एनआईए के नये प्रमुख की नियुक्ति की जांच करे निर्वाचन आयोग : टीएमसी नेता साकेत गोखले
प्रशांत सुभाष
- 08 Apr 2024, 03:03 PM
- Updated: 03:03 PM
नयी दिल्ली, आठ अप्रैल (भाषा) तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) के नेता साकेत गोखले ने सोमवार को सवाल किया कि क्या केंद्र ने राष्ट्रीय अन्वेषण अधिकरण (एनआईए) के नये महानिदेशक की नियुक्ति से पहले निर्वाचन आयोग की मंजूरी ली थी और इस नियुक्ति की जांच कराने की मांग की।
उन्होंने यह भी आरोप लगाया कि लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के साथ भाजपा की ‘सांठगांठ’ गहराती जा रही है।
तृणमूल कांग्रेस के राज्यसभा सदस्य गोखले ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में आरोप लगाया कि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता जितेंद्र तिवारी ने 26 मार्च को एनआईए के पुलिस अधीक्षक डी.आर. सिंह से मुलाकात की थी और उसी दिन सदानंद दाते को एजेंसी का नया प्रमुख नियुक्त किया गया।
गोखले ने दावा किया कि तिवारी कथित तौर पर एक ‘पैकेट’ के साथ सिंह से मिले थे और इस मुलाकात के दौरान, भाजपा नेता ने निशाना बनाने के लिए उन्हें टीएमसी नेताओं और कार्यकर्ताओं की एक सूची सौंपी थी।
गोखले ने कहा कि एनआईए के नये महानिदेशक 26 मार्च तक महाराष्ट्र आतंकवाद निरोधक दस्ते (एटीएस) के प्रमुख के रूप में कार्यरत थे। उन्हें उस पद पर भाजपा नेता देवेन्द्र फडणवीस ने नियुक्त किया था।
फडणवीस के पास महाराष्ट्र के गृह विभाग का भी प्रभार है।
गोखले ने पोस्ट में कहा, ‘‘सवाल यह है कि जब महाराष्ट्र में भाजपा सरकार द्वारा नियुक्त और उसके अधीन कार्यरत एक अधिकारी को चुनाव अवधि के दौरान अचानक एनआईए के महानिदेशक के रूप में नियुक्त किया गया, तो क्या इसके लिए (केंद्र की) मोदी सरकार ने निर्वाचन आयोग की अनुमति ली थी?’’
महाराष्ट्र एटीएस प्रमुख के रूप में कार्यरत दाते को 26 मार्च को एनआईए का महानिदेशक नियुक्त किया गया था।
गोखले ने पूछा, ‘‘जब पश्चिम बंगाल के डीजीपी (पुलिस महानिदेशक) को निर्वाचन आयोग द्वारा 24 घंटे में तीन बार बदला गया, तो महाराष्ट्र में भाजपा सरकार द्वारा चुने गए एक अधिकारी को आयोग की मंजूरी के बिना एनआईए प्रमुख के रूप में कैसे नियुक्त किया गया?’’
उन्होंने कहा, ‘‘यह कितना आश्चर्यजनक ‘संयोग’ है कि जिस दिन नये एनआईए प्रमुख की नियुक्ति हुई, उसी दिन भाजपा ने पश्चिम बंगाल में एनआईए के साथ एक साजिश की। इसकी निर्वाचन आयोग द्वारा तुरंत जांच की जानी चाहिए और मोदी सरकार को यह बताना चाहिए कि आयोग की मंजूरी के बिना नये एनआईए प्रमुख की नियुक्ति कैसे की गई?’’
उन्होंने आरोप लगाया, ‘‘लोकसभा चुनाव के दौरान केंद्रीय एजेंसियों के साथ भाजपा की साठगांठ और गहरी होती जा रही है और ये एजेंसियां वस्तुतः भाजपा के निजी माफिया के रूप में काम कर रही हैं।’’
गोखले ने कहा, “पश्चिम बंगाल में टीएमसी नेताओं को निशाना बनाने के लिए एनआईए द्वारा भाजपा के साथ मिलकर साजिश रचना न केवल निंदनीय है, बल्कि यह बुनियादी सवाल भी उठाता है कि क्या स्वतंत्र और निष्पक्ष चुनाव संभव है?”
पार्टी नेताओं और उम्मीदवारों के खिलाफ केंद्रीय एजेंसियों के “दुरुपयोग” के मुद्दे पर तृणमूल कांग्रेस का 10 सदस्यीय एक प्रतिनिधिमंडल आज नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ से मुलाकात करेगा।
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