बंगाल में मतुआ समुदाय की कुलमाता के मकान पर नियंत्रण को लेकर अशांति
सिम्मी मनीषा
- 08 Apr 2024, 10:54 AM
- Updated: 10:54 AM
बनगांव (पश्चिम बंगाल), आठ अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में मतुआ-बहुल ठाकुरनगर क्षेत्र में उस समय नाटकीय दृश्य देखने को मिला जब भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के नेता एवं सांसद शांतनु ठाकुर के समर्थक और तृणमूल कांग्रेस की नेता एवं सांसद ममता बाला ठाकुर के समर्थक समुदाय की कुलमाता वीणापाणि देवी के एक घर के नियंत्रण को लेकर आमने-सामने आ गए
वीणापाणि देवी को मतुआ समुदाय के लोग ‘बड़ो मां’ के नाम से संबोधित करते हैं। उनका पांच साल पहले निधन हो गया था।
तृणमूल ने बताया कि यह घटना रविवार रात को उस समय हुई जब अपने समर्थकों के साथ आए शांतनु ठाकुर ने उस घर पर कब्जा करने की कथित तौर पर कोशिश की, जहां वर्तमान में ममता बाला रहती हैं।
शांतनु वीणापाणि देवी के पोते हैं, जबकि ममता बाला ठाकुर उनकी पुत्रवधू हैं। ठाकुरनगर उत्तर 24 परगना जिले में है।
तृणमूल ने इस घटना का वीडियो सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर साझा किया और लिखा, ‘‘भाजपा की गुंडागर्दी चरम पर हैं। बनगांव से चौंकाने वाले दृश्य सामने आ रहे हैं जहां भाजपा उम्मीदवार और उनके नेता शांतनु धारदार वस्तुएं और हथियार लेकर अपने गुंडों के साथ हमारी राज्यसभा सदस्य ममता ठाकुर के आवास पर हिंसक हमला करने की योजना बना रहे हैं।’’
इस कथित वीडियो में शांतनु और उनके समर्थक घर का द्वार तोड़ते नजर आ रहे हैं लेकिन ‘पीटीआई’ ने इस वीडियो की प्रामाणिकता की पुष्टि नहीं की है।
शांतनु ने संवाददाताओं से कहा कि संपत्ति के कानूनी दावेदारों में से एक होने के बावजूद ‘‘ममता बाला ठाकुर पूरी संपत्ति पर अवैध रूप से कब्जा कर रही हैं और यहां तक कि इसके एक हिस्से को तृणमूल पार्टी के कार्यालय में बदल रही हैं।’’
उन्होंने कहा, ‘‘मैं इसके कानूनी उत्तराधिकारियों में से एक हूं और इस संपत्ति के आधे हिस्से पर मेरा पूरा अधिकार है, लेकिन ममता बाला ठाकुर ने इसका पूरा नियंत्रण अवैध रूप से ले लिया है।’’
मतुआ समुदाय की प्रभावशाली नेता ममता बाला ठाकुर ने इन आरोपों को खारिज कर दिया और घटना के खिलाफ पुलिस में शिकायत दर्ज कराई।
उन्होंने कहा, ‘‘मैंने गायघाटा पुलिस थाने में शिकायत दर्ज कराई है क्योंकि शांतनु ठाकुर और उनके सहयोगियों ने मेरे आवास में घुसने की कोशिश की। वे जबरन मेरे आवास में घुस गए।’’
शांतनु ने 2019 के लोकसभा चुनावों में अपनी निकटतम प्रतिद्वंद्वी ममता बाला ठाकुर को हराया था, जहां सीएए (नागरिकता संशोधन अधिनियम) और एनआरसी (राष्ट्रीय नागरिकता पंजी) मुख्य चुनावी मुद्दे थे।
भाषा सिम्मी