एनआईए अधिकारियों पर हमला : तृणमूल कांग्रेस की दो सदस्यीय टीम कल जाएगी भूपतिनगर
धीरज वैभव
- 06 Apr 2024, 08:41 PM
- Updated: 08:41 PM
कोलकाता, छह अप्रैल (भाषा) पश्चिम बंगाल में सत्तारूढ़ तृणमूल कांग्रेस का दो सदस्यीय प्रतिनिधिमंडल सात अप्रैल (रविवार) को पूर्वी मेदिनीपुर जिले के भूपतिनगर का दौरा करेगा।
भूपतिनगर में 2022 में हुए एक धमाके के मामले में दो प्रमुख साजिशकर्ताओं को गिरफ्तार करने गई राष्ट्रीय अन्वेषण अभिकरण (एनआईए) की टीम पर भीड़ ने हमला कर दिया था।
मुख्यमंत्री और तृणमूल कांग्रेस अध्यक्ष ममता बनर्जी ने एनआईए अधिकारियों पर भूपतिनगर में ग्रामीणों पर हमला करने का आरोप लगाया है।
बनर्जी ने ग्रामीणों की कार्रवाई का बचाव करते हुए कहा कि उन्होंने आत्मरक्षा में प्रतिक्रिया दी। उन्होंने दावा किया कि एनआईए के अधिकारी ‘‘2022 में पटाखा विस्फोट’’ से जुड़ी एक घटना को लेकर तड़के कई घरों में घुस गए थे।
तृणमूल कांग्रेस के मुताबिक पार्टी नेता कुणाल घोष, राज्य की वरिष्ठ मंत्री चंद्रिमा भट्टाचार्य के साथ रविवार को गिरफ्तार नेताओं के परिवारों सहित ग्रामीणों के साथ बातचीत करने के लिए क्षेत्र का दौरा करेंगे और फिर भूपतिनगर के अंतर्गत भगवानपुर में एक जनसभा करेंगे।
घोष ने बताया कि वे बाद में पार्टी को अपनी रिपोर्ट सौंपेंगे।
राज्य के वरिष्ठ मंत्री ब्रत्य बसु ने केंद्र की भाजपा सरकार पर ज्यादती करने का आरोप लगाते हुए कहा कि उनका मानना है कि बंगाल में सत्तारूढ़ दल के धैर्य की परीक्षा ली जा रही है।
बसु ने बताया किया कि पार्टी ने ‘‘भाजपा द्वारा केंद्रीय एजेंसियों के उपयोग’’ की शिकायत करने के लिए नयी दिल्ली में निर्वाचन आयोग की पूर्ण पीठ के साथ एक बैठक का अनुरोध किया है।
भाजपा प्रवक्ता सामिक भट्टाचार्य ने पलटवार करते हुए मुख्यमंत्री की टिप्पणी की आलोचना की। उन्होंने कहा कि यह धमाकों की एनआईए जांच के प्रति सम्मान नहीं होने को इंगित करता है एवं राज्य और देश की सुरक्षा के लिए चिंता पैदा करता है।
भाजपा सांसद और बर्धमान-दुर्गापुर लोकसभा सीट से पार्टी उम्मीदवार दिलीप घोष ने कहा कि यह हमला उस प्रवृत्ति का हिस्सा है जहां राज्य में सत्तारूढ़ दल के नेताओं के ‘गलत कार्यो’ की जांच में बाधा डालने के लिए स्वतंत्र एजेंसियों के कर्मियों पर हमला किया जाता है।
घोष ने कहा, ‘‘तृणमूल कांग्रेस ने संदेशखालि में प्रवर्तन निदेशालय के कर्मियों पर भी इसी तरह के हमलों के लिए लोगों को उकसाया था। लंबे समय तक फरार रहे हमले के अपराधियों को गिरफ्तार कर लिया गया। संघीय एजेंसी के कर्मियों के खिलाफ लोगों को भड़काने के लिए ग्रामीणों के एक वर्ग का इस्तेमाल करना तृणमूल की पहचान बन गई है।’’
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष शुभेंदु अधिकारी ने निर्वाचन आयोग से कुछ पुलिस अधिकारियों के खिलाफ कार्रवाई करने का आग्रह किया और आरोप लगाया कि ममता बनर्जी के बार-बार उकसाने से एनआईए अधिकारियों पर हमले बढ़े हैं।
अधिकारी ने सोशल मीडिया मंच ‘एक्स’ पर पोस्ट किया,‘‘पश्चिम बंगाल की कानून व्यवस्था पूरी तरह से चरमरा गई है और चूंकि प्रशासन पर नियंत्रण अभी निर्वाचन आयोग का है, इसलिए अब समय आ गया है जब आयोग को भूपतिनगर पुलिस थाना के प्रभारी अधिकारी, एसडीपीओ कोंटाई,पूर्वी मेदिनीपुर जिले के एसपी और पश्चिम बंगाल पुलिस के महानिदेशक के खिलाफ उचित कार्रवाई करनी चाहिए।’’
भाषा धीरज