लोकसभा चुनाव से पहले कन्नूर बम विस्फोट की घटना को लेकर आरोप-प्रत्यारोप शुरू
अमित अविनाश
- 08 Apr 2024, 08:39 PM
- Updated: 08:39 PM
तिरुवनंतपुरम, आठ अप्रैल (भाषा) लोकसभा चुनाव नजदीक आने के साथ ही, केरल के उत्तरी कन्नूर में हाल में हुए देसी बम विस्फोट की घटना को लेकर राज्य में राजनीतिक आरोप-प्रत्यारोप शुरू हो गया है।
उक्त बम विस्फोट में एक व्यक्ति की मौत हो गई थी और तीन अन्य घायल हो गए थे। यह घटना उस समय हुई थी जब वे लोग कथित तौर पर कच्चा विस्फोटक बना रहे थे।
विपक्षी कांग्रेस ने राज्य में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) के कार्यकर्ताओं पर बम बनाने में सीधे तौर पर शामिल होने का आरोप लगाया है, जबकि मार्क्सवादी पार्टी ने आरोपों से इनकार किया और आरोपों और विस्फोट में घायल हुए लोगों से अपना पल्ला झाड़ लिया है।
राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने सोमवार को आरोप लगाया कि बम विस्फोट में मारा गया व्यक्ति सत्तारूढ़ दल से जुड़ा हुआ था। उन्होंने कहा कि शुक्रवार को कन्नूर जिले के पनूर में हुए विस्फोट में जो लोग घायल हुए थे और जो लोग उन्हें अस्पताल ले गए थे, वे सभी माकपा के कार्यकर्ता थे।
सतीशन ने यहां पत्रकारों से बात करते हुए सवाल किया, ‘‘जो लोग मृत व्यक्ति के अंतिम संस्कार में गए थे, वे भी माकपा के कार्यकर्ता थे। फिर सत्तारूढ़ दल बम बनाने की जिम्मेदारी से कैसे बच सकता है?’’
यह सवाल करते हुए कि क्या बम कांग्रेस के नेतृत्व वाले संयुक्त लोकतंत्रिक मोर्चा (यूडीएफ) के कार्यकर्ताओं को मारने के लिए बनाया गया था, उन्होंने केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन पर अपराधियों को बढ़ावा देने का आरोप लगाया। राज्य में गृह विभाग विजयन के पास है।
विपक्ष के नेता सतीशन ने कहा, "मुख्यमंत्री राज्य में सभी अपराधियों को प्रोत्साहित करते हैं। फिर वह कहते हैं कि वे लोकसभा चुनाव जीतेंगे। एलडीएफ (वाम लोकतांत्रिक मोर्चा) एक भी सीट नहीं जीतेगा।"
इस बीच, विजयन ने जनता को आश्वासन दिया कि वह बम बनाने में शामिल लोगों के खिलाफ राजनीति से परे कड़ी कार्रवाई करेंगे, लेकिन मौजूदा विवाद में माकपा का बचाव किया।
विस्फोट में काइवेलिक्कल निवासी शेरिल की मौत हो गई।
विजयन ने पार्टी के स्थानीय नेताओं के शेरिल के घर जाने को भी उचित ठहराया और कहा कि उन्होंने (पार्टी के स्थानीय नेताओं) कुछ भी "निषिद्ध" काम नहीं किया।
पथानामथिट्टा के अडूर में पत्रकारों से बात करते हुए विजयन ने कहा कि बम बनाना किसी भी कीमत पर स्वीकार नहीं किया जा सकता। उन्होंने कहा, "हमारे राज्य में बम बनाने की कोई जरूरत नहीं है। इस संबंध में कानूनी कार्रवाई पहले ही की जा चुकी है। चीजों को राजनीतिक रूप से देखने की जरूरत नहीं है। यह (बम बनाना) एक अपराध था और हमने इसमें शामिल लोगों के खिलाफ कार्रवाई की है।’’
एक सवाल का जवाब देते हुए विजयन ने कहा कि उन्हें नहीं लगता कि किसी मृत व्यक्ति के घर जाना कोई "निषिद्ध कार्य" है और परिवार के सदस्यों को सांत्वना देना बिल्कुल भी गलत बात नहीं है।
माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन ने भी बम विस्फोट की घटना में पार्टी का बचाव किया और कहा कि इसमें उसकी कोई भूमिका नहीं थी। उन्होंने कहा कि पार्टी का रुख यह है कि कहीं भी कोई संघर्ष नहीं होना चाहिए और दावा किया कि माकपा अपने खिलाफ होने वाले हमलों को भी आत्मसंयम की नजर से देख रही है।
उन्होंने राज्य में मीडिया के एक वर्ग पर दक्षिणपंथियों के ‘मेगाफोन’ के रूप में काम करने और माकपा के खिलाफ दुष्प्रचार करने का आरोप भी लगाया। गोविंदन ने पार्टी सदस्यों के विस्फोट पीड़ित के घर जाने को भी उचित ठहराया और कहा कि मृत व्यक्तियों के घर जाना "संस्कृति का हिस्सा" है।
पुलिस ने बताया कि विस्फोट के सिलसिले में रविवार को एक और संदिग्ध को गिरफ्तार किया गया। पुलिस ने बताया कि गिरफ्तार व्यक्ति - अमल बाबू - एक स्थानीय ‘डीवाईएफआई’ नेता है। पुलिस ने बताया कि इसके साथ ही विस्फोट के सिलसिले में गिरफ्तार किए गए लोगों की संख्या बढ़कर पांच हो गई है।
पुलिस ने बताया कि यह विस्फोट शुक्रवार को पनुर में हुआ था। इस घटना में घायल शेरिल की एक निजी अस्पताल में मौत हो गई। पुलिस ने कहा कि दूसरे घायल व्यक्ति विनीश ने विस्फोट में एक हथेली गंवा दी।
भाषा अमित