, कनिष्ठ छात्र बिस्तर पर पड़ा था और उसके पूरे शरीर पर लोशन लगा हुआ था तथा उसके हाथ-पैर रस्सी से बंधे हुए थे। वह दर्द से चीखता दिखा, जो हिलने में असमर्थ था।
इसके बाद वरिष्ठ छात्रों ने छात्र के शरीर के विभिन्न हिस्सों में कंपास चुभाया और तेज आवाज में ‘एक, दो, तीन’ गिनते रहे।
फुटेज के मुताबिक, जब पीड़ित दर्द से चिल्ला रहा था, तो आरोपियों ने उसका मजाक उड़ाते हुए ‘सेक्सी बॉडी’ कहकर ताना मारा और उसे अपमानित किया।
पुलिस ने बताया कि तीसरे वर्ष के छात्रों द्वारा रिकॉर्ड किए गए वीडियो में रैगिंग की यह क्रूर घटना दर्ज हुई है। यह दुर्व्यवहार लड़कों के छात्रावास में प्रथम वर्ष के नर्सिंग छात्रों को निशाना बनाकर किया गया।
पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार किए गए छात्रों में से एक नर्सिंग छात्र संगठन का पदाधिकारी है। पुलिस ने बुधवार को प्रथम वर्ष के छात्रों की रैगिंग करने के आरोप में तीसरे वर्ष के पांच छात्रों को गिरफ्तार कर लिया।
गिरफ्तार किए गए छात्रों की पहचान सैमुअल जॉनसन (20), राहुल राज (22), जीव (18), रिजिल जीत (20) और विवेक (21) के रूप में हुई है। शिकायत के अनुसार, रैगिंग पिछले साल नवंबर में शुरू हुई थी।
कोट्टायम जिले के पुलिस प्रमुख शाहुल हमीद ने कहा कि पुलिस इस बात की जांच कर रही है कि क्या और छात्रों की भी रैगिंग की गई थी। उन्होंने कहा, ‘‘एक छात्र की शिकायत के आधार पर मामला दर्ज किया गया है, लेकिन हम यह पता लगाने के लिए अन्य छात्रों के बयान दर्ज करेंगे कि क्या और भी पीड़ित हैं।’’
संवाददाताओं से बातचीत में हमीद ने कहा कि जांच में यह भी पता लगाया जाएगा कि क्या कॉलेज प्रशासन की ओर से भी कोई चूक हुई है।
सरकारी मेडिकल कॉलेज के अंतर्गत संचालित नर्सिंग संस्थान में पिछले करीब तीन महीने से रैगिंग चल रही थी, जिसकी शिकायत मिलने के बाद रैगिंग निषेध अधिनियम के तहत मामला दर्ज किया गया है।
पुलिस ने बताया कि आरोपियों पर भारतीय न्याय संहिता (बीएनएस) की धारा 118(1), 308(2), 351(1) और 3(5) के तहत भी मामला दर्ज किया गया है। कॉलेज प्रशासन ने पुष्टि की है कि आरोपी छात्रों को निलंबित कर दिया गया है।
शिकायत में यह भी कहा गया है कि वरिष्ठ छात्र रविवार को कनिष्ठ छात्रों से शराब खरीदने के लिए पैसे वसूलते थे और अक्सर उनके साथ मारपीट करते थे।
आरोपियों ने 16 नवंबर को कथित तौर पर प्रथम वर्ष के छात्र को धमकी देकर गूगल पे के जरिए 300 रुपये ऑनलाइन भेजने और 500 रुपये नकद देने के लिए मजबूर किया। पुलिस ने खुलासा किया कि पैसे का इस्तेमाल शराब खरीदने में किया गया।
कॉलेज प्रशासन ने कहा कि प्रभावित छात्रों ने दुर्व्यवहार के बारे में छात्रावास के अधिकारियों, शिक्षकों या अभिभावकों को सूचित नहीं किया था। कॉलेज प्रशासन ने कहा कि शिकायत मिलने पर कॉलेज ने तुरंत कार्रवाई की। उन्होंने बताया कि जांच के दौरान आरोपों की पुष्टि होने के बाद मामला पुलिस को सौंप दिया गया।
इस बीच, राज्य के छात्र संगठनों ने घटना की निंदा करते हुए इसे बर्बर और स्तब्ध करने वाला कृत्य बताया।
मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी के छात्र संगठन एसएफआई के राज्य सचिव पी एम अर्शो ने कहा कि उनका संगठन रैगिंग जैसे अराजक कृत्यों के खिलाफ कड़ा रुख अपनाता है।
अर्शो ने एक टेलीविजन चैनल से कहा, ‘‘घटना स्तब्ध करने वाली है और आरोपी का एसएफआई से कोई संबंध नहीं है।’’
कांग्रेस के छात्र संगठन केएसयू के अध्यक्ष एलोशियस जेवियर ने कहा कि छात्र संगठनों को ऐसी क्रूरता में शामिल लोगों को बचाना नहीं चाहिए।
अखिल भारतीय विद्यार्थी परिषद (एबीवीपी) ने बृहस्पतिवार को केरल के राज्यपाल, राष्ट्रीय मानवाधिकार आयोग एवं केरल स्वास्थ्य विज्ञान विश्वविद्यालय (केयूएचएस) के कुलपति के समक्ष शिकायत दर्ज कराते हुए घटना की जांच की मांग की।
एबीवीपी ने एक बयान में कहा कि वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) सरकार के तहत रैगिंग मुक्त परिसर महज एक सपना बनकर रह गया है।
भाषा संतोष