नर्सिंग अधिकारी की नियुक्ति के मुद्दे पर कांग्रेस ने केरल में वाम सरकार पर हमला बोला
सुरेश रंजन
- 06 Apr 2024, 07:45 PM
- Updated: 07:45 PM
कोझिकोड (केरल), छह अप्रैल (भाषा) केरल कांग्रेस ने राज्य की वाम सरकार पर शनिवार को निशाना साधते हुए उसपर उस महिला नर्सिंग अधिकारी के प्रति अन्याय करने का आरोप लगाया, जिसने यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के एक कर्मचारी द्वारा कथित यौन उत्पीड़न की शिकार महिला के पक्ष में गवाही दी थी।
विधानसभा में नेता प्रतिपक्ष वी डी सतीसन ने आरोप लगाया कि राज्य सरकार और इसके स्वास्थ्य मंत्री के रुख से संकेत मिलता है कि वे उन लोगों को बचा रहे हैं जिन्होंने पीड़िता को डराने की कोशिश की थी।
सतीसन ने दलील दी कि स्वास्थ्य मंत्री वीणा जॉर्ज को पीड़िता और नर्सिंग अधिकारी के साथ खड़ा होना चाहिए था।
नेता प्रतिपक्ष का यह आरोप केरल उच्च न्यायालय के निर्देश के बावजूद नियुक्ति न दिए जाने को लेकर नर्सिंग अधिकारी- पी बी अनीता- द्वारा एक अप्रैल से सरकारी मेडिकल कॉलेज अस्पताल के बाहर विरोध प्रदर्शन के मद्देनजर आया।
अनीता ने इडुक्की के एक सरकारी मेडिकल कॉलेज में अपने स्थानांतरण के खिलाफ फरवरी में केरल उच्च न्यायालय का रुख किया था।
उच्च न्यायालय ने कहा था कि जब सरकार कोझिकोड में मेडिकल कॉलेज के कुछ अन्य कर्मचारियों के खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई शुरू कर रही थी, तो उनके खिलाफ ऐसी कोई कार्रवाई नहीं की गई थी।
अदालत ने कहा था, ‘‘वैसे भी, यदि याचिकाकर्ता (अनीता) की ओर से अपना कर्तव्य निभाने में कोई लापरवाही हुई है, तो आवश्यक रूप से उनके खिलाफ अनुशासनात्मक कार्रवाई की जानी चाहिए थी। लेकिन किसी के पास ऐसा कोई मामला नहीं है जिससे याचिकाकर्ता के खिलाफ कोई अनुशासनात्मक कार्रवाई का आधार बनता हो।’’
अदालत ने कहा, ‘‘ऐसा प्रतीत होता है कि स्थानांतरण जारी जांच का नतीजा है, जब याचिकाकर्ता को मेडिकल कॉलेज, कोझिकोड से मेडिकल कॉलेज, इडुक्की में स्थानांतरित किया गया है, तो इसका मतलब है कि यह तबादला किसी प्रशासनिक आवश्यकता के लिए नहीं, बल्कि सजा के तौर पर किया गया है, वह भी बिना कोई उचित जांच किए।’’
यद्यपि अदालत ने संकेत दिया था कि वह उनके स्थानांतरण आदेश को रद्द करने की इच्छुक है, लेकिन उसने ऐसा करने से परहेज किया, क्योंकि उनकी जगह पहले ही किसी और को नियुक्त किया जा चुका था।
इसके बजाय, अदालत ने निर्देश दिया कि अनीता को एक अप्रैल को कोझिकोड मेडिकल कॉलेज में निकलने वाली रिक्ति पर नियुक्त किया जाए।
अदालत ने कहा था, "हम यह स्पष्ट करते हैं कि विवादित आदेश (स्थानांतरण का) याचिकाकर्ता के सेवा रिकॉर्ड में प्रतिकूल निष्कर्ष या रिपोर्ट के रूप में प्रतिबिंबित नहीं होगा।"
अनीता ने इलेक्ट्रॉनिक मीडया के बताया कि जब वह एक अप्रैल को अस्पताल गई, तो उन्हें बताया गया कि सरकार की ओर से अभी तक कोई नियुक्ति आदेश नहीं आया है और इसलिए उन्होंने अस्पताल के बाहर विरोध करने का फैसला किया है।
विरोध जारी रहने पर, जॉर्ज ने शुक्रवार को संवाददाताओं से कहा कि चिकित्सा शिक्षा निदेशक (डीएमई) द्वारा दी गई एक रिपोर्ट के आधार पर अनीता के खिलाफ कार्रवाई की गई थी।
इस बीच, सरकार ने यहां सरकारी मेडिकल कॉलेज में अनीता को नियुक्त करने के निर्देश के खिलाफ उच्च न्यायालय में एक पुनरीक्षण याचिका दायर की है, जबकि नर्सिंग अधिकारी ने अपनी नियुक्ति न होने पर अवमानना मामला दायर किया है।
उन्होंने आज टीवी चैनलों से कहा, ''नियुक्ति का आदेश मिलने के बाद ही मैं अपना विरोध समाप्त करूंगी।''
भाषा सुरेश