केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में ‘आप’ नेताओं ने किया सामूहिक अनशन
अमित नरेश
- 07 Apr 2024, 09:13 PM
- Updated: 09:13 PM
(तस्वीर के साथ)
नयी दिल्ली, सात अप्रैल (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) के राष्ट्रीय संयोजक एवं दिल्ली के मुख्यमंत्री अरविंद केजरीवाल की गिरफ्तारी के विरोध में पार्टी के प्रमुख नेताओं ने रविवार को यहां जंतर-मंतर पर दिनभर का अनशन किया।
आप नेताओं ने दावा किया कि आगामी लोकसभा चुनाव में जनता केजरीवाल को जेल भेजने का भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) को उचित जवाब देगी।
आप के कार्यकर्ता और समर्थक दिनभर के अनशन में शामिल हुए। उन्होंने देशभक्ति के गीत गाए और वे सलाखों के पीछे केजरीवाल की तस्वीर वाले पोस्टर लिये हुए थे।
पार्टी नेताओं ने कहा कि अन्य राज्यों के साथ-साथ विदेश में भी भारतीयों ने इस प्रकार का विरोध प्रदर्शन किया। आप के नेताओं ने कहा कि ऐसे प्रदर्शन विदेश में बोस्टन में हार्वर्ड स्क्वायर, लॉस एंजिलिस में हॉलीवुड साइन, वाशिंगटन डीसी में भारतीय दूतावास के बाहर, न्यूयॉर्क में टाइम्स स्क्वायर और टोरंटो, लंदन और मेलबर्न समेत कई स्थानों पर किये गए।
आप आदमी पार्टी की दिल्ली इकाई के संयोजक गोपाल राय ने कहा कि केजरीवाल जेल से बाहर आएंगे और केंद्र में सत्तारूढ़ भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की "तानाशाही" के खिलाफ देश की लड़ाई में शामिल होंगे।
छह घंटे के अनशन के दौरान आप के नेता जिस मंच पर बैठे थे, उसकी पृष्ठभूमि में सलाखों के पीछे केजरीवाल की तस्वीर लगी थी। मंच के सामने महात्मा गांधी की तस्वीर के साथ बी आर आंबेडकर और भगत सिंह की तस्वीरें भी रखी गई थीं।
जंतर-मंतर पर प्रदर्शनकारियों को संबोधित करते हुए आप के राज्यसभा सदस्य संजय सिंह ने कहा, ''केजरीवाल ईमानदार थे, हैं और रहेंगे।'' उच्चतम न्यायालय ने सिंह को हाल में दिल्ली आबकरी नीति में हुए कथित घोटाले में जमानत दी है।
सिंह ने शराब "घोटाले" से जुड़े धनशोधन मामले में प्रवर्तन निदेशालय (ईडी) द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी पर सवाल उठाया। उन्होंने दावा किया कि इस मामले की जांच कर रहे केन्द्रीय अन्वेषण ब्यूरो (सीबीआई) और ईडी के 456 गवाहों में से केवल चार ने 'आप' के राष्ट्रीय संयोजक के नाम का उल्लेख किया है।
सिंह ने कहा, ''लोग अच्छी तरह से जानते हैं कि किस परिस्थितियों में इन गवाहों ने केजरीवाल का नाम लिया है।''
उन्होंने पार्टी कार्यकर्ताओं से आगामी लोकसभा चुनाव में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी और गृह मंत्री अमित शाह को सत्ता से बाहर करने के लिए आप और विपक्षी ‘इंडिया’ गठबंधन के उम्मीदवारों को जिताने के लिए कड़ी मेहनत करने का आह्वान किया।
दिल्ली की मंत्री आतिशी ने भाजपा पर तानाशाही का आरोप लगाया और दावा किया कि आप का एक दिवसीय अनशन भाजपा की रातों की नींद उड़ा देगा। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल की गिरफ्तारी से लोगों में गुस्सा है और यह भाजपा के ''ताबूत में आखिरी कील'' साबित होगी।
उन्होंने कहा, "भाजपा तानाशाह ने केजरीवाल को जेल भेजकर आप को खत्म करने का सपना देखा था, लेकिन अब देश और दुनिया में लाखों केजरीवाल पैदा हो गए हैं। हर देशभक्त आपके कारावास की रणनीति का जवाब अपने वोट से देने के लिए तैयार है।"
आप ने अपने सोशल मीडिया हैंडल पर मुंबई, कोलकाता बेंगलुरु और पुणे सहित विभिन्न शहरों में हुए विरोध प्रदर्शन की तस्वीरें साझा कीं।
आप शासित पंजाब के मुख्यमंत्री भगवंत मान और उनके कैबिनेट के कई सहयोगियों ने भगत सिंह के गांव खटकड़ कलां में अनशन किया।
आप विधायक संजीव झा ने इस बात पर जोर दिया कि विदेश में रहने वाले भारतीय भी पार्टी के सामूहिक अनशन कार्यक्रम में शामिल हुए क्योंकि उनका मानना है कि केजरीवाल के नेतृत्व में भारत प्रगति कर सकता है और उन्हें भी इसमें योगदान देने का मौका मिल सकता है। उन्होंने आरोप लगाया कि केजरीवाल को ''झूठे'' मामले में जेल भेजा गया है।
जंतर-मंतर पर अनशन के समापन पर आप के राष्ट्रीय महासचिव (संगठन) संदीप पाठक ने कहा कि यदि भाजपा राष्ट्रीय राजधानी में राष्ट्रपति शासन लगाने की हिम्मत करती है तो दिल्ली में उनकी पार्टी भाजपा को परास्त कर देगी।
राय ने आरोप लगाया कि ईडी द्वारा केजरीवाल की गिरफ्तारी आप को खत्म करने की भाजपा की साजिश का हिस्सा थी।
केजरीवाल को 21 मार्च को गिरफ्तार किया गया था और वह 15 अप्रैल तक न्यायिक हिरासत में रहेंगे।
अनशन में शामिल लोगों को शाम पांच बजे आयोजकों द्वारा जूस पैक दिए जाने के साथ ही अनशन समाप्त हो गया।
भाषा अमित