हरियाणा के पानी में ‘जहर मिलाने’ के आरोप पर केजरीवाल को प्रचार से रोके निर्वाचन आयोग : भाजपा
प्रशांत अविनाश
- 28 Jan 2025, 09:24 PM
- Updated: 09:24 PM
(तस्वीरों के साथ)
नयी दिल्ली, 28 जनवरी (भाषा) आम आदमी पार्टी (आप) प्रमुख अरविंद केजरीवाल पर भारत के संघीय ढांचे के लिए खतरनाक बयान देने का आरोप लगाते हुए भारतीय जनता पार्टी (भाजपा) ने मंगलवार को निर्वाचन आयोग से आग्रह किया कि वह पूर्व मुख्यमंत्री के इस आरोप के लिए उन्हें चुनाव प्रचार करने से रोके कि हरियाणा यमुना के पानी में जहर मिला रहा है।
केंद्रीय मंत्रियों निर्मला सीतारमण और भूपेंद्र यादव तथा हरियाणा के मुख्यमंत्री नायब सिंह सैनी सहित भाजपा के एक प्रतिनिधिमंडल ने निर्वाचन आयोग के तीनों सदस्यों से मुलाकात की और उनसे अनुरोध किया कि वे आप नेता से उनके आरोप वापस लेने और लोगों में ‘आतंक’ पैदा करने के लिए माफी मांगने को कहें।
उन्होंने उनके खिलाफ कानूनी कार्रवाई की भी मांग की।
भाजपा प्रवक्ता सुधांशु त्रिवेदी ने कहा कि यहां तक कि पाकिस्तान ने भी युद्ध के दौरान भारत के खिलाफ ऐसा आरोप नहीं लगाया। उन्होंने दावा किया कि केजरीवाल ने अपनी विफलताओं को छिपाने के लिए निम्न स्तरीय दावा किया है और उन्हें दिल्ली विधानसभा चुनावों में अपनी पार्टी की आसन्न हार का आभास हो गया है।
सीतारमण ने संवाददाताओं से कहा कि देश में एक पूर्व मुख्यमंत्री दूसरे मुख्यमंत्री पर ऐसे कृत्य का आरोप कैसे लगा सकता है जो कहीं न कहीं “नरसंहार से संबंधित” है।
उन्होंने कहा कि केजरीवाल ने जो कहा है वह अनुचित, गैरजिम्मेदाराना और चुनाव आचार संहिता का उल्लंघन है।
केजरीवाल ने सोमवार को आरोप लगाया था कि हरियाणा में सत्तारूढ़ भाजपा पानी में जहर मिलाकर उसे दिल्ली भेज रही है। उन्होंने एक्स पर कहा, “अगर दिल्ली में लोग यह पानी पीएंगे तो कई लोग मर जाएंगे। क्या इससे ज्यादा घिनौना कुछ हो सकता है?”
वह दिल्ली की मुख्यमंत्री आतिशी के इस आरोप पर प्रतिक्रिया दे रहे थे कि हरियाणा सरकार “जानबूझकर” औद्योगिक अपशिष्ट को यमुना में बहा रही है, जहां से राष्ट्रीय राजधानी अपना पानी लेती है।
सीतारमण ने पलटवार करते हुए कहा कि उनका दावा भारत के संघीय ढांचे और चुनावी राजनीति के लिए खतरनाक है
उन्होंने कहा, “जो स्वयं को अराजकतावादी कहता है, उसके लिए यह खतरनाक नहीं है। उसके लिए गैर-जिम्मेदाराना बातें करना आसान है।”
सीतारमण ने कहा कि उन्होंने जो कहा है उससे दिल्ली की जनता के मन में डर पैदा हो गया है।
उन्होंने कहा कि किसी कार्यरत मुख्यमंत्री के खिलाफ इससे अधिक गैरजिम्मेदाराना बयान नहीं हो सकता, जो किसी ऐसे व्यक्ति द्वारा दिया गया हो जो हाल तक मुख्यमंत्री के पद पर था।
उन्होंने कहा कि भाजपा प्रतिनिधिमंडल ने आयोग से सख्त कार्रवाई करने का आग्रह किया ताकि केजरीवाल अब दिल्ली में चुनाव प्रचार न कर सकें।
उन्होंने कहा कि आचार संहिता को पूरी ताकत से लागू करना होगा, अन्यथा लोगों में निर्वाचन आयोग के प्रति कोई सम्मान और भय नहीं रहेगा। उन्होंने कहा कि निर्वाचन आयोग ने उन्हें कड़ी कार्रवाई का आश्वासन दिया है।
उन्होंने संवाददाताओं से कहा कि सैनी ने हरियाणा के अपमान के लिए आयोग के समक्ष अपनी पीड़ा व्यक्त की और केजरीवाल के दावे से उत्पन्न पीड़ा को लेकर वह सो नहीं सके।
निर्वाचन आयोग को दिए गए भाजपा के ज्ञापन में कहा गया है कि केजरीवाल ने इस तरह के ‘जहर’ के आरोपों का कोई सबूत या आधार पेश नहीं किया है।
इसमें कहा गया, “बिना किसी सबूत के दिए गए ऐसे भड़काऊ बयान चुनावी नैतिकता के अलावा कई चुनावी और अन्य कानूनों का गंभीर उल्लंघन हैं। ये आरोप विशेष रूप से चिंताजनक हैं क्योंकि इनमें सार्वजनिक स्वास्थ्य और सुरक्षा का मामला शामिल है, जिससे लाखों दिल्ली निवासियों में अनावश्यक घबराहट पैदा हो सकती है।”
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