मप्र की एवीजीसी-एक्सआर नीति से पैदा होंगे 20,000 रोजगार के अवसर : अधिकारी
दिमो अजय
- 10 Feb 2025, 05:59 PM
- Updated: 05:59 PM
भोपाल, 10 फरवरी (भाषा) अपने महत्वाकांक्षी वैश्विक निवेशक शिखर सम्मेलन-2025 से कुछ सप्ताह पहले मध्यप्रदेश सरकार ने दो हजार करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने के लिए अपनी एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी नीति पेश की है।
मध्यप्रदेश के विज्ञान और प्रौद्योगिकी विभाग के अतिरिक्त मुख्य सचिव (एसीएस) संजय दुबे ने सोमवार को पीटीआई-भाषा को बताया कि नई नीति राज्य को एनिमेशन, विजुअल इफेक्ट्स, गेमिंग, कॉमिक्स और विस्तारित वास्तविकता या एक्सटेंडेड रियलिटी (एवीजीसी-एक्सआर) के लिए एक अग्रणी केंद्र के रूप में स्थापित करने के लिए तैयार की गई है।
दुबे ने कहा, ‘‘2029 तक 2,000 करोड़ रुपये का निवेश आकर्षित करने और 20,000 से अधिक नौकरियां पैदा करने के लक्ष्य के साथ यह नीति भारत की रचनात्मक अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की दिशा में एक महत्वपूर्ण कदम है।’’
उन्होंने कहा कि नीति एक समग्र दृष्टिकोण प्रदान करती है, जिसमें वित्तीय प्रोत्साहन, कौशल विकास, बुनियादी ढांचे का निर्माण और अंतरराष्ट्रीय सहयोग को एकीकृत किया गया है।
भारतीय प्रशासनिक सेवा (आईएएस) के 1993 बैच के अधिकारी और आईआईटी (दिल्ली) स्नातक दुबे ने कहा, ‘‘आईटी, आईटीईएस और ईएसडीएम में अपनी मौजूदा ताकत के साथ-साथ राज्य की स्थापित फिल्म नीति के आधार पर एवीजीसी-एक्सआर नीति-2025 एक पूर्ण विकसित मीडिया और मनोरंजन पारिस्थितिकी तंत्र बनाने में कमी को पूरा करती है।"
एवीजीसी-एक्सआर नीति अब एनिमेशन, वीएफएक्स, गेमिंग, कॉमिक्स और एक्सटेंडेड रियलिटी (एक्सआर) जैसे अत्याधुनिक क्षेत्रों को एकीकृत करके इस ढांचे का विस्तार करती है।
उन्होंने कहा कि इस व्यापक दृष्टिकोण के साथ मध्यप्रदेश न केवल फिल्म निर्माण को बढ़ावा दे रहा है, बल्कि एक संपूर्ण डिजिटल सामग्री पारिस्थितिकी तंत्र विकसित कर रहा है।
दुबे ने कहा कि एवीजीसी मीडिया पार्क, उत्कृष्टता केंद्र (सीओई) और कौशल विकास पहल फिल्म, गेमिंग और डिजिटल सामग्री उद्योगों के बीच तालमेल पैदा करेंगे, जिससे मध्यप्रदेश रचनात्मक और तकनीकी नवाचार के लिए ‘वन-स्टॉप’ गंतव्य बन जाएगा।
आम बजट 2025-26 में नवाचार, अनुसंधान एवं विकास और डिजिटल बदलाव पर ध्यान केंद्रित करने और मध्यप्रदेश इस राष्ट्रीय दृष्टिकोण के साथ खुद को कैसे संरेखित करेगा, इस बारे में पूछे जाने पर, दुबे ने कहा कि डीप-टेक, एआई और डिजिटल अर्थव्यवस्था के विस्तार पर बजट का जोर मध्यप्रदेश की एवीजीसी-एक्सआर आकांक्षाओं को पूरा करता है।
उन्होंने कहा, ‘‘हमारी नीति वित्तीय प्रोत्साहनों के माध्यम से अनुसंधान एवं विकास तथा बौद्धिक संपदा (आईपी) निर्माण को सक्रिय रूप से बढ़ावा देती है, जैसे आईपी पंजीकरण के लिए 50 प्रतिशत सब्सिडी तथा एआर/वीआर जैसी उभरती प्रौद्योगिकियों के लिए समर्थन। इसके अतिरिक्त, हमारा एवीजीसी-एक्सआर सेंटर ऑफ एक्सिलेंस (सीओई) अत्याधुनिक अनुसंधान को बढ़ावा देगा, जिससे यह सुनिश्चित होगा कि मध्यप्रदेश वैश्विक डिजिटल सामग्री निर्माण में सबसे आगे रहे।
अन्य राज्यों की तुलना में इस क्षेत्र में मध्यप्रदेश के काम पर प्रकाश डालते हुए दुबे ने कहा कि मध्यप्रदेश देश में सबसे अधिक प्रतिस्पर्धी नीति ढांचे में से एक की पेशकश करके एवीजीसी-एक्सआर के लिए एक सक्रिय दृष्टिकोण अपना रहा है। वहीं कर्नाटक, महाराष्ट्र और तेलंगाना जैसे राज्यों में मजबूत एवीजीसी उद्योग हैं, हमारी नीति वित्तीय प्रोत्साहन, बुनियादी ढांचे के समर्थन और प्रतिभा विकास के मिश्रण के माध्यम से नए मानक स्थापित करती है।
उन्होंने कहा, ‘‘आगामी 20 एकड़ का मीडिया पार्क, प्लग-एंड-प्ले प्रोडक्शन स्पेस, सीओई और आईटी पार्कों में भूमि आवंटन के साथ मिलकर हमें एक अलग लाभ देता है। इसके अतिरिक्त एमपी स्टेट इलेक्ट्रॉनिक्स डेवलपमेंट कॉरपोरेशन (एमपीएसईडीसी) के माध्यम से एकल खिड़की प्रणाली सुगमता सुनिश्चित करतर है, जिससे मध्यप्रदेश एवीजीसी कंपनियों के लिए एक पसंदीदा गंतव्य बन जाता है।
भाषा दिमो