कभी कल्पना नहीं की थी कि भारतवर्ष में ऐसा आयोजन होगा : उपराष्ट्रपति धनखड़
राजेंद्र पारुल
- 01 Feb 2025, 08:21 PM
- Updated: 08:21 PM
महाकुंभनगर, एक फरवरी (भाषा) उपराष्ट्रपति जगदीप धनखड़ ने प्रयागराज महाकुंभ के भव्य आयोजन को लेकर शनिवार को कहा कि उन्होंने कभी कल्पना भी नहीं की थी कि भारतवर्ष में ऐसा आयोजन होगा।
प्रयागराज में लेटे हुए हनुमान जी के दर्शन के बाद धनखड़ ने पत्रकारों से कहा, “ऐतिहासिक! पृथ्वी पर आज तक इतनी बड़ी संख्या में लोगों का संगम नहीं हुआ। यहां की उत्कृष्ट व्यवस्था को लेकर मैं अभिभूत हूं।”
उन्होंने कहा, “एक हादसा (मौनी अमावस्या पर भगदड़) हुआ। आप अंदाजा लगाइए कि कितनी त्वरित गति से हर मामले को संभाला गया। दुनिया यह जानकर अचंभित हो जाएगी कि अमेरिका की जितनी आबादी है, उतने लोगों का यहां आगमन हो चुका है।”
उपराष्ट्रपति ने कहा, “मैं मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ को साधुवाद का पात्र मानता हूं कि उन्होंने जो आयोजन किया है, वह दुनिया के इतिहास में लिख गया है। मैं इसे अपने जीवन का सबसे सुखद पल मानता हूं। डुबकी लगाने पर मुझे एहसास हुआ कि दुनिया में भारत जैसा कोई देश नहीं है।”
योगी के काम की तारीफ करते हुए धनखड़ ने कहा, “योगी जी का योगदान यह परिभाषित करता है कि लगन हो, योग्यता हो, संस्कृति का ज्ञान हो और मन में देश सेवा की भावना हो, तो ऐसे करिश्माई कार्य होते हैं।”
उपराष्ट्रपति ने शनिवार को अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ संगम में डुबकी लगाई और सूर्यदेव को अर्घ्य दिया।
धनखड़ अपनी पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ हेलीकॉप्टर से तीर्थराज प्रयागराज पहुंचे, जहां हेलीपैड पर मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने अंगवस्त्र ओढ़ाकर उनका स्वागत किया। यहां से वह अरैल संगम घाट की ओर बढ़े, जहां क्रूज पर सवार होकर उन्होंने नौकायन का आनंद लिया और त्रिवेणी संगम में चिह्नित स्थान पर स्नान किया।
धनखड़ ने स्वस्ति वाचन की गूंज के बीच संगम में आस्था की डुबकी लगाई। स्नान के दौरान वृंदावन के मुख्य पुजारी पुंडरीक गोस्वामी ने पूजा-अर्चना की।
नौकायन के दौरान साइबेरियन पक्षियों को देखकर उपराष्ट्रपति उत्साहित नजर आए। उन्होंने कलरव करते पक्षियों को दाना डाला और परिजनों समेत इस क्षण का आनंद लिया। नौकायन के दौरान उन्होंने मुख्यमंत्री से त्रिवेणी संगम के महात्म्य के बारे में जाना।
उत्तर प्रदेश सरकार के एक अधिकारी ने बताया कि त्रिवेणी संगम पर स्नान के बाद उपराष्ट्रपति ने पत्नी और परिवार के अन्य सदस्यों के साथ सरस्वती कूप, अक्षय वट और बड़े हनुमान मंदिर में विधि विधान से पूजा-अर्चना की।
अधिकारी के मुताबिक, बड़े हनुमान मंदिर में धनखड़ ने महाबली हनुमान को रोली, वस्त्र, जनेऊ, सिंदूर, लाल चंदन, माला, धूप-दीप, नैवेद्य अर्पित किया और परिक्रमा भी की।
धनखड़ की महाकुंभ यात्रा के दौरान औद्योगिक विकास मंत्री नंदगोपाल गुप्ता नंदी समेत उत्तर प्रदेश सरकार के विभिन्न मंत्री और शासन के आला पदाधिकारी मौजूद रहे।
भाषा
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