वित्त मंत्री ने 36 जीवनरक्षक दवाओं को सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव रखा
नेत्रपाल धीरज
- 01 Feb 2025, 07:57 PM
- Updated: 07:57 PM
नयी दिल्ली, एक फरवरी (भाषा) वित्त मंत्री निर्मला सीतारमण ने शनिवार को कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों के इलाज में इस्तेमाल होने वाली 36 दवाओं पर सीमा शुल्क से पूरी तरह छूट देने का प्रस्ताव रखा।
सरकार ने पूर्व में ‘ट्रैस्टुज़ुमैब डेरक्सटेकन’, ‘ओसिमर्टिनिब’ और ‘ड्यूरवालुमैब’ पर सीमा शुल्क को 10 प्रतिशत से घटाकर शून्य कर दिया था।
सीतारमण ने लगातार आठवां बजट पेश करते हुए कहा, ‘‘रोगियों, विशेष रूप से कैंसर, दुर्लभ बीमारियों और अन्य गंभीर पुरानी बीमारियों से पीड़ित लोगों को राहत प्रदान करने के लिए, मैं 36 जीवनरक्षक दवाओं को बुनियादी सीमा शुल्क (बीसीडी) से पूरी तरह छूट वाली दवाओं की सूची में जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं।’’
उन्होंने सूची में छह अन्य जीवनरक्षक दवाओं को जोड़ने का भी प्रस्ताव रखा, जिन पर पांच प्रतिशत का रियायती सीमा शुल्क लगाया जाएगा।
सीतारमण ने कहा, ‘‘उपरोक्त के निर्माण के लिए थोक दवाओं पर क्रमशः पूर्ण छूट और रियायती शुल्क भी लागू होगा।’’
उन्होंने कहा कि दवा कंपनियों के रोगी सहायता कार्यक्रमों के तहत निर्दिष्ट दवाओं और औषधियों को बीसीडी से पूरी तरह छूट दी गई है, बशर्ते मरीजों को दवाएं मुफ्त में दी जाएं।
सीतारमण ने कहा, ‘‘मैं 13 नए रोगी सहायता कार्यक्रमों के साथ 37 और दवाएं जोड़ने का प्रस्ताव करती हूं।’’
‘इंडियन फार्मास्युटिकल एलायंस’ के महासचिव सुदर्शन जैन ने कहा कि आवश्यक दवाओं पर छूट और रियायती शुल्क से देश भर में महत्वपूर्ण उपचारों के लिए दवाओं की पहुंच में सुधार होगा।
अपोलो हॉस्पिटल्स के संस्थापक और चेयरमैन प्रताप सी रेड्डी ने कहा कि जिला अस्पतालों में 200 ‘डे केयर’ कैंसर केंद्रों की स्थापना और दुर्लभ बीमारियों, कैंसर और गंभीर पुरानी बीमारियों के लिए महत्वपूर्ण दवाओं को सीमा शुल्क छूट के तहत शामिल करना सराहनीय कदम है।
उन्होंने कहा कि इन उपायों से गैर-संचारी रोगों से लड़ने में राष्ट्रीय प्रयासों को मजबूती मिलेगी तथा मरीजों की जेब से होने वाले खर्च में कमी आएगी।
मैक्स हेल्थकेयर इंस्टीट्यूट के अध्यक्ष एवं प्रबंध निदेशक अभय सोई ने कहा, ‘‘अगले वर्ष तक 10,000 मेडिकल सीट जोड़ने तथा अगले पांच वर्षों में 75,000 मेडिकल सीट जोड़ने के लक्ष्य से चिकित्सक-रोगी अनुपात को पाटने में मदद मिलेगी, जबकि 200 कैंसर केंद्रों की स्थापना से देश भर में कैंसर मरीज देखभाल में उल्लेखनीय सुधार होगा।’’
उन्होंने कहा कि कैंसर और दुर्लभ बीमारियों के लिए महत्वपूर्ण दवाओं पर सीमा शुल्क में छूट उन्नत उपचारों को अधिक किफायती बनाने के लिए एक बहुत ही आवश्यक कदम है।
भाषा नेत्रपाल