महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के आरोपों को लेकर फडणवीस ने राहुल पर निशाना साधा
देवेंद्र सुभाष
- 08 Feb 2025, 07:14 PM
- Updated: 07:14 PM
पुणे, आठ फरवरी (भाषा) महाराष्ट्र के मुख्यमंत्री देवेन्द्र फडणवीस ने राज्य विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के बारे में राहुल गांधी के आरोपों को खारिज करते हुए शनिवार को कहा कि कांग्रेस नेता अपने चेहरे की धूल पोंछने के बजाय आईना साफ कर रहे हैं।
लोकसभा में विपक्ष के नेता गांधी ने शुक्रवार को दावा किया था कि महाराष्ट्र में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच पांच महीनों में (मतदाता सूचियों में) जितने मतदाता जोड़े गए, उतने पिछले पांच साल में नहीं जोड़े गए थे।
गांधी ने दावा किया था कि 2024 के लोकसभा चुनाव के बाद महाराष्ट्र में महज पांच महीनों में 39 लाख मतदाता जोड़े गए।
‘जयपुर डायलॉग्स डेक्कन समिट पुणे 2025’ को संबोधित करते हुए मुख्यमंत्री फडणवीस ने राहुल गांधी के दावे पर सवाल उठाया।
उन्होंने कहा, ‘‘हर लोकसभा चुनाव के बाद होने वाले विधानसभा चुनाव में मतदाताओं की संख्या बढ़ती रही है। लोकसभा चुनाव के दौरान कई लोगों का नाम मतदाता सूची में नहीं था। जब हमने यह मुद्दा उठाया, तो निर्वाचन आयोग ने एक अभियान शुरू किया और बड़ी संख्या में नये मतदाताओं को इसमें शामिल किया गया।’’
मुख्यमंत्री ने ‘महायुति’ में असंतोष और सत्तारूढ़ गठबंधन में उपमुख्यमंत्री एवं शिवसेना प्रमुख एकनाथ शिंदे के नाराज होने संबंधी खबरों को खारिज कर दिया।
उन्होंने कहा, ‘‘शिंदे का व्यक्तित्व गंभीर है। मीडिया उनके नाराज होने के बारे में गलत दावे फैला रही है।’’
फडणवीस ने कांग्रेस नेता पर ‘अर्बन नक्सल’ को मजबूत करने का आरोप लगाया।
मुख्यमंत्री ने कहा कि ‘महायुति’ 2024 के विधानसभा चुनाव में इसलिए ऐतिहासिक जीत हासिल कर सकी कि महाराष्ट्र की जनता ने ‘‘एक हैं तो सेफ हैं’’ नारे को स्वीकार किया है।
‘महायुति’ में भारतीय जनता पार्टी (भाजपा), राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (राकांपा) और शिवसेना शामिल हैं।
महाराष्ट्र में 2024 के विधानसभा चुनाव में ‘महायुति’ गठबंधन ने 288 सीट में से 230 सीट पर जीत दर्ज की थी।
फडणवीस ने राष्ट्रीय राजधानी में विधानसभा चुनाव में भाजपा की बड़ी जीत का जिक्र करते हुए कहा, ‘‘हमने महाराष्ट्र चुनावों के दौरान ‘एक हैं तो सेफ हैं’ का पहला उदाहरण देखा और अब हमने इसे दिल्ली में भी देखा है।’’
उन्होंने दावा किया कि लोकसभा चुनाव में ‘‘वोट जिहाद’’ का प्रभाव देखने को मिला, जिसके कारण मतों का विभाजन हुआ और इस विभाजन के कारण भाजपा को धुले समेत 12 महत्वपूर्ण सीटों पर हार का सामना करना पड़ा था, जहां हार का अंतर मात्र 4,000 मतों का था।
फडणवीस ने कहा, ‘‘राज्य चुनाव के दौरान प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी ने कहा था कि कैसे लोगों को जाति के आधार पर बांटा जा रहा है, जिससे देश में अस्थिरता पैदा करने वाली ताकतों को बढ़ावा मिल रहा है। लोगों ने इस बात पर गौर किया और विधानसभा चुनाव में इसी बात को ध्यान में रखते हुए मतदान किया।’’
उन्होंने शिवसेना(उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे के इस दावे को खारिज कर दिया कि भाजपा ने उन्हें 2019 के विधानसभा चुनाव के बाद मुख्यमंत्री पद देने का वादा किया था।
उन्होंने कहा, ‘‘चुनाव परिणाम आने के बाद शिवसेना ने अचानक अलग से एक संवाददाता सम्मेलन बुलाया और घोषणा की कि उनके लिए सभी विकल्प खुले हैं। जब मैंने उनसे (ठाकरे) संपर्क करने की कोशिश की तो उन्होंने मेरा फोन तक नहीं उठाया।’’
उन्होंने दावा किया कि भाजपा को बाद में राकांपा(एसपी) प्रमुख शरद पवार और शिवसेना के बीच चुनाव पूर्व हुए समझौते के बारे में पता चला था।
भाषा देवेंद्र