केंद्रीय मंत्री सोनोवाल ने उल्फा (आई) से वार्ता के लिए आगे आने की की अपील
राजकुमार रंजन
- 08 Apr 2024, 07:09 PM
- Updated: 07:09 PM
(फाइल फोटो के साथ)
(दूर्बा घोष)
तिनसुकिया (असम), आठ अप्रैल (भाषा) केंद्रीय मंत्री और डिब्रूगढ़ लोकसभा क्षेत्र से भारतीय जनता पार्टी के प्रत्याशी सर्बानंद सोनोवाल ने सोमवार को ‘यूनाइटेड लिबरेशन फ्रंट ऑफ असम (इंडिपेंडेंट) (उल्फा-आई)’ से वार्ता के लिए आगे आने तथा संवाद के माध्यम से सभी मुद्दों का हल करने की अपील की।
चुनाव प्रचार अभियान शुरू करने से पहले ‘पीटीआई-भाषा’ के साथ साक्षात्कार में सोनोवाल ने राज्य में शांति बहाली में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय गृहमंत्री अमित शाह के समर्पित प्रयासों का विशेष उल्लेख किया।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने हमेशा चाहा है कि उल्फा वार्ता के लिए आगे आए। सौहार्द्रपूर्ण हल ढूढने के लिए हम मिल-बैठकर बातचीत करें।’’
उन्होंने पूर्वोत्तर क्षेत्र में शांति एवं विकास को बढ़ावा देने में प्रधानमंत्री की कटिबद्धता प्रमुखता से सामने रखी तथा पिछले दशक में मोदी एवं गृहमंत्री द्वारा किये गये गंभीर प्रयासों का हवाला दिया।
नौवहन, पोत एवं जलमार्ग तथा आयुष मंत्री सोनोवाल ने कहा, ‘‘पिछले दस सालों के दौरान प्रधानमंत्री एवं गृहमंत्री ने राज्य एवं क्षेत्र में शांति लाने के गंभीर प्रयास किये हैं।’’
उल्फा के वार्ता समर्थक गुट, एनडीएफबी, दिमासा और कार्बी उग्रवादी संगठनों के सभी समूहों के साथ समझौते किये गये हैं। उल्फा का यह वार्ता समर्थक गुट इस साल के प्रारंभ में भंग हो गया।
उल्फा (आई) असम में एकमात्र ऐसा उग्रवादी संगठन है जो अबतक वार्ता के लिए आगे नहीं आया है।
डिब्रूगढ़ और तिनसुकिया के उल्फा के पूर्व गढ़ होने के बारे में पूछे जाने पर सोनोवाल ने कहा कि अब वे अतीत के दिन हो गये हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘ यदि शांति होगी तो विकास एवं प्रगति होगी। शांतिपूर्ण माहौल से कठिन परिश्रम की प्रेरणा मिलती है, फलस्वरूप जीवन के सभी क्षेत्रों के लोगों की कमाई संभावना बढ़ती है।’’
सोनोवाल ने मोदी द्वारा शुरू किये गये परिवर्तनकारी प्रयासों को जारी रखने की अपनी प्रतिबद्धता दोहरायी।
उन्होंने कहा, ‘‘मोदी के प्रयासों से इस क्षेत्र में बदलाव का अहसास किया जा रहा है तथा जब वह लगातार तीसरी बार प्रधानमंत्री बन जायेंगे, हम उसे जारी रखेंगे।’’
केंद्रीय मंत्री सोनोवाल तीसरी बार डिब्रूगढ़ लोकसभा सीट से चुनाव लड़ रहे हैं। पहली बार 2004 में असम गण परिषद के प्रत्याशी के रूप में उन्होंने कांग्रेस से यह सीट छीनी थी।
वह 2009 में इस सीट से कांग्रेस प्रत्याशी से लोकसभा चुनाव हार गये थे। बाद में वह 2014 में लखीमपुर चले गये थे जहां से वह चुनाव जीत गये और मोदी के पहले मंत्रिमंडल में मंत्री बने।
सोनोवाल 2016 में असम के मुख्यमंत्री बने। बाद में हिमंत विश्व शर्मा राज्य के मुख्यमंत्री बने, तब सोनोवाल 2021 में राज्यसभा सदस्य बन गये।
सोनोवाल ने पार्टी के डिब्रूगढ़ प्रत्याशी के रूप में भाजपा सांसद और केंद्रीय मंत्री रामेश्वर तेली की जगह ली है।
डिब्रूगढ़ सीट पर त्रिकोणीय मुकाबला होने जा रहा है। अन्य प्रत्याशी ‘यूनाइटेड अपोजिशन फोरम’ के प्रत्याशी के तौर पर असम जातीय परिषद के लुरिनज्योति गोगोई और आम आदमी पार्टी के उम्मीदवार हैं।
भाषा
राजकुमार