नागालैंड सरकार ने टीबी उन्मूलन के लिए सभी हितधारकों से सहयोग की अपील की
राखी नरेश
- 27 Jan 2025, 06:17 PM
- Updated: 06:17 PM
कोहिमा, 27 जनवरी (भाषा) नागालैंड सरकार ने सोमवार को सभी हितधारकों से आग्रह किया कि वे राज्य से टीबी (क्षय रोग) उन्मूलन के लिए प्रयास करें।
मुख्य सचिव जे आलम ने सभी जिला उपायुक्तों से समीक्षा बैठकें आयोजित करने, स्थानीय सिविल सोसायटी संगठनों, चर्च नेताओं और अन्य प्रभावशाली सामुदायिक सदस्यों के साथ सहयोग करने और टीबी उन्मूलन के लक्ष्यों को प्राप्त करने के लिए रणनीति तैयार करने का आग्रह किया।
प्रधानमंत्री द्वारा 7 दिसंबर, 2024 को शुरू किए गए 100 दिवसीय टीबी उन्मूलन अभियान की बैठक के दौरान यह अपील की गई।
आलम ने बताया कि देशभर के 347 जिलों में नागालैंड के तीन जिले - कोहिमा, मोन और वोखा को उच्च टीबी मामलों वाले जिलों के रूप में चिह्नित किया गया है।
आलम ने कहा, “यह अभियान हमारे लिए महत्वपूर्ण है क्योंकि बिना इलाज के टीबी संक्रामक होने के साथ-साथ घातक भी हो सकती है।” उन्होंने शुरुआती हस्तक्षेप की आवश्यकता पर बल दिया ताकि जटिलताओं को रोकने के साथ ही उपचार लागत को कम किया जा सके।
स्वास्थ्य और परिवार कल्याण विभाग के आयुक्त सचिव अनूप खिंची ने बताया कि देश में हर साल 28 लाख नए टीबी के रोगी सामने आते हैं और यह बीमारी हर साल लगभग 3.5 लाख मौतों का कारण बनती है।
उन्होंने टीबी और कुपोषण के बीच के संबंध पर जोर देते हुए कहा कि टीबी रोगियों के लिए पोषण में सुधार से उपचार के परिणाम बेहतर होते हैं।
खिंची ने कहा, “भारत सरकार निक्षय पोषण योजना के माध्यम से टीबी रोगियों को मासिक 1000 रुपये की वित्तीय सहायता भी प्रदान कर रही है।”
उन्होंने समुदाय के सदस्यों से रोगियों के पोषण समर्थन में योगदान करने का आग्रह किया ताकि उपचार पूरा हो सके।
अभियान के उद्देश्यों में टीबी रोगियों की पहचान तेज करना, मृत्यु दर को कम करना और नए टीबी के मामलों को रोकना शामिल है। उच्च प्रचलन वाले जिलों जैसे कोहिमा, मोन और वोखा में ज्यादा ध्यान देने की जरुरत है। साथ ही अभियान के तहत एक्स-रे स्क्रीनिंग, आणविक परीक्षण और आउटरीच गतिविधियों के माध्यम से टीबी के रोगियों की पहचान और इलाज को प्रमुखता दिए जाने की आवश्यकता है।
राष्ट्रीय टीबी उन्मूलन कार्यक्रम की राज्य कार्यक्रम अधिकारी डॉ. वेजोखोलु थयो ने समुदाय की भागीदारी पर जोर दिया और 'निक्षय पोषण योजना' के तहत संसाधनों के दान को प्रोत्साहित करने की आवश्यकता बताई। उन्होंने कहा कि यह अभियान वैश्विक सतत विकास लक्ष्यों के अनुरूप है और टीबी के खिलाफ लड़ाई में किसी को पीछे नहीं छोड़ेगा।
भाषा राखी