हिमाचल का बीबीएन औद्योगिक क्षेत्र पिछले 15 माह में भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया: पूर्व कांग्रेस विधायक
खारी माधव
- 08 Apr 2024, 09:07 PM
- Updated: 09:07 PM
शिमला, आठ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा ने सोमवार को आरोप लगाया कि सुखविंदर सिंह सुक्खू के मुख्यमंत्री बनने के बाद से हिमाचल प्रदेश में बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ (बीएनएन) औद्योगिक क्षेत्र भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।
शर्मा ने यहां जारी एक वीडियो में दावा किया कि उद्योगपतियों को राज्य सचिवालय से फोन किए गए थे कि जिसमें कहा जा रहा था कि वे विशेष लोगों को ही कबाड़ दें अन्यथा उनके कारखानों को संचालित करने की अनुमति नहीं दी जाएगी।
शर्मा को कांग्रेस व्हिप का उल्लंघन करने के कारण विधानसभा से अयोग्य घोषित कर दिया गया था और बाद में वह भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) में शामिल हो गए।
धर्मशाला विधानसभा के उपचुनाव के लिए भाजपा उम्मीदवार ने आरोप लगाया कि सुक्खू ईमानदारी की बात करते हैं, जबकि बीबीएन क्षेत्र में खनन और कबाड़ व्यवसायों में सबसे अधिक भ्रष्टाचार हुआ, जिससे उद्योगपति पलायन करने को मजबूर हुए।
उन्होंने कहा, ‘‘ बद्दी बरोटीवाला नालागढ़ औद्योगिक क्षेत्र पिछले 15 माह में भ्रष्टाचार का अड्डा बन गया है।’’
उन्होंने कहा कि क्या यही व्यवस्था में बदलाव किया गया है कि अधिकारी उद्योगपतियों को पूर्व निर्धारित दरों पर किसी खास व्यक्ति को कबाड़ बेचने के लिए मजबूर कर रहे हैं।
शर्मा उन नौ विधायकों में शामिल हैं जिन्होंने 27 फरवरी को हुए राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। इनमें कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय विधायक थे।
शर्मा ने दावा किया कि नालागढ़ में ‘मेडिकल डिवाइस पार्क’ की स्थापना के लिए चिह्नित भूमि अवैध खनन के कारण पूरी तरह बर्बाद हो गई है।
उन्होंने कहा, ‘‘ आने वाले दिनों में हम सभी तथ्य लोगों के सामने रखेंगे।’’
मुख्यमंत्री पर निशाना साधते हुए शर्मा ने कहा, ‘‘ सुक्खू कह रहे हैं कि हमने प्रलोभन में आकर पार्टी छोड़ दी है और अपनी आत्मा बेच दी। मैं उन्हें याद दिलाना चाहूंगा कि जब वी.वी. गिरि राष्ट्रपति चुनाव लड़ रहे थे, तो इंदिरा गांधी ने पार्टी के खिलाफ जाकर उन्हें वोट दिया था।’’
रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के ‘‘ 15 करोड़ रुपये में विधायक के बिकने’’ वाले बयान पर उनके खिलाफ मानहानि की पुलिस शिकायत दर्ज कराई। कुछ दिन पहले उन्होंने सुक्खू को उनकी टिप्पणी पर पांच करोड़ रुपये के मुआवजे की मांग करते हुए मानहानि का नोटिस भेजा था। रविवार को उन्होंने मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने की मांग की।
सुक्खू ने बृहस्पतिवार को कुटलैहड़ में एक रैली में आरोप लगाया था कि ‘‘कांग्रेस के छह बागियों और तीन निर्दलीयों को 15-15 करोड़ रुपये में बिक गये।’’
एक दिन बाद, हमीरपुर जिले के नादौन में एक सभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने शर्मा को बागियों का ‘‘सरदार’’ करार दिया और आरोप लगाया कि उन्हें 15 करोड़ रुपये से अधिक मिले।
भाषा खारी