बीएसएफ बांग्लादेशियों के अवैध निर्माण के खिलाफ कड़ी कार्रवाई कर रहा है: अधिकारी
प्रीति नरेश
- 05 Feb 2025, 06:44 PM
- Updated: 06:44 PM
नयी दिल्ली, पांच फरवरी (भाषा) सीमा सुरक्षा बल (बीएसएफ) ने 4,096 किलोमीटर लंबी भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा पर तैनात अपने ‘फील्ड कमांडर’ को निर्देश दिया है कि वे बांग्लादेशियों या सीमा बल द्वारा सीमा पर किए जा रहे अवैध निर्माण के मामले में ‘‘कड़ी कार्रवाई’’ करें।
सीमा प्रबंधन प्रभाग के सूत्रों ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि साल 2024 में सीमा पर अवैध निर्माण की करीब 80 घटनाएं सामनें आईं।
बीएसएफ के उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने 31 जनवरी को एक बयान में कहा था कि हाल के दिनों में उसके अधिकार क्षेत्र में ‘‘ऐसी घटनाएं बढ़ रही हैं।’’
उत्तर बंगाल फ्रंटियर का मुख्यालय पश्चिम बंगाल के सिलीगुड़ी में स्थित है और यह भारत-बांग्लादेश अंतरराष्ट्रीय सीमा की 932 किलोमीटर सीमा की रक्षा करता है।
उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने बुधवार को एक बयान जारी कर बताया कि चार और पांच फरवरी की रात को भारी हथियारों से लैस बांग्लादेश के कुछ बदमाश दक्षिण दिनाजपुर जिले के सीमावर्ती गांव मलिकपुर में अवैध रूप से घुस गए थे और उन्होंने बल के एक दल पर हमला कर दिया था, जिसमें एक जवान और एक बांग्लादेशी घायल हो गया था। दोनों को अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
इसने कहा, ‘‘ये बदमाश तस्करी और डकैती के लिए अवैध रूप से भारत में घुसे थे। उनके पास भारी संख्या में हथियार, लाठी-डंडे और तार काटने वाली मशीन थी। बीएसएफ के दल ने जब उन्हें चेताया तो बदमाशों ने रुकने के बजाय जवानों पर हमला कर दिया।’’
बीएसएफ उत्तर बंगाल फ्रंटियर के प्रवक्ता ने कहा कि गश्ती इकाई ने बांग्लादेशियों को रोकने के लिए ‘‘ऐसी गोलियां चलाई थीं जो घातक नहीं थीं’’, लेकिन उन्होंने अपना ‘‘आक्रामक रवैया जारी रखा और बीएसएफ दल को घेर लिया।’’
प्रवक्ता ने बताया कि बदमाशों ने बीएसएफ के एक जवान का हथियार छीनने की कोशिश की, जिसके बाद जवान ने आत्मरक्षा के लिए गोली चलाई और इसके बाद हमलावर सीमा पार अपनी तरफ भाग गए।
अधिकारियों ने बताया कि सीमावर्ती इकाइयों के सभी बीएसएफ कमांडरों को कड़ी निगरानी रखने और अंतरराष्ट्रीय सीमा के 150 गज के दायरे में अवैध निर्माण कार्य को रोकने के लिए कड़ी कार्रवाई करने का निर्देश दिया गया है।
अधिकारियों ने बताया कि बल ने सीमावर्ती बटालियन के वरिष्ठ अधिकारियों को नियमित रूप से अग्रिम क्षेत्रों का दौरा करने और जहां भी आवश्यक हो शिविर लगाने के लिए कहा गया है।
उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने पहले कहा था कि बांग्लादेशी नागरिक और बॉर्डर गार्ड बांग्लादेश (बीजीबी) ‘‘सीमा क्षेत्र में लगातार अवैध निर्माण करने की कोशिश कर रहे हैं, लेकिन बीएसएफ की सतर्क निगाहें हमेशा उनकी अवैध गतिविधियों पर नजर रख रही हैं और सख्त कार्रवाई कर रही हैं।’’
इसने कहा था, ‘‘हाल के दिनों में, कूचबिहार के मेखलीगंज से सटी अंतरराष्ट्रीय सीमा पर बांग्लादेशी नागरिकों द्वारा बांग्लादेशी इलाकों में अंतरराष्ट्रीय सीमा से 150 गज के भीतर अवैध निर्माण में वृद्धि हुई है।’’
उत्तर बंगाल फ्रंटियर ने कहा था कि बीएसएफ जवानों की कड़ी आपत्ति और विरोध के बाद निर्माण को रुकवा दिया गया था।
भाषा प्रीति