अदालत ने फरवरी 2020 के दंगों के आरोपी शफा उर रहमान को पांच दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दी
देवेंद्र अविनाश
- 29 Jan 2025, 08:23 PM
- Updated: 08:23 PM
नयी दिल्ली, 29 जनवरी (भाषा) दिल्ली की एक अदालत ने बुधवार को फरवरी 2020 के दंगों के आरोपी शफा उर रहमान को आगामी विधानसभा चुनाव लड़ने और प्रचार करने के लिए पांच दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दे दी।
‘कस्टडी पैरोल’ के दौरान आरोपी अत्यावश्यक कारणों से जेल से बाहर तो आता है लेकिन वह हमेशा पुलिस की हिरासत में ही होता है।
अतिरिक्त सत्र न्यायाधीश समीर बाजपेयी ने चार सप्ताह के लिए अंतरिम जमानत दिये जाने के अनुरोध संबंधी रहमान की याचिका पर सुनवाई की। याचिका में कहा गया है कि एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रहमान को आगामी चुनावों के लिए प्रचार करना है।
विशेष सरकारी वकील अमित प्रसाद ने दलील दी कि चुनाव के वास्ते प्रचार करना अंतरिम जमानत देने के लिए अनुचित आधार है और रहमान को केवल ‘कस्टडी पैरोल’ पर ही रिहा किया जा सकता है।
अदालत ने कहा कि उच्चतम न्यायालय ने 28 जनवरी को आम आदमी पार्टी (आप) के पूर्व पार्षद एवं सह-आरोपी ताहिर हुसैन को चुनाव प्रचार के लिए छह दिन की ‘कस्टडी पैरोल’ दी थी।
अदालत ने कहा, ‘‘हालांकि वर्तमान मामला और वह मामला जिसमें सह-अभियुक्त मोहम्मद ताहिर हुसैन को उच्चतम न्यायालय द्वारा ‘कस्टडी पैरोल’ दी गई है, दोनों बिल्कुल अलग-अलग हैं। फिर भी जब उच्चतम न्यायालय ने सह-अभियुक्त की अंतरिम जमानत अस्वीकार कर दी है और उसे केवल ‘कस्टडी पैरोल’ दी है, तो इस अदालत को भी उसी का अनुसरण करना चाहिए।’’
अदालत ने सुरक्षा व्यय के रूप में 2.07 लाख रुपये जमा करने पर 30 जनवरी से तीन फरवरी तक प्रतिदिन 12 घंटे के लिए उनकी रिहाई का निर्देश दिया।
एआईएमआईएम के टिकट पर चुनाव लड़ रहे रहमान को यह भी आदेश दिया गया कि वह अपने प्रचार अभियान, भाषण या संवाददाता सम्मेलनों में अपने लंबित मामलों पर कोई टिप्पणी न करें।
अदालत ने रहमान को अपने जामिया नगर स्थित घर में रहने, पार्टी कार्यालय जाने, बैठकों में शामिल होने, दस्तावेजों पर हस्ताक्षर करने और अपने चुनाव प्रचार अभियान से जुड़े प्रबंधकों और अधिवक्ताओं से मिलने की अनुमति दी।
अदालत ने जेल अधीक्षक और संबंधित पुलिस उपायुक्त (डीसीपी) को पांच दिन के लिए उसकी ‘कस्टडी पैरोल’ के खर्चों को पूरा करने के लिए ‘‘सटीक राशि’’ प्रदान करने का निर्देश दिया।
असदुद्दीन ओवैसी के नेतृत्व वाली ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहाद-उल-मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) ने दिल्ली विधानसभा चुनाव में रहमान को ओखला निर्वाचन क्षेत्र से अपना उम्मीदवार घोषित किया है।
दिल्ली की 70 सदस्यीय विधानसभा के लिए पांच फरवरी को मतदान होगा जबकि आठ फरवरी को मतगणना की जाएगी।
रहमान और कई अन्य लोगों पर फरवरी 2020 के दंगों की व्यापक साजिश के कथित ‘‘साजिशकर्ता’’ होने के लिए भारतीय दंड संहिता (आईपीसी) के अलावा कड़े यूएपीए (गैरकानूनी गतिविधियां (रोकथाम) अधिनियम) प्रावधानों के तहत मामला दर्ज किया गया था। इन दंगों में 53 लोगों की मौत हुई थी और 700 से अधिक घायल हुए थे।
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