भाजपा को भी महाराष्ट्र चुनाव में अपनी जीत पर विश्वास नहीं हुआ : उद्धव
अमित नेत्रपाल
- 07 Feb 2025, 10:16 PM
- Updated: 10:16 PM
मुंबई, सात फरवरी (भाषा) शिवसेना (उबाठा) के प्रमुख उद्धव ठाकरे ने शुक्रवार को महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों का समर्थन किया और दावा किया कि राज्य में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को भी अपनी जीत पर विश्वास नहीं हुआ।
ठाकरे ने कहा कि गांधी ने दिल्ली में अपने संवाददाता सम्मेलन में राज्य में भाजपा नीत महायुति के बहुमत के ‘‘तमाशे का भंडाफोड़’’ कर दिया।
उन्होंने शिवसेना (उबाठा) के एक कार्यक्रम में कहा, ‘‘जिस तरह विपक्ष को विश्वास नहीं हो रहा था कि उसकी हार वास्तविक है, उसी तरह भारतीय जनता पार्टी को भी अपनी जीत पर विश्वास नहीं हो रहा था।’’
उन्होंने कहा कि भाजपा ने प्रचंड बहुमत हासिल करने के बावजूद मुख्यमंत्री का फैसला करने में पूरा एक महीना लगा दिया और सत्तारूढ़ गठबंधन अभी भी जिला प्रभारी मंत्रियों की नियुक्ति को लेकर विवादों को सुलझाने में सक्षम नहीं है।
नवंबर 2024 में हुए महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में भाजपा ने 288 सीट में से 132 सीट जीतीं, उसके बाद एकनाथ शिंदे के नेतृत्व वाली शिवसेना (57) और अजित पवार के नेतृत्व वाली राष्ट्रवादी कांग्रेस पार्टी (41) का स्थान रहा।
विपक्ष की ओर से कांग्रेस ने 16, शिवसेना (यूबीटी) ने 20 और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने 10 सीट जीतीं।
ठाकरे ने प्रतिद्वंद्वी शिवसेना प्रमुख एवं महाराष्ट्र के उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे को शिवसेना (उबाठा) के सांसदों को तोड़ने की कोशिश करने की चुनौती भी दी।
पूर्व मुख्यमंत्री ठाकरे ने कहा, ‘‘मैं आपको चुनौती देता हूं कि पुलिस और सरकारी मशीनरी तथा केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किए बिना आप एक भी शिवसेना कार्यकर्ता को ले जाएं।’’
कांग्रेस के पूर्व अध्यक्ष राहुल गांधी ने इससे पहले दिन में नयी दिल्ली में आरोप लगाया कि महाराष्ट्र की मतदाता सूची में ‘विसंगतियां’ हैं और बार-बार आग्रह के बावजूद निर्वाचन आयोग की ओर से प्रदेश के मतदाताओं का डेटा उपलब्ध नहीं कराने से लगता है कि कुछ न कुछ गलत है।
गांधी ने दावा किया कि महाराष्ट्र में मतदाताओं की संख्या राज्य की कुल वयस्क आबादी से ज्यादा है। उन्होंने यह भी कहा कि यदि राज्य के विपक्षी दलों - कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा-(शरद चंद्र पवार) द्वारा निर्वाचन आयोग से लोकसभा चुनाव 2024 और विधानसभा चुनाव 2024 के लिए मतदाता सूची का केंद्रीकृत डेटा दिए जाने की मांग पूरी नहीं की जाती है, तो अगला कदम न्यायपालिका का रुख करना होगा।
ठाकरे ने मुंबई में आयोजित कार्यक्रम में कहा, ‘‘(अतिरिक्त) मतदाता कहां से आए? क्या आपको लगता है कि लोकतंत्र की हत्या एक मजाक है?’’
उन्होंने चुनाव से पहले संख्या में वृद्धि पर सवाल उठाते हुए कहा कि सामान्य परिस्थितियों में नए मतदाताओं का नाम दर्ज करना आसान नहीं होता है।
भाजपा के इस आरोप का जवाब देते हुए कि शिवसेना के उनके गुट ने कांग्रेस के साथ गठबंधन करके हिंदुत्व की विचारधारा को त्याग दिया है, ठाकरे ने कहा कि 1992-93 के दंगों के दौरान मुंबई को बचाने वाले शिवसेना कार्यकर्ता ही थे। उन्होंने कहा, ‘‘मुझे शिवसेना (उबाठा) द्वारा हिंदुत्व को त्याो जाने का एक भी उदाहरण दिखाइए।’’
महाराष्ट्र विधानसभा चुनाव में अनियमितताओं के कांग्रेस नेता राहुल गांधी के आरोपों के बीच, उपमुख्यमंत्री एकनाथ शिंदे ने शुक्रवार को कहा कि विपक्ष अपनी करारी हार को स्वीकार नहीं कर पा रहा है।
कांग्रेस, शिवसेना (उबाठा) और राकांपा (शरद चंद्र पवार) ने शुक्रवार को महाराष्ट्र की मतदाता सूचियों में अनियमितताओं का आरोप लगाते हुए दावा किया कि राज्य में लोकसभा और विधानसभा चुनावों के बीच कुल 39 लाख मतदाता जोड़े गए।
शिंदे ने संवाददाताओं से कहा कि विपक्ष के लिए ईवीएम तब ठीक है जब वे जीतते हैं, लेकिन हारने के बाद वे निर्वाचन आयोग और मतदाता सूची को दोष देंगे।
उपमुख्यमंत्री शिंदे ने कहा, ‘‘वे अभी भी इस हार को पचा नहीं पा रहे हैं। वे हार स्वीकार करने के लिए तैयार नहीं हैं और अभी भी सदमे से बाहर नहीं आ पाए हैं।’’ दिल्ली चुनाव में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की जीत पर जोर देते हुए शिंदे ने कहा, ‘‘उन्हें (विपक्ष को) दिल्ली में हार दिख रही है, इसलिए उन्होंने आरोप लगाना शुरू कर दिया है।’’
शिंदे ने कहा कि महाराष्ट्र चुनाव में ‘‘लाडकी बहनों और लाडका भाऊ’’ के प्यार की लहर ने विपक्ष को खत्म कर दिया। शिंदे ने कहा कि उन्होंने मुख्यमंत्री ‘लाडकी बहिन’ योजना का विरोध करने वालों की हार सुनिश्चित की।
भाषा अमित