शराब उत्पादन इकाई शुरू करने के निर्णय से पीछे हटने का सवाल ही नहीं: माकपा
यासिर रंजन
- 08 Feb 2025, 09:29 PM
- Updated: 09:29 PM
तिरुवनंतपुरम, आठ फरवरी (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को स्पष्ट रूप से कहा कि पार्टी नीत सरकार पलक्कड़ में शराब उत्पादन इकाई शुरू करने के लिए दी गई अनुमति पर कायम रहेगी। माकपा ने कहा कि अगर वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) में कोई मतभेद है तो उस पर चर्चा की जाएगी और उसे सुलझाया जाएगा।
माकपा के राज्य सचिव एम. वी. गोविंदन ने कहा कि संयंत्र को रोकने का मुद्दा ही नहीं उठता और इसकी आवश्यक प्रक्रियाएं पूरी की जा रही हैं।
पत्रकारों द्वारा संयंत्र के बारे में एलडीएफ गठबंधन के कुछ सहयोगियों के बीच कथित मतभेदों के बारे में पूछे जाने पर उन्होंने कहा, ‘‘संयंत्र को क्यों रोका जाना चाहिए? इसकी प्रक्रियाएं गतिमान हैं...वह जारी रहेंगी।’’
वामपंथी नेता ने कहा कि एलाप्पुल्ली पंचायत में प्रस्तावित शराब उत्पादन इकाई के संबंध में भूमि हस्तांतरण के लिए ‘ओएसिस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा प्रस्तुत आवेदन को राजस्व विभाग द्वारा अस्वीकार करने को संयंत्र के प्रति भाकपा के विरोध के रूप में दर्शाने की कोई आवश्यकता नहीं थी।
सत्तारूढ एलडीएफ के दूसरे सबसे बड़े घटक दल भाकपा के पास पिनराई विजयन सरकार में राजस्व विभाग की जिम्मेदारी है।
जब एलडीएफ गठबंधन के एक अन्य सहयोगी राष्ट्रीय जनता दल (राजद) द्वारा किए गए विरोध का जिक्र किया गया तो गोविंदन ने कहा कि सरकार का निर्णय सबसे महत्वपूर्ण है, न कि दूसरे क्या कहते हैं।
नेता ने कहा, ‘‘अगर कोई बाधा उत्पन्न करने वाला कारक है, तो चर्चा की जाएगी और उसका समाधान करने के बाद हम संयंत्र को आगे बढ़ाएंगे।’’
राज्य मंत्रिमंडल ने मौजूदा दिशा-निर्देशों और शर्तों के अनुपालन के अधीन, ‘ओएसिस कमर्शियल प्राइवेट लिमिटेड’ द्वारा संयंत्र स्थापित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी थी।
राज्य में विपक्षी कांग्रेस और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) शुरू से ही इस संयंत्र के खिलाफ हैं और उनका दावा है कि इससे पलक्कड़ जिले के कांचीकोड के एलाप्पुल्ली गांव में पेयजल की कमी हो जाएगी।
गोविंदन ने पत्रकारवार्ता के दौरान हालिया ही में पेश किए गए केंद्रीय बजट की भी कड़ी आलोचना की और कहा कि इसमें केरल की उपेक्षा की गई है। उन्होंने कहा कि केरल की प्रमुख मांगों को खारिज कर दिया गया है।
वायनाड में पिछले साल हुए भूस्खलन त्रासदी का विशेष उल्लेख करते हुए, उन्होंने कहा कि इस आपदा के बाद जीवित लोगों के पुनर्वास के लिए कोई घोषित न करना ‘अमानवीय’ है।
उन्होंने यह भी कहा कि केंद्रीय बजट में केंद्र द्वारा की गई राज्य की उपेक्षा के खिलाफ माकपा 19 से 23 फरवरी तक राज्यव्यापी विरोध प्रदर्शन आयोजित करेगी।
भाषा यासिर