एनआईए और भाजपा के बीच ‘अपवित्र गठजोड़’: तृणमूल कांग्रेस
देवेंद्र नरेश
- 07 Apr 2024, 09:41 PM
- Updated: 09:41 PM
कोलकाता/नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस (टीएमसी) ने रविवार को आरोप लगाया कि राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) के बीच ‘अपवित्र गठजोड़’ है।
वहीं दूसरी ओर एनआईए ने दो साल पुराने विस्फोट के एक मामले में छापेमारी और गिरफ्तारी करते समय दुर्भावनापूर्ण इरादा होने संबंधी आरोप का पुरजोर तरीके से खंडन किया और पूरे विवाद को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया।
पश्चिम बंगाल के पूर्व मेदिनीपुर जिले में उग्र भीड़ ने एनआईए की टीम पर हमला कर दिया था।
भूपतिनगर में दिसंबर, 2022 में हुए एक विस्फोट के मामले में शनिवार को दो लोगों को गिरफ्तार करने गई एनआईए की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था जिसमें एक एनआईए अधिकारी घायल हो गया था और एक वाहन को क्षतिग्रस्त कर दिया गया था।
मुख्यमंत्री ममता बनर्जी ने शनिवार को आरोप लगाया था कि पूर्व मेदिनीपुर जिले के भूपतिनगर इलाके में ग्रामीणों ने एनआईए के अधिकारियों पर हमला नहीं किया, बल्कि एनआईए के अधिकारियों ने उन पर (ग्रामीणों पर) हमला किया।
एनआईए के एक प्रवक्ता ने विस्फोट मामले में छापेमारी और गिरफ्तारी करते समय दुर्भावनापूर्ण इरादा होने संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया।
एनआईए ने पूरे विवाद को ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण’’ बताया और स्पष्ट किया कि उनकी टीम पर हमला "बिना किसी उकसावे" के किया गया था।
टीएमसी के राष्ट्रीय महासचिव अभिषेक बनर्जी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया, ‘‘एनआईए और भाजपा के बीच गठजोड़ हो रहा है। तृणमूल कांग्रेस के नेताओं और आदर्श आचार संहिता के खिलाफ साजिशें रची जा रही हैं।’’
बनर्जी ने कहा कि ‘‘यह मिलीभगत जारी है। निर्वाचन आयोग चुप्पी साधकर निष्पक्षता सुनिश्चित करने के अपने दायित्वों की अनदेखी कर रहा है।’’
बनर्जी के पोस्ट से पहले टीएमसी नेता कुणाल घोष ने संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि प्रदेश भाजपा के एक वरिष्ठ नेता ने 26 मार्च को शहर के न्यू टाउन इलाके में अपने अपार्टमेंट में एनआईए के एक अधिकारी से मुलाकात की थी और राज्य के विभिन्न हिस्सों से लोकसभा चुनाव से पहले एनआईए द्वारा गिरफ्तार किए जाने वाले टीएमसी नेताओं की एक सूची सौंपी थी। घोष के मुताबिक उक्त नेता पश्चिम बर्धमान जिले का है और पहले तृणमूल कांग्रेस का सदस्य था।
घोष ने कहा, ‘‘मैं उस नेता को चुनौती देता हूं कि या तो वह उस दिन की अपनी गतिविधि को लेकर पर्याप्त सबूत दें और मेरे आरोपों का खंडन करें या हम 48 घंटों के बाद उनके कॉल रिकॉर्ड और सीसीटीवी फुटेज सबूत के साथ सामने आएंगे।’’
संवाददाता सम्मेलन में मौजूद पश्चिम बंगाल की वरिष्ठ मंत्री एवं पार्टी की राज्य महिला इकाई की प्रमुख चंद्रिमा भट्टाचार्य ने कहा कि वह केवल इतना ही कहेंगी कि एनआईए ने चुनाव से ठीक पहले 2022 के विस्फोट के मामले की जांच शुरू की है और ‘‘भूपतिनगर में प्रमुख टीएमसी नेताओं की संलिप्तता पाई।’’
उन्होंने कहा ‘‘इससे पता चलता है कि यह सिर्फ एनआईए द्वारा एक घटना के संबंध में कुछ लोगों को गिरफ्तार करने और स्थानीय लोगों के विरोध का सामना करने का मामला नहीं है। यह केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल करके भाजपा द्वारा टीएमसी के खिलाफ गहरी साजिश को दर्शाता है।’’
एनआईए ने अपने आधिकारिक ‘एक्स’ हैंडल पर एक बयान में आरोपों को खारिज कर दिया।
एनआईए ने विस्फोट मामले में छापेमारी और गिरफ्तारी करते समय दुर्भावनापूर्ण इरादा होने संबंधी आरोपों को खारिज कर दिया।
आसनसोल के पूर्व महापौर एवं भाजपा के वरिष्ठ नेता जितेंद्र तिवारी ने एक टीवी चैनल से कहा कि बढ़ते भ्रष्टाचार और महिलाओं तथा गरीब ग्रामीणों के खिलाफ अत्याचार के मामलों में संलिप्तता के कारण टीएमसी को अपने पैरों तले जमीन खिसकती दिख रही है और इसलिए वह ‘‘झूठी और काल्पनिक कहानियां गढ़ रही है।’’
तिवारी ने कहा, ‘‘अगर टीएमसी नेता कुणाल घोष इस बात का सबूत नहीं दे पाते हैं कि मैं या हमारा कोई नेता एनआईए जांच को प्रभावित करने या उनके किसी अधिकारी से मिलने में शामिल था, तो मैं उनके खिलाफ मानहानि का मामला दायर करूंगा।’’
भाजपा प्रवक्ता समिक भट्टाचार्य ने संवाददाताओं से कहा कि टीएमसी के आरोपों से पता चलता है कि राज्य की सत्तारूढ़ पार्टी अपने कार्यकर्ताओं और नेताओं के गलत कृत्यों में संलिप्तता के बढ़ते सबूतों से हताश है और इसलिए झूठी कहानियां गढ़ रही है।
भाषा देवेंद्र