कांग्रेस की नई सरकार एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं को सालाना एक-एक लाख रुपये देगी: राहुल गांधी
संतोष
- 08 Apr 2024, 08:54 PM
- Updated: 08:54 PM
सिवनी, आठ अप्रैल (भाषा) कांग्रेस नेता राहुल गांधी ने सोमवार को आगामी लोकसभा चुनाव जीतने का भरोसा जताया और कहा कि नई सरकार अनुसूचित जाति-अनुसूचित जनजाति (एससी-एसटी) और अन्य पिछड़ा वर्ग (ओबीसी) की महिलाओं के बैंक खाते में सालाना एक लाख रुपये अंतरित करेगी।
भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शासित मध्य प्रदेश में आदिवासियों तक पहुंचते हुए गांधी ने कहा कि वे जमीन के मूल मालिक हैं और इस बात पर दुख जताया कि समुदाय का कोई भी व्यक्ति देश की शीर्ष 200 कंपनियों के प्रवर्तकों में या उनके वरिष्ठ प्रबंधन का हिस्सा नहीं है।
मंडला लोकसभा क्षेत्र का हिस्सा सिवनी जिले के धनोरा में एक रैली को संबोधित करते हुए गांधी ने बेरोजगार युवाओं को गारंटीकृत प्रशिक्षण प्रदान करने का भी आश्वासन दिया। यहां 19 अप्रैल को पहले चरण में मतदान होगा।
उन्होंने आश्वासन दिया कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह सिर्फ एक साल में मूल निवासियों के उनकी जमीन पर दावे का निपटारा कर देगी।
उन्होंने कहा, “हमारे घोषणापत्र में हमारे द्वारा उठाए जाने वाले तीन से चार क्रांतिकारी कदमों का उल्लेख है जैसे कि एससी-एसटी और ओबीसी वर्ग की महिलाओं और गरीब परिवारों की महिलाओं के बैंक खातों में एक-एक लाख रुपये हर साल अंतरित करना। इस तरह हम हर महीने उनके खातों के जरिये उन्हें हजारों रुपये प्रदान करेंगे।’’
कांग्रेस ने मंडला सीट से मौजूदा सांसद और केंद्रीय मंत्री फग्गन सिंह कुलस्ते के खिलाफ पूर्व मंत्री और विधायक ओमकार सिंह मरकाम को मैदान में उतारा है। गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने आशा और आंगनवाड़ी कार्यकर्ताओं को भुगतान की जाने वाली राशि को दोगुना करने का भी वादा किया है।
पूर्व कांग्रेस प्रमुख ने कहा, ‘‘हम यह सुनिश्चित करने के लिए एक नया कानून भी लाएंगे कि देश के प्रत्येक बेरोजगार युवा को सार्वजनिक और निजी क्षेत्र में एक साल की प्रशिक्षुता (अप्रेंटिसशिप) मिलेगी जिस दौरान उन्हें भत्ते के रूप में एक लाख रुपये मिलेंगे।’’
उन्होंने कहा कि अप्रेंटिसशिप (प्रशिक्षण) पूरी करने के बाद अच्छा प्रदर्शन करने पर उन्हें उसी स्थान पर नौकरी मिल जाएगी।
गांधी ने कहा, ‘‘केंद्र में सरकार बनाने के बाद हम रोजगार में ठेकेदारी प्रथा खत्म करेंगे और सरकारी क्षेत्र में 30 लाख रिक्तियां भरेंगे।’’
उन्होंने कहा कि कांग्रेस सरकार यह सुनिश्चित करने के लिए एक कानून बनाएगी कि किसानों को उनकी फसलों के लिए पर्याप्त न्यूनतम समर्थन मूल्य (एमएसपी) मिले जिसके लिए किसान लंबे समय से आंदोलन कर रहे हैं।
गांधी ने आरोप लगाया कि भाजपा जानबूझकर आदिवासियों को उनकी जमीन से उखाड़ने और जल, जंगल और जमीन पर उनका पहला अधिकार छीनने के मकसद से उन्हें ‘आदिवासी’ कहने के बजाय ‘वनवासी’ कह रही है।
उन्होंने कहा, ‘‘वे उनकी (आदिवासियों की) जमीन उद्योगपतियों को देना चाहते हैं।’’
कांग्रेस नेता ने जोर देकर कहा, "कांग्रेस आप सभी को 'आदिवासी' कहती है लेकिन प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी, गृह मंत्री अमित शाह और भाजपा आपको 'वनवासी' कहती है। ये दो शब्द दो अलग-अलग विचारधाराओं को दर्शाते हैं।"
उन्होंने कहा, "आदिवासी का मतलब वे लोग हैं जो जमीन के मालिक हैं। वे जमीन, जल, जंगल और धन के मूल मालिक हैं।
गांधी ने कहा कि कांग्रेस ने सत्ता में रहते हुए आदिवासियों को जमीन का अधिकार दिया। उन्होंने कहा कि पूर्व प्रधानमंत्री इंदिरा गांधी और कांग्रेस सरकार ने आपको जमीन का अधिकार दिया।
गांधी ने आरोप लगाया कि जब आदिवासी रोजगार, शिक्षा और मुआवजा (अपनी जमीन के लिए) मांगते हैं तो भाजपा उन्हें जेल में डाल देती है।
उन्होंने पिछले साल सीधी जिले में पेशाब करने की घटना का जिक्र किया और उस अप्रिय घटना को लेकर भगवा संगठन पर हमला बोला। इसमें पीड़ित एक आदिवासी था और इस घटना का वीडियो वायरल हो गया था।
इस घटना ने देश भर में आक्रोश पैदा कर दिया था, जिसके बाद तत्कालीन मुख्यमंत्री शिवराज सिंह चौहान को पीड़ित को अपने आधिकारिक आवास पर बुलाना पड़ा और प्रायश्चित के रूप में उसके पैर धोने पड़े।
उन्होंने आरोप लगाया, "एक वीडियो वायरल हुआ जिसमें भाजपा का एक नेता एक आदिवासी पर पेशाब कर रहा है। उन्होंने इसे वायरल कर दिया था। पहले वे वीडियो बनाते हैं और फिर उसे वायरल कर देते हैं।"
सीधी घटना का आरोपी उच्चवर्ग से था और कांग्रेस ने आरोप लगाया था कि वह एक स्थानीय भाजपा विधायक से जुड़ा हुआ था, हालांकि भगवा पार्टी ने इस आरोप से इनकार किया था।
पूर्व कांग्रेस अध्यक्ष ने कहा कि भारत में कुल आबादी का आठ प्रतिशत से अधिक आदिवासी हैं, लेकिन उनमें से कोई भी शीर्ष 200 कंपनियों का मालिक या उनके वरिष्ठ प्रबंधन का हिस्सा नहीं है।
गांधी ने कहा, " देश चलाने वाले और (विभिन्न सरकारी विभागों का) बजट आवंटित करने वाले 90 आईएएस अधिकारियों में सिर्फ एक आदिवासी है।’’
उन्होंने मीडिया में उनके कम प्रतिनिधित्व की ओर इशारा करते हुए कहा कि उन्हें किसी मीडिया संगठन के एक आदिवासी मालिक या इस समुदाय के किसी समाचार एंकर के बारे में जानकारी नहीं है।
गांधी ने कहा कि अगर कांग्रेस सत्ता में आई तो वह (संविधान की) छठी अनुसूची को सख्ती से लागू करेगी ताकि यह सुनिश्चित किया जा सके कि आदिवासी बहुल क्षेत्रों में निर्णय स्थानीय स्तर पर लिए जाएं और दिल्ली या भोपाल द्वारा थोपे न जाएं।
कांग्रेस सांसद ने कहा कि यह अनुसूची उन क्षेत्रों में लागू की जाएगी जहां आदिवासी लोगों की आबादी 50 प्रतिशत है। छठी अनुसूची कुछ जनजातीय क्षेत्रों को स्वायत्त संस्थाओं के रूप में प्रशासित करने का प्रावधान करती है।
भाषा दिमो