हरियाणा: महाकुंभ में मची भगदड़ में जान गंवाने वाले दो लोगों का अंतिम संस्कार किया गया
सं जितेंद्र
- 30 Jan 2025, 08:49 PM
- Updated: 08:49 PM
फरीदाबाद/जींद, 30 जनवरी (भाषा) उत्तर प्रदेश के प्रयागराज में महाकुंभ में मौनी अमावस्या पर अमृत स्नान के दौरान मची भगदड़ में जान गंवाने वाले हरियाणा के दो लोगों का यहां अंतिम संस्कार किया गया।
फरीदाबाद के रहने वाले 34 वर्षीय अमित और जींद के राजपुरा गांव की रहने वाली 60 वर्षीय रामपति का उनके पैतृक स्थानों पर अंतिम संस्कार किया गया।
महाकुंभ में मंगलवार देर रात डेढ़ से दो बजे के बीच में महाकुंभ के संगम क्षेत्र में मची भगदड़ में 30 लोगों की मौत हो गयी और 60 लोग घायल हुए थे।
महाकुंभ में जान गंवाने वालों में फरीदाबाद की संजय कॉलोनी सेक्टर 23 के रहने वाले अमित भी शामिल हैं।
अमित मूल रूप से उत्तर प्रदेश के फिरोजाबाद के बगई गांव का रहने वाला था और संजय कॉलोनी में अपनी बुजुर्ग मां, पत्नी, बहन (22 वर्षीय) और चार बच्चों के साथ रहता था।
अमित के परिवार के सदस्यों ने बताया कि उसकी (अमित) शादी 2016 में फिरोजाबाद की रहने वाली पूजा (30) से हुई थी। अमित के चार बच्चों में बेटी काव्या (छह), निती (चार), मन्नत (तीन), बेटा रुद्राक्ष (एक) शामिल है।
उन्होंने बताया कि अमित 2016 में सैन्य इंजीनियरी सेवा के तहत सेना में लिफ्ट मैकेनिक के तौर पर भर्ती हुए थे और 2017 में उनकी पोस्टिंग दिल्ली कैंट में हुई थी।
परिजनों के मुताबिक, अमित 25 जनवरी को अपने परिवार के साथ प्रयागराज गया था और अपने परिवार के साथ संगम घाट पर ठहरा था।
उन्होंने बताया कि 28 जनवरी देर रात करीब एक बजे अमित अपनी मां सरिता देवी के साथ घाट पर स्नान करने के लिए गया था और उसकी पत्नी व बच्चे घाट पर तंबू के अंदर ही सोए हुए थे।
परिजनों ने बताया कि अमित जब घाट पर नहाकर वापस आ रहा था तो अचानक से भगदड़ मच गई।
परिजनों के मुताबिक, अमित की मां को मौके पर मौजूद पुलिस ने सुरक्षित बाहर निकाल लिया लेकिन उनकी इस भगदड़ में दबकर मौत हो गई।
उन्होंने बताया कि पुलिसकर्मियों ने अमित को एम्बुलेंस में अस्पताल भिजवाया, जहां चिकित्सकों ने उनको मृत घोषित कर दिया।
सदस्यों ने बताया कि 30 जनवरी को दोपहर बाद अमित का शव संजय कॉलोनी उनके घर पहुंचा, जहां उनका अंतिम संस्कार किया गया।
पुलिस प्रवक्ता के अनुसार, अमित की चिता को उनके एक वर्षीय बेटे ने मुखाग्नि दी।
वहीं 60 वर्षीय रामपति का उनके पैतृक गांव में बृहस्पतिवार सुबह अंतिम संस्कार किया गया। अंतिम संस्कार के दौरान ग्रामीणों की भारी भीड़ रही।
वह पड़ोस में रहने वाले नरेंद्र और उसकी पत्नी के साथ महाकुंभ गयी थी और भगदड़ में उन दोनों को भी चोटें आई हैं हालांकि वे खतरे से बाहर हैं।
भाषा सं