हिमाचल में कांग्रेस के पूर्व विधायक ने सुक्खू के खिलाफ मानहानि का मामला दर्ज करने की मांग की
आशीष दिलीप
- 07 Apr 2024, 04:52 PM
- Updated: 04:52 PM
शिमला, सात अप्रैल (भाषा) कांग्रेस के पूर्व विधायक सुधीर शर्मा ने रविवार को मुख्यमंत्री सुखविंदर सिंह सुक्खू के खिलाफ उनकी ‘‘15 करोड़ रुपये में विधायक बिक गए’’ वाली टिप्पणी को लेकर मानहानि की शिकायत दर्ज कराई।
पार्टी व्हिप का उल्लंघन करने के कारण विधानसभा की सदस्यता से अयोग्य ठहराए गए शर्मा ने कुछ दिन पहले सुक्खू को उनकी टिप्पणी के लिए पांच करोड़ रुपये के हर्जाने की मांग करते हुए मानहानि का नोटिस भेजा था। रविवार को शर्मा ने मुख्यमंत्री के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज करने की मांग की।
शर्मा ने रविवार को ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘यह आरोप मेरे और उन अन्य (पूर्व) विधायकों के खिलाफ लगाया गया, जो हाल में भाजपा में शामिल हुए और चुनाव लड़ रहे हैं।’’
भाजपा ने शर्मा को धर्मशाला विधानसभा उपचुनाव के लिए मैदान में उतारा है।
कांगड़ा की पुलिस अधीक्षक (एसपी) और राज्य पुलिस प्रमुख को संबोधित अपनी शिकायत में शर्मा ने कहा, ‘‘चार अप्रैल को ऊना जिले के कुटलैहड़ में सुक्खू के एक भ्रामक भाषण के संबंध में हाल में मेरे निर्वाचन क्षेत्र में एक वीडियो प्रसारित हुआ और मीडिया में खबरें आईं, जिसमें बेबुनियाद आरोप लगाया गया है कि प्रत्येक विधायक 15 करोड़ रुपये में बिक गए।’’
चार बार विधायक रहे शर्मा ने कहा, ‘‘यह बेहद चिंताजनक है कि मुख्यमंत्री ने सार्वजनिक धन का इस्तेमाल कर कुटलैहड़ की यात्रा की और झूठ फैलाया। उनके भाषण में बिना किसी सबूत के आरोप लगाए गए। राज्य के भीतर और बाहर व्यापक रूप से यह प्रसारित हुआ।’’
उन्होंने शिकायत में कहा है, ‘‘मुख्यमंत्री द्वारा दिए गए ऐसे अपमानजनक बयान बेहद गैर-जिम्मेदाराना हैं और इससे मेरी प्रतिष्ठा के साथ-साथ मेरे परिवार और समर्थकों की भावनाओं को भी चोट पहुंची है। मैं आपसे आपराधिक मानहानि और एक लोक सेवक के रूप में जनता को गुमराह करने के लिए मुख्यमंत्री के खिलाफ तत्काल कार्रवाई करने और प्राथमिकी दर्ज करने का आग्रह करता हूं।’’
संपर्क करने पर कांगड़ा की एसपी शालिनी अग्निहोत्री ने ‘पीटीआई-भाषा’ को बताया कि ईमेल के जरिए एक शिकायत मिली है।
शर्मा उन नौ विधायकों में शामिल थे, जिन्होंने 27 फरवरी को राज्यसभा चुनाव में भाजपा उम्मीदवार हर्ष महाजन के पक्ष में मतदान किया था। इनमें कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय विधायक थे।
कटौती प्रस्तावों और बजट के दौरान विधानसभा में उपस्थित रहने और सरकार के पक्ष में मतदान करने के व्हिप का उल्लंघन करने के लिए कांग्रेस के बागी विधायकों को विधानसभाध्यक्ष द्वारा अयोग्य घोषित कर दिया गया था। सभी नौ विधायक (कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय) बाद में भाजपा में शामिल हो गए। कांग्रेस के बागी विधायकों को भाजपा ने उनके संबंधित निर्वाचन क्षेत्रों से मैदान में उतारा है।
कुटलैहड़ में बृहस्पतिवार को एक रैली में सुक्खू ने आरोप लगाया कि ‘कांग्रेस के छह बागी और तीन निर्दलीय 15-15 करोड़ रुपये में बिक गए। एक दिन बाद, हमीरपुर जिले के नादौन में जनसभा को संबोधित करते हुए सुक्खू ने शर्मा को बागियों का ‘‘सरगना’’ करार दिया और आरोप लगाया कि उन्हें 15 करोड़ रुपये से अधिक मिले होंगे।
भाषा आशीष