केंद्रीय बजट में बिहार के लिए कई घोषणाएं: विपक्ष ने चुनाव से जोड़ा तो राजग ने किया पलटवार
ब्रजेन्द्र धीरज
- 01 Feb 2025, 07:01 PM
- Updated: 07:01 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण की ओर से शनिवार को पेश किए गए आम बजट में मखाना बोर्ड की स्थापना, पश्चिमी कोसी नहर के लिए वित्तीय सहायता और आईआईटी पटना की क्षमता में विस्तार सहित कई अन्य घोषणाएं कर बिहार को खास तवज्जो दी गई है।
कांग्रेस सहित विपक्षी नेताओं ने कहा कि बजट 2025 में आम लोगों और मध्यम वर्ग के लिए कुछ भी नहीं है तथा सरकार इसे आगामी बिहार विधानसभा चुनाव को ध्यान में रखकर लाई है। हालांकि भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) और इसके सहयोगी दलों ने इस आरोप को खारिज किया।
बिहार में इस साल के अंत में विधानसभा चुनाव होना है। वर्तमान में वहां जनता दल (यूनाइटेड) के नेता नीतीश कुमार के नेतृत्व में राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की सरकार है।
लोकसभा में आम बजट पेश करते हुए वित्त मंत्री ने यह भी घोषणा की कि केंद्र भविष्य की जरूरतों को पूरा करने के लिए राज्य में ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण के अलावा बिहार में एक राष्ट्रीय खाद्य प्रौद्योगिकी, उद्यमिता और प्रबंधन संस्थान भी स्थापित करेगा।पटना हवाई अड्डे की क्षमता का विस्तार किया जाना भी प्रमुख घोषणाओं में शामिल है।
बिहार के मिथिलांचल क्षेत्र में पश्चिमी कोसी नहर परियोजना के लिए वित्तीय सहायता प्रदान किए जाने और भारतीय प्रौद्योगिकी संस्थान (आईआईटी), पटना में छात्रावास और एक अन्य बुनियादी ढांचा क्षमता के विस्तार की भी घोषणा हुई है।
बिहार के मुख्यमंत्री नीतीश कुमार बजट की सराहना करते हुए कहा कि यह ‘‘सकारात्मक’’ है और इससे राज्य के विकास में तेजी लाने में मदद मिलेगी।
मुख्यमंत्री ने प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और केंद्रीय वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण को भी धन्यवाद दिया। नीतीश कुमार की पार्टी जनता दल-यूनाइटेड (जद-यू) केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) नीत राष्ट्रीय जनतांत्रिक गठबंधन (राजग) की प्रमुख घटक है।
नीतीश ने एक बयान में कहा कि ‘मखाना बोर्ड’ की स्थापना के प्रस्ताव से मखाने की खेती को बढ़ावा मिलेगा, जिसके लिए राज्य दूर-दूर तक जाना जाता है।
उन्होंने यह भी कहा कि बजट में प्रस्तावित ग्रीनफील्ड हवाई अड्डे उड़ान संपर्क सुधारने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएंगे, जिससे राज्य के आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।
जद (यू) के कार्यकारी अध्यक्ष संजय झा ने भी मखाना बोर्ड के गठन की घोषणा का स्वागत करते हुए कहा कि इससे किसानों और उद्यमियों के लिए नए अवसर खुलेंगे।
यह उल्लेख करते हुए कि यह क्षेत्र की कृषि अर्थव्यवस्था के लिए परिवर्तनकारी साबित होगा, झा ने ‘एक्स’ पर एक पोस्ट में कहा, ‘‘यह पहल उत्पादन, प्रसंस्करण, मूल्य संवर्धन और विपणन को बढ़ाएगी, जिससे मिथिला और बिहार में आर्थिक विकास को बढ़ावा मिलेगा।’’
राष्ट्रीय जनता दल (राजद) के नेता तेजस्वी यादव ने आरोप लगाया कि बजट में सिर्फ ‘जुमलेबाजी’ की गई है तथा पहले की गई घोषणाओं को वह नया बताकर फिर से पेश कर रही है।
बिहार के वैशाली जिले में एक प्रेस वार्ता को संबोधित करते हुए उन्होंने नीतीश कुमार की राज्य के लिए अच्छा लाभ हासिल करने में कथित रूप से नाकाम रहने के लिए आलोचना की।
हालांकि, राजद की सहयोगी कांग्रेस ने कहा कि ऐसा लगता है कि बिहार को घोषणाओं का खजाना मिल गया है।
महासचिव जयराम रमेश ने बिहार से भाजपा के सहयोगी दल जद(यू) और आंध्र प्रदेश से तेलुगु देशम पार्टी (तेदेपा) के स्पष्ट संदर्भ में ‘एक्स’ पर कहा, ‘‘यह स्वाभाविक है क्योंकि साल के अंत में वहां (बिहार) चुनाव होना है। लेकिन राजग के दूसरे स्तंभ यानी आंध्र प्रदेश को इतनी बुरी तरह से नजरअंदाज क्यों किया गया है?’’
इस आरोप के मद्देनजर, झा ने सवाल किया कि अगर बिहार को मिला भी है तो विपक्षी दलों को आपत्ति क्यों है।
उन्होंने कहा, ‘‘दुर्भाग्यपूर्ण यह है कि जिन दलों की केंद्र सरकारों ने आजादी के बाद दशकों तक बिहार की घोर उपेक्षा की थी, उसके नेता केंद्रीय बजट 2025-26 में बिहार को मिली विशेष सौगातों से विचलित हो रहे हैं और इसे ‘बिहार का बजट’ बता रहे हैं।’’
उन्होंने ‘पीटीआई-वीडियो’ से कहा, ‘‘आज जब बिहार को मिल रहा है तो पता नहीं उन्हें क्यों मिर्ची लग गई है। क्या ये लोग बिहार और बिहार के लोगों के खिलाफ हैं।’’
जद (यू) नेता एवं केंद्रीय मंत्री ललन सिंह ने इस बात को लेकर हैरानी जताई कि विपक्षी दल बिहार के लिए विकास योजनाओं पर आपत्ति कर रहे हैं।
सिंह ने पूछा, ‘‘ऐसे में उन्हें (विपक्षी दलों को) बिहार में चुनाव नहीं लड़ना चाहिए। बिहार भी इसी देश का हिस्सा है और यदि उसे कुछ मिला है तो इसमें गलत क्या है? आईआईटी, ग्रीनफील्ड हवाई अड्डों के निर्माण, खाद्य प्रसंस्करण श्रृंखलाएं बनाने की घोषणाएं की गई हैं... ये सब बिहार के युवाओं के लिए बहुत लाभकारी होगा। इसमें परेशानी क्या है?’’
केंद्रीय मंत्री चिराग पासवान ने विपक्ष को एक साथ चुनाव कराने के प्रस्ताव संबंधी विधेयकों का समर्थन करने की चुनौती दी ताकि आम बजट को लेकर होने वाली इस बहस को समाप्त किया जा सके कि इसमें भविष्य में चुनाव वाले राज्यों को फायदा पहुंचाया गया है।
पासवान ने कहा कि बजट के समय देश के किसी न किसी हिस्से में हमेशा चुनाव हो रहे होते हैं।
उन्होंने कहा, ‘‘यदि विपक्ष को इतनी आपत्ति है, तो उसे एक साथ चुनाव कराने की अवधारणा का समर्थन करना चाहिए और इस बहस को हमेशा के लिए समाप्त कर देना चाहिए। अगली बार जब बजट पेश किया जाएगा तो कोई न कोई चुनाव अवश्य हो रहा होगा।’’
बजट में बिहार पर कितना ध्यान केंद्रित किया गया, इसका अंदाजा इससे भी लगाया जा सकता है कि सीतारमण ने मिथिला पेंटिंग वाली क्रीम कलर की साड़ी पहनकर प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी के नेतृत्व वाली सरकार के तीसरे कार्यकाल का पहला पूर्ण बजट पेश किया।
सीतारमण को यह साड़ी सुप्रसिद्ध कलाकार पद्मश्री दुलारी देवी ने उस समय भेंट की थी, जब वह गत वर्ष नवंबर महीने में बिहार के मिथिला क्षेत्र के दौरे पर थीं और इस दौरान वह मिथिला चित्रकला संस्थान गई थीं।
लोकप्रिय मधुबनी पेंटिंग को मिथिला पेंटिंग के नाम से भी जाना जाता है। इसे लोककला की एक पारंपरिक और जटिल शैली माना जाता है। बिहार के मिथिला क्षेत्र में इस कला की उत्पत्ति मानी जाती है।
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