दिल्ली में भाजपा को उम्मीद: आयकर में छूट का मिल सकता है चुनावी फायदा
आशीष पवनेश
- 01 Feb 2025, 07:19 PM
- Updated: 07:19 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) निर्वाचन आयोग ने भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत केंद्र सरकार को केंद्रीय बजट में दिल्ली के लिए विशेष घोषणाएं करने से रोका है, लेकिन मध्यम वर्ग के लिए आयकर राहत को कई लोग पांच फरवरी को होने वाले विधानसभा चुनावों में संभावित उलट-फेर कर सकने वाले कदम के रूप में देख रहे हैं।
केंद्रीय बजट 2025-26 पेश करते हुए वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने कहा कि सालाना 12 लाख रुपये तक की आय पर कोई आयकर नहीं देना होगा। इस कदम का उद्देश्य मध्यम वर्ग को बड़ी राहत देना है। वित्त मंत्री ने कहा, ‘‘मुझे यह घोषणा करते हुए खुशी हो रही है कि नयी व्यवस्था के तहत 12 लाख रुपये (यानी पूंजीगत लाभ जैसी विशेष दर आय के अलावा प्रति माह 1 लाख रुपये की औसत आय) तक कोई आयकर देय नहीं होगा।’’
दिल्ली में 40 लाख आयकरदाता हैं। नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार की 2025-26 के बजट में की गई घोषणा के साथ, भाजपा मध्यम वर्ग के वोट हासिल करने का कोशिश करेगी, जो दिल्ली चुनावों में एक महत्वपूर्ण जनसांख्यिकी रहा है।
भाजपा नेताओं ने इस कदम को मध्यम वर्ग के लिए बड़ी राहत बताया और कहा कि इससे राष्ट्रीय राजधानी में मध्यम वर्ग के बीच पार्टी का समर्थन मजबूत होगा। भाजपा की दिल्ली इकाई के अध्यक्ष वीरेंद्र सचदेवा ने कहा कि यह एक महत्वपूर्ण घोषणा है, जिससे मध्यम वर्ग का भाजपा में विश्वास बढ़ेगा।
उन्होंने कहा, ‘‘हमने मध्यम वर्ग के लिए पहले ही कई घोषणाएं की हैं। हम भविष्य में भी उनके लिए बहुत कुछ करते रहेंगे। 12 लाख रुपये की वार्षिक आय वाले लोगों को आयकर में छूट का दिल्ली विधानसभा चुनावों पर महत्वपूर्ण प्रभाव पड़ेगा।’’ सचदेवा ने कहा, ‘‘दिल्ली में बड़ी संख्या में करदाता हैं जिन्हें लाभ मिलेगा और यह मध्यम वर्ग के लिए एक बजटीय उपहार है।’’
दिल्ली में पांच फरवरी को चुनाव होंगे और आठ फरवरी को मतगणना होगी। 1998 से दिल्ली की सत्ता से बाहर भाजपा, अरविंद केजरीवाल के नेतृत्व वाली आम आदमी पार्टी (आप) को सत्ता से हटाने के लिए पूरा प्रयास कर रही है, जो 2015 से दिल्ली पर शासन कर रही है।
रोहिणी सीट से चुनाव लड़ रहे भाजपा नेता विजेंद्र गुप्ता ने कहा कि दिल्ली में बड़ी संख्या में मध्यम वर्ग के लोगों को इस कदम से सीधे तौर पर फायदा होगा, जिससे उनकी क्रय शक्ति बढ़ेगी और बाजार में वृद्धि होगी।
गुप्ता ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ''इससे पता चलता है कि भाजपा मध्यम वर्ग का ख्याल रखती है और चुनाव में उसे बड़े पैमाने पर समर्थन मिलना है।’’
दिल्ली के पूर्व मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल ने 22 जनवरी को देश के मध्यम वर्ग के लिए आम आदमी पार्टी का सात सूत्री "घोषणापत्र" जारी किया, जिसमें कहा गया कि उनकी लगातार उपेक्षा की गई है और वे "कर आतंक" का शिकार हो रहे हैं।
पिछले दिनों केजरीवाल ने कहा था कि दिल्लीवासी 1.78 लाख करोड़ रुपये से अधिक आयकर का भुगतान कर रहे हैं, लेकिन उन्हें केंद्रीय करों में ज्यादा हिस्सा नहीं मिलता।
दिल्ली के बुराड़ी निवासी शुभम गुप्ता ने केंद्र सरकार की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे बड़ी संख्या में मध्यम वर्गीय परिवारों को लाभ मिलेगा। एक अन्य निवासी सुरेंद्र अरोड़ा ने कहा कि सरकार को 15 लाख रुपये तक की आय वालों को भी राहत देनी चाहिए थी।
अरोड़ा ने कहा, "बजट में सरकार को 15 लाख रुपये तक की आय वालों को कुछ राहत देनी चाहिए थी। 12 लाख रुपये से अधिक कमाने वालों को अधिक कर देना पड़ेगा।"
पिछले महीने निर्वाचन आयोग ने केंद्र सरकार को दिल्ली विधानसभा चुनाव से पहले आदर्श आचार संहिता लागू होने का हवाला देते हुए केंद्रीय बजट में दिल्ली से संबंधित किसी भी योजना या पहल की घोषणा करने से बचने का निर्देश दिया था।
भाषा
आशीष