लोकसभा चुनाव:बंगाल में भित्ति चित्र और दीवार पर चित्रकारी प्रचार के लोकप्रिय तरीके बने
सिम्मी शोभना
- 07 Apr 2024, 10:36 AM
- Updated: 10:36 AM
(सुप्रतीक सेनगुप्ता)
कोलकाता, सात अप्रैल (भाषा) लोकसभा चुनाव के पहले चरण के मतदान में बमुश्किल दो सप्ताह बचे हैं और ऐसे में पश्चिम बंगाल की दीवारें चुनावी चित्रकारी एवं भित्ति चित्र से पटी पड़ी हैं और मतदाताओं का ध्यान अनायास ही आकर्षित कर रही हैं।
सिलीगुड़ी में तृणमूल कांग्रेस के एक भित्ति चित्र में प्रधानमंत्री नरेन्द्र मोदी से मिलती-जुलती आकृति उकेरी गई है और उसे भगवान राम सुरक्षित दूरी बनाए रखने और अपनी योग्यता के आधार पर चुनाव जीतने की हिदायत देते हुए दिखाए गए हैं।
इससे सैकड़ों मील दूर कोलकाता के यादवपुर में मार्क्सवादी कम्युनिस्ट पार्टी (माकपा) की छात्र शाखा एसएफआई (स्टूडेंट्स फेडरेशन ऑफ इंडिया) के एक भित्ति चित्र में तृणमूल कांग्रेस की तुलना संदेशखालि के ‘‘राक्षस’’ और भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) की तुलना ‘‘डकैत’’ से की गई है, जिसमें मतदाताओं से दोनों को खारिज करने का आग्रह किया गया है।
माकपा के एक अन्य भित्ति चित्र में एलपीजी सिलेंडर की तस्वीरों के साथ लिखा है, ‘तेल थेकलो सतके, गैस गेलो हजारे, भक्तगण मुख खोलेना बाजारे’ (तेल की कीमत 100 रुपये के स्तर को पार कर गई है, एलपीजी की कीमत 1,000 रुपये तक पहुंच गई है, लेकिन भाजपा समर्थक चुप हैं)
व्यंग्यात्मक एवं विचारोत्तेजक भित्ति चित्र 1952 से पूर्वी राज्य में हर चुनाव का एक अविभाज्य हिस्सा रहे हैं।
एसएफआई राज्य समिति के सदस्य शुभजीत सरकार ने बताया कि वामपंथी दलों की कलाकृतियां ‘‘भाजपा और टीएमसी जैसी अलोकतांत्रिक ताकतों से लड़ने की आवश्यकता’’ को दर्शाती हैं।
सरकार ने ‘पीटीआई-भाषा’ से कहा, ‘‘कार्टून, भित्ति चित्र, दीवार लेखन पश्चिम बंगाल की राजनीति का, खासकर चुनाव के दौरान अभिन्न अंग रहे हैं।’’
तृणमूल कांग्रेस के प्रवक्ता और पार्टी की छात्र शाखा की राज्य इकाई के प्रमुख त्रिनानकुर भट्टाचार्य ने कहा, ‘‘हमने पश्चिम बंगाल और देश के लोगों के समक्ष मौजूद गंभीर मुद्दों पर आवाज उठाई है।’’
उन्होंने कहा, ‘‘हमारे भित्ति चित्र में मनरेगा (महात्मा गांधी राष्ट्रीय ग्रामीण रोजगार गारंटी) और आवास योजना के तहत पश्चिम बंगाल के लिए केंद्रीय निधि जारी नहीं किए जाने से लेकर विपक्षी नेताओं को परेशान करने एवं डराने के लिए सीबीआई (केंद्रीय अन्वेषण ब्यूरो) और ईडी (प्रवर्तन निदेशालय) का उपयोग करके लगातार छापेमारी किए जाने के मामले उठाए गए हैं।’’
भाजपा ने भी तृणमूल के दावों का विरोध करने और भ्रष्टाचार के आरोपों को उजागर करने वाले भित्ति चित्रों के जरिए राज्य में सत्तारूढ़ दल को जवाब दिया है।
तृणमूल के ‘तिहाड़े बोसेई खेला हाबे’ (खेल तिहाड़ जेल से खेला जाएगा) पोस्टर के स्पष्ट जवाब में भाजपा ने बीरभूम लोकसभा सीट के तहत दुबराजपुर में एक भित्ति चित्र बनाया है, जिसमें कहा गया, ‘खेलते-खेलते तिहाड़ गेले संगे नीये मेये’ , बाकिरा सोब बोसे आछे तोमर दिके छेये’ (आप और आपकी बेटी तिहाड़ जेल गए, अब अन्य लोग आपके पास आने का इंतजार कर रहे हैं)।
इस भित्ति चित्र में बीरभूम में जेल में बंद तृणमूल के नेता अनुब्रत मंडल और उनकी बेटी के चेहरे दिखाए गए हैं।
भाषा सिम्मी