प. बंगाल के राज्यपाल सी वी आनंद बोस ने केंद्रीय बजट को ‘‘संतुलित’’ बताया
अमित संतोष
- 01 Feb 2025, 08:52 PM
- Updated: 08:52 PM
कोलकाता, एक फरवरी (भाषा) पश्चिम बंगाल के राज्यपाल सी. वी. आनंद बोस ने शनिवार को केंद्रीय बजट को ‘‘संतुलित’’ और दूर्दर्शी करार दिया जिसमें समाज के सभी क्षेत्रों के लोगों का ध्यान रखा गया है।
राजभवन द्वारा जारी एक बयान में बोस ने विश्वास व्यक्त किया कि पश्चिम बंगाल के लोग ‘‘बजट की नवीन विशेषताओं का लाभ उठा सकेंगे।’’
बयान में कहा गया है, ‘‘राज्यपाल ने समाज के सभी वर्गों के लोगों की अपेक्षाओं और राष्ट्र की प्राथमिकताओं को शामिल करने वाले संतुलित और दूरदर्शी बजट के लिए केंद्रीय वित्त मंत्री को हार्दिक बधाई दी है। राज्यपाल को विश्वास है कि पश्चिम बंगाल के लोग बजट की नवीन विशेषताओं का लाभ उठा सकेंगे।’’
बोस ने बजट को "विकास-केंद्रित" और "समावेशी" बताया, जिसमें आवास, कृषि, सूक्ष्म, लघु एवं मध्यम उद्यम (एमएसएमई), निवेश और निर्यात जैसे महत्वपूर्ण क्षेत्रों पर जोर दिया गया है, जिससे सतत आर्थिक गति सुनिश्चित हुई है।
बोस ने कहा कि ‘‘विकसित भारत का रास्ता विकसित बंगाल से होकर गुजरेगा और यह राज्य तथा इसके लोगों के लिए एक बड़ा अवसर है कि वे नए जोश और उत्साह के साथ आगे आकर बजट से लाभ उठाएं।’’
वहीं मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) ने शनिवार को दावा किया कि 2025-26 के लिए केंद्रीय बजट प्रस्तावों का लक्ष्य दिल्ली और बिहार में होने वाले चुनाव हैं और इसमें देश के हितों को ध्यान में नहीं रखा गया है।
माकपा के पश्चिम बंगाल सचिव मोहम्मद सलीम ने दावा किया कि बजट प्रस्तावों में पूर्वोत्तर, पश्चिम बंगाल और कई अन्य राज्यों को "पूरी तरह से नजरअंदाज" किया गया है।
सलीम ने यहां एक संवाददाता सम्मेलन को संबोधित करते हुए दावा किया कि बजट का लक्ष्य दिल्ली में होने वाले आगामी चुनाव हैं, जहां वेतनभोगी मध्यम वर्ग और उच्च मध्यम वर्ग के लोग बड़ी संख्या में रहते हैं।
उन्होंने कहा कि इस साल के अंत में बिहार में भी चुनाव होने हैं, ‘‘यह बजट देश के बजाय बिहार के लिए सिमट कर रह गया है।’’
केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से शनिवार को पेश किए गए आम बजट में मखाना बोर्ड की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता और आईआईटी पटना की क्षमता में विस्तार सहित कई अन्य घोषणाएं कर बिहार को खास तवज्जो दी गई।
सलीम ने कहा कि अनेक दुर्घटनाओं के बावजूद यात्री सुरक्षा के लिए रेलवे के बजटीय आवंटन में कोई वृद्धि नहीं की गई है।
बीमा क्षेत्र में एफडीआई को बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने के बजट प्रस्ताव का विरोध करते हुए सलीम ने कहा, ‘‘हम इस पर विरोध प्रदर्शन करेंगे।’’
उन्होंने दावा किया कि देश के हित को नुकसान पहुंचाते हुए कई महत्वपूर्ण क्षेत्रों को विदेशी निवेश के लिए खोल दिया गया है।
वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को नई पीढ़ी के वित्तीय सुधारों के तहत बीमा क्षेत्र में प्रत्यक्ष विदेशी निवेश (एफडीआई) की सीमा बढ़ाकर 100 प्रतिशत करने का प्रस्ताव रखा।
भाषा अमित