केरल में माकपा और कांग्रेस ने सीएए, कन्नूर विस्फोट को लेकर एक-दूसरे पर लगाए आरोप-प्रत्यारोप
अमित दिलीप
- 07 Apr 2024, 07:52 PM
- Updated: 07:52 PM
तिरुवनंतपुरम/अलप्पुझा, सात अप्रैल (भाषा) केरल में सत्तारूढ़ मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) और विपक्षी कांग्रेस, दोनों ने रविवार को नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) तथा हाल के कन्नूर विस्फोट सहित विभिन्न मुद्दों पर एक-दूसरे पर आरोप लगाए। दोनों दल विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के घटक हैं।
राज्य में लोकसभा चुनाव के लिये 26 अप्रैल को मतदान होगा। राज्य में प्रचार अभियान तेज हो गया है।
मावेलिक्कारा लोकसभा क्षेत्र में वाम लोकतांत्रिक मोर्चा (एलडीएफ) की एक जनसभा में, केरल के मुख्यमंत्री पिनराई विजयन ने नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) और केंद्र सरकार की उन विभिन्न नीतियों के क्रियान्वयन पर कांग्रेस के चुप रहने के अपने आरोपों को दोहराया, जो राज्य के हितों के खिलाफ हैं।
उन्होंने कहा कि कांग्रेस ने केंद्र सरकार की उन नीतियों का कभी भी विरोध नहीं किया, जो राज्य को आर्थिक रूप से प्रभावित कर रही हैं और इसके कल्याणकारी उपायों में बाधा डाल रही हैं।
विजयन ने दावा किया कि देश का पिछला अनुभव यह रहा है कि कांग्रेस का रुख हमेशा भाजपा के समान रहा है और इसलिए, भाजपा का विरोध करने के लिए उस पर भरोसा नहीं किया जा सकता।
उन्होंने आरोप लगाया कि केंद्र की भाजपा सरकार वास्तव में "पूर्ववर्ती संयुक्त प्रगतिशील गठबंधन (संप्रग)-दो सरकार की जनविरोधी नीतियों" को आगे बढ़ा रही है।
माकपा और विजयन पर पलटवार करते हुए राज्य विधानसभा में विपक्ष के नेता वी डी सतीशन ने कन्नूर में हाल हुए बम विस्फोट का उल्लेख किया, जिसमें एक व्यक्ति की जान चली गई थी। उन्होंने कहा कि वाम दल उन आतंकवादी संगठनों से अलग नहीं है, जो अपने सदस्यों को विस्फोटक बनाने में प्रशिक्षित करते हैं।
कांग्रेस का आरोप है कि विस्फोट में माकपा कार्यकर्ता शामिल थे, जिसमें तीन व्यक्ति घायल हुए थे और चार अन्य को गिरफ्तार किया गया है।
पुलिस के अनुसार, मरने वाले व्यक्ति सहित घटना में शामिल सभी आठ व्यक्ति माकपा कार्यकर्ता थे। हालांकि, वाम दल ने इस आरोप को खारिज किया है।
माकपा ने दावा किया है कि घटना में शामिल सभी व्यक्तियों को पार्टी से दरकिनार कर दिया गया था, क्योंकि उन्होंने अतीत में वाम राजनीतिक संगठन के कार्यकर्ताओं पर हमला किया था।
माकपा के इन दावों के जवाब में, सतीशन ने सवाल किया कि फिर पार्टी के स्थानीय नेता विस्फोट में मारे गए व्यक्ति के घर क्यों गए। उन्होंने आरोप लगाया कि माकपा ने लोकसभा चुनाव को ध्यान में रखते हुए घटना में शामिल लोगों से पल्ला झाड़ लिया और कहा कि वे पार्टी कार्यकर्ता नहीं हैं। उन्होंने कहा कि चुनाव के बाद पार्टी का रुख बदल जाएगा।
केरल प्रदेश कांग्रेस कमेटी (केपीसीसी) के कार्यवाहक अध्यक्ष एम एम हसन ने भी इसी तरह के आरोप लगाए। उन्होंने दावा किया कि विस्फोट में मरने वाले व्यक्ति को बाद में एक शहीद माना जाएगा और उसके परिवार को नौकरी और वित्तीय सहायता दी जाएगी।
हसन ने बम बनाने को आतंकवादी कृत्य करार दिया और दावा किया कि यह घटना केंद्र और राज्य की खुफिया एजेंसियों की विफलता का परिणाम थी। उन्होंने कहा कि पुलिस को यह पता लगाने की जरूरत है कि वहां बनाए गए बमों का निशाना कौन बनने वाले थे।
दूसरी ओर, माकपा के प्रदेश सचिव एम वी गोविंदन घटना में पार्टी की संलिप्तता के आरोपों से इनकार किया है। जब उनसे पूछा गया कि स्थानीय माकपा नेता विस्फोट में मारे गए व्यक्ति के घर क्यों गए, तो उन्होंने कहा कि उन्हें इसकी जानकारी नहीं है।
इस बीच, पुलिस ने कहा कि पनूर में शुक्रवार को हुए विस्फोट के बाद बम निरोधक दस्तों की मदद से कन्नूर जिले के विभिन्न हिस्सों में छापेमारी की जा रही है।
विस्फोट एक देसी बम बनाते समय हुआ था।
भाषा अमित